शाइना एनसी का राहुल गांधी पर हमला: 'सावन में मछली उत्सव मनाने वाले हिंदू-विरोधी'
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना सांसद शाइना एनसी ने 25 अगस्त को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि सावन के पवित्र महीने में मछली उत्सव मनाने वाले लोग स्वाभाविक रूप से हिंदू-विरोधी हैं। यह बयान असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा द्वारा राहुल गांधी को लेकर दिए गए बयान के समर्थन में आया।
राहुल गांधी पर सीधा हमला
शाइना एनसी ने कहा, 'जो लोग सावन के पवित्र महीने में मछली उत्सव मना रहे हैं, वे स्वाभाविक रूप से हिंदू-विरोधी हैं। राहुल गांधी ने केवल तुष्टिकरण की राजनीति की है।' उन्होंने आगे सवाल उठाया कि जब भी कोई महिला अपनी आवाज़ उठाती है, तो मनुस्मृति का संदर्भ देने की क्या ज़रूरत है। उनके अनुसार, कांग्रेस के पास महिलाओं को शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता देने का कोई ठोस एजेंडा, विज़न या योजना नहीं है।
सीजेपी के दिल्ली मार्च पर प्रतिक्रिया
5 सितंबर को नई दिल्ली में सिटीज़न्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) द्वारा प्रस्तावित शांतिपूर्ण मार्च पर शाइना एनसी ने संतुलित रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन करना नागरिकों का अधिकार है, लेकिन साथ ही पुलिस बल की भूमिका और संवेदनशीलता का भी सम्मान होना चाहिए। उनके अनुसार, सुरक्षाबल यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि कोई भी उपद्रवी या देश को अस्थिर करने वाला व्यक्ति सफल न हो।
'एक देश, एक चुनाव' पर विपक्ष को जवाब
कांग्रेस सांसद पी. चिदंबरम के 'एक देश, एक चुनाव' विरोधी बयान पर शाइना एनसी ने कहा कि यह नीति देश और जनता के हित में है। उन्होंने तर्क दिया कि बार-बार चुनाव होने से आचार संहिता लागू होती है, विकास कार्य रुकते हैं और करदाताओं का धन खर्च होता है। एक बार चुनाव होने के बाद सरकार को 5 वर्ष तक बिना बाधा के काम करने का अवसर मिलता है।
बेरोज़गारी के आँकड़ों पर प्रियंका गांधी को घेरा
प्रियंका गांधी वाड्रा के बेरोज़गारी संबंधी बयान पर शाइना एनसी ने कहा कि कांग्रेस के पास कोई ठोस डेटा नहीं है। उन्होंने आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) के आँकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वर्तमान में बेरोज़गारी दर 5.1% है, जो यूपीए शासनकाल में 6% की तुलना में कम है। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष रोज़गार के मुद्दे पर सरकार को लगातार घेर रहा है।