मुंबई पुलिस फर्जी बम धमकियों के मास्टरमाइंड से करेगी पूछताछ
सारांश
Key Takeaways
- श्रीनिवास लुईस की गिरफ्तारी से फर्जी धमकियों का नेटवर्क उजागर हुआ है।
- मुंबई पुलिस की तत्परता सुरक्षा के लिए आवश्यक है।
- आरोपी द्वारा डिजिटल पहचान छिपाने की कोशिशें की गईं।
- जांच में साइबर टीम महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
- फर्जी धमकियों के कारण सरकारी संस्थानों को कई बार खाली कराया गया।
मुंबई, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मुंबई सहित पूरे देश में 1100 से अधिक फर्जी धमकी भरे संदेश भेजकर आतंक फैलाने वाले 47 वर्षीय श्रीनिवास लुईस की गिरफ्तारी के बाद मुंबई क्राइम ब्रांच सतर्क हो गई है। अब जल्द ही मुंबई पुलिस श्रीनिवास लुईस की कस्टडी लेगी और उसकी पूछताछ करेगी।
असल में, देशभर में आतंक फैलाने के प्रयास में लिप्त श्रीनिवास लुईस को दिल्ली पुलिस ने कर्नाटक के मैसूर से गिरफ्तार किया। अब मुंबई पुलिस उसकी कस्टडी लेकर पूछताछ करेगी। जांच एजेंसियों को संदेह है कि पिछले तीन वर्षों में मुंबई और इसके आस-पास आए 100 से अधिक धमकी भरे ईमेल के पीछे भी यही आरोपी हो सकता है। इस मामले में क्राइम ब्रांच जल्द ही उसकी कस्टडी लेने की तैयारी कर रही है।
मुंबई पुलिस के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि उन्होंने दिल्ली पुलिस से संपर्क किया है और आरोपी के पुराने ईमेल पैटर्न, भाषा और तकनीकी संकेतों का मिलान किया जा रहा है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, अगर ठोस संबंध सामने आता है तो आरोपी को पूछताछ के लिए मुंबई लाया जाएगा।
इस साल 2023 से मुंबई में एक सीरियल ईमेल थ्रेट सक्रिय था, जो आरडीएक्स आधारित आईईडी लगाए जाने का दावा करता था। इन ईमेल्स के कारण कई बार सरकारी दफ्तरों और वित्तीय संस्थानों को खाली कराया गया, लेकिन बाद में सभी धमकियां फर्जी निकलीं। 18 मार्च को बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित रीजनल पासपोर्ट ऑफिस को भेजे गए एक ईमेल में 19 सायनाइड गैस बम लगाए जाने का दावा किया गया था, जिसमें दोपहर 1:30 बजे विस्फोट की चेतावनी दी गई थी। इसी तरह मई 2025 में पालघर कलेक्टर कार्यालय को भी आरडीएक्स हमले की धमकी मिली थी। इन मेल में साजिशी कहानियों के साथ दक्षिण भारतीय नेताओं, अभिनेताओं और यूट्यूबर्स के नामों का उपयोग कर एजेंसियों को गुमराह करने की कोशिश की गई थी।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अलग-अलग डिजिटल पहचान और स्पूफ्ड ईमेल आईडी का उपयोग करता था, जिससे उसकी पहचान छिपी रहे। साइबर टीम ईमेल हेडर, आईपी लॉग और रूटिंग पैटर्न का विश्लेषण कर रही है ताकि यह साबित किया जा सके कि मुंबई में भेजे गए धमकी भरे मेल और दिल्ली में पकड़े गए आरोपी के बीच सीधा संबंध है या नहीं।
पुलिस का मानना है कि आरोपी ने जानबूझकर हाई-प्रोफाइल संस्थानों को निशाना बनाया ताकि अधिकतम आतंक फैलाया जा सके। प्रारंभिक जांच में उसके मानसिक तनाव में होने की भी आशंका जताई गई है। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है।