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कांग्रेस का RSS पर तीखा हमला: पवन खेड़ा बोले — 'टू-नेशन थ्योरी RSS की विचारधारा थी'

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कांग्रेस का RSS पर तीखा हमला: पवन खेड़ा बोले — 'टू-नेशन थ्योरी RSS की विचारधारा थी'

सारांश

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर कांग्रेस ने RSS पर ऐतिहासिक आरोपों की बौछार की। पवन खेड़ा ने टू-नेशन थ्योरी, तिरंगे के विरोध और संविधान की प्रतियाँ जलाने जैसे गंभीर आरोप लगाए — और सरकार की विदेश नीति पर भी निशाना साधा।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने 14 अगस्त को RSS पर कड़े ऐतिहासिक आरोप लगाए।
खेड़ा ने आरोप लगाया कि 'टू-नेशन थ्योरी' RSS की वैचारिक धारा से जुड़ी थी और वैचारिक गुरुओं ने इसे आगे बढ़ाया।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी पर आरोप — कथित तौर पर भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान लिखित रूप में अंग्रेजों का समर्थन।
खेड़ा ने विदेश मंत्री एस.
जयशंकर को 'कठपुतली' बताया; टैरिफ और रूसी तेल पर सरकार को घेरा।
अधीर रंजन चौधरी ने इटली की PM जॉर्जिया मेलोनी के संदर्भ पर सतर्क प्रतिक्रिया दी।

कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने 14 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर कड़े आरोप लगाए, जो लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की RSS-संबंधी टिप्पणी के समर्थन में आए। खेड़ा ने कहा कि देश के इतिहास से जुड़े तथ्यों को बार-बार दोहराने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए, क्योंकि ये तथ्य स्वयं बोलते हैं।

RSS पर ऐतिहासिक आरोप

खेड़ा ने आरोप लगाया कि 'टू-नेशन थ्योरी' (दो-राष्ट्र सिद्धांत) RSS की वैचारिक धारा से जुड़ी रही है और संगठन के वैचारिक गुरुओं ने इस विचार को आगे बढ़ाया। उन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान तत्कालीन नेता श्यामा प्रसाद मुखर्जी की भूमिका का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने लिखित रूप में अंग्रेजों का समर्थन किया था। RSS की ओर से इन आरोपों पर कोई तत्काल प्रतिक्रिया नहीं आई।

खेड़ा ने यह भी आरोप लगाया कि RSS ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के कार्यों में बाधा डाली, तिरंगे का विरोध किया और संविधान की प्रतियाँ जलाईं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस के पास इतिहास से जुड़े ऐसे अनेक उदाहरण हैं और यदि RSS बार-बार यह सुनना चाहता है, तो कांग्रेस यही कहती रहेगी।

प्रधानमंत्री और विदेश नीति पर निशाना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर पूछे गए सवाल पर खेड़ा ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को 'कठपुतली' बताया। उनका तर्क था कि चूँकि प्रधानमंत्री स्वयं हर उपलब्धि का श्रेय लेते हैं और विदेशी नेताओं से मुलाकात करते हैं, इसलिए कांग्रेस की आलोचना का केंद्र प्रधानमंत्री ही रहेंगे।

खेड़ा ने आरोप लगाया कि सरकार टैरिफ और रूसी तेल समेत विभिन्न मुद्दों पर अमेरिका और चीन के सामने झुक रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कुछ वर्ष पहले दावा किया जाता था कि प्रधानमंत्री ने युद्ध रुकवा दिया था, लेकिन अब वह भूमिका कहीं दिखाई नहीं देती।

प्रवासी भारतीयों और नागरिक हितों पर सवाल

कांग्रेस सांसद ने विदेश यात्राओं के दौरान प्रधानमंत्री की गतिविधियों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ प्रधानमंत्री प्रवासी भारतीयों के कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हैं, जबकि दूसरी तरफ भारतीय नागरिकों को विदेशों में लंबी कतारों और कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। खेड़ा ने सरकार से विदेश नीति और भारतीय नागरिकों के हितों पर स्पष्ट जवाबदेही की माँग की।

