2 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दिल्ली हाई कोर्ट और विधानसभा को भेजी गई फर्जी धमकियों के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया गया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दिल्ली हाई कोर्ट और विधानसभा को भेजी गई फर्जी धमकियों के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया गया

सारांश

दिल्ली पुलिस ने कर्नाटक के मैसूर से एक 47 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसने 1,000 से अधिक फर्जी धमकी भरे संदेश भेजे। यह मामला सुरक्षा एजेंसियों में हलचल मचा रहा था। जानें इसके पीछे की कहानी।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने एक बड़े फर्जी धमकी संदेश मामले में सफलता प्राप्त की।
आरोपी ने 1,000 से अधिक फर्जी संदेश भेजे थे।
फर्जी धमकियों से सुरक्षा एजेंसियों में हलचल मची थी।
आरोपी की पहचान श्रीनिवास लुइस के रूप में हुई है।
पुलिस अब आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है।

नई दिल्ली, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। देश में हड़कंप मचाने वाले फर्जी धमकी संदेशों के मामले में दिल्ली पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस ने कर्नाटक के मैसूर से एक 47 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसने कथित तौर पर 1,000 से अधिक फर्जी धमकी भरे संदेश भेजे थे।

आरोपी की पहचान श्रीनिवास लुइस के रूप में हुई है। उसे दिल्ली पुलिस ने मैसूर में उसके किराए के निवास से पकड़ा। इस ऑपरेशन को दिल्ली पुलिस और स्थानीय पुलिस ने मिलकर अंजाम दिया