सलमान खान को धमकी की फर्जी साजिश: बांद्रा पुलिस ने 25 वर्षीय आरोपी को किया गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई के बांद्रा इलाके में बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को कथित तौर पर जान से मारने की धमकी देकर पैसे वसूलने की साजिश रचने के मामले में पुलिस ने 25 अगस्त 2026 को एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने संगठित अपराध गिरोह की आड़ में पूरी कहानी स्वयं गढ़ी थी और फर्जी व्हॉट्सऐप चैट के ज़रिए इसे असली दिखाने की कोशिश की।
मुख्य आरोपी और मामले की पृष्ठभूमि
बांद्रा पुलिस ने इस मामले में आसिफ मोहम्मद मुस्लिम राजा (उम्र 25 वर्ष) को आरोपी बनाया है। आसिफ मूल रूप से बिहार के सीवान जिले का निवासी है और घटना के समय बांद्रा, मुंबई में रह रहा था। उसने दावा किया था कि कुछ अज्ञात लोगों ने उसे पैसे और मोबाइल फोन दिए और उसे सलमान खान को धमकाने तथा शारीरिक नुकसान पहुँचाने की साजिश में शामिल किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जाँच शुरू की।
तकनीकी जाँच ने खोली पोल
जाँच के दौरान पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन की तकनीकी जाँच की। व्हॉट्सऐप चैट में यह पाया गया कि संदेश भेजने वाले और जवाब देने वाले दोनों के लिखने के तरीके और शब्दों में असामान्य समानता थी। इससे पुलिस को संदेह हुआ कि चैट किसी अन्य व्यक्ति ने नहीं, बल्कि आरोपी ने स्वयं तैयार की है। पुलिस ने उन स्थानों की भी जाँच की जहाँ आरोपी ने कथित तौर पर अज्ञात लोगों से मुलाकात का दावा किया था। सीसीटीवी फुटेज में ऐसी किसी मुलाकात का कोई साक्ष्य नहीं मिला, जिससे उसकी कहानी में कई विरोधाभास उजागर हुए।
आरोपी का कथित कबूलनामा और बरामदगी
दोबारा विस्तृत पूछताछ में आसिफ ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने सलमान खान को डराकर पैसे ऐंठने के इरादे से यह पूरी कहानी गढ़ी थी। पुलिस का दावा है कि उसने फर्जी पहचान बनाकर अलग-अलग नंबरों से व्हॉट्सऐप चैट तैयार की, ताकि साजिश असली लगे। जाँच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने चैट में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन को बांद्रा के समुद्र किनारे छिपा दिया था। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने दोनों फोन बरामद कर लिए और पंचनामा कार्रवाई के तहत जब्त किए। फर्जी चैट के स्क्रीनशॉट भी गवाहों की मौजूदगी में जब्त किए गए।
धनराशि का पता और कानूनी कार्रवाई
जाँच में पुलिस ने करीब ₹1.30 लाख की रकम का भी पता लगाया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने यह रकम बिहार के सीवान से PhonePe के ज़रिए मँगवाई और बांद्रा में एक मनी ट्रांसफर एजेंट के माध्यम से नकद हासिल की। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 336(3), 351(3), 353(2), 271, 340 और 248 के साथ-साथ आईटी एक्ट की धारा 66(C) और 66(D) के तहत मामला दर्ज किया है।
आगे की जाँच
फिलहाल बांद्रा पुलिस पूरे मामले की गहन जाँच कर रही है। जाँच एजेंसियाँ यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह कथित फर्जी धमकी और वसूली की साजिश आरोपी ने अकेले रची थी या इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भी संलिप्तता है। इस मामले का अंतिम परिणाम न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।