अधीर रंजन चौधरी का बयान

वहीं, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने 'रचनात्मक कांग्रेस' कार्यक्रम में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का जिक्र होने पर कहा कि उन्हें इस विषय में अधिक जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, 'मेलोनी इटली की प्रधानमंत्री हैं और मोदी जी भारत से हैं — बस इतना ही मुझे पता है। कभी हम मेलोनी सुनते हैं, कभी मेलोडी — इसका मतलब यह नहीं कि हमें किसी के खिलाफ कुछ कहना चाहिए।'

यह बयानबाज़ी ऐसे समय में आई है जब स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राजनीतिक तापमान चरम पर है और विपक्ष सरकार को कई मोर्चों पर घेरने की कोशिश में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार आरोपों की तीव्रता और विस्तार उल्लेखनीय है। टू-नेशन थ्योरी और संविधान-प्रतियाँ जलाने जैसे आरोप दशकों पुराने विवादों को फिर केंद्र में ला देते हैं — जिन पर RSS की ओर से खंडन भी उतना ही पुराना है। असली सवाल यह है कि क्या यह बहस नीतिगत जवाबदेही की जगह लेती है — विदेश नीति, रोज़गार और नागरिक सेवाओं पर ठोस सवाल पीछे छूट जाते हैं। जयशंकर को 'कठपुतली' कहना और मेलोनी-प्रसंग पर चौधरी की असहजता — दोनों मिलकर दिखाते हैं कि विपक्ष की आक्रामकता अभी भी एकसूत्र नहीं है।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पवन खेड़ा ने RSS पर क्या आरोप लगाए?
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि 'टू-नेशन थ्योरी' RSS की वैचारिक धारा से जुड़ी थी, RSS ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के कार्यों में बाधा डाली, तिरंगे का विरोध किया और संविधान की प्रतियाँ जलाईं। उन्होंने यह भी कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने कथित तौर पर भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान लिखित रूप में अंग्रेजों का समर्थन किया था।
राहुल गांधी की किस टिप्पणी के समर्थन में खेड़ा बोले?
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने RSS को लेकर कुछ टिप्पणियाँ की थीं, जिनके समर्थन में कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने 14 अगस्त को संगठन पर ऐतिहासिक आरोपों की विस्तृत सूची प्रस्तुत की। खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस के पास इतिहास से जुड़े कई उदाहरण हैं।
कांग्रेस ने सरकार की विदेश नीति पर क्या सवाल उठाए?
पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि सरकार टैरिफ और रूसी तेल जैसे मुद्दों पर अमेरिका और चीन के सामने झुक रही है। उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को 'कठपुतली' बताया और कहा कि प्रधानमंत्री विदेशी कार्यक्रमों में व्यस्त रहते हैं जबकि भारतीय नागरिक विदेशों में कठिन परिस्थितियों का सामना करते हैं।
अधीर रंजन चौधरी ने जॉर्जिया मेलोनी के संदर्भ पर क्या कहा?
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने 'रचनात्मक कांग्रेस' कार्यक्रम में मेलोनी का जिक्र होने पर कहा कि उन्हें इस बारे में अधिक जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि मेलोनी इटली की प्रधानमंत्री हैं और इसका मतलब यह नहीं कि किसी के खिलाफ कुछ कहा जाए।
यह बयानबाज़ी किस संदर्भ में आई?
यह बयान स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) की पूर्व संध्या पर आए, जब राजनीतिक माहौल गर्म था और विपक्ष सरकार को कई मोर्चों पर घेरने की कोशिश में था। कांग्रेस ने RSS के इतिहास और सरकार की विदेश नीति — दोनों को एक साथ निशाना बनाया।
राष्ट्र प्रेस
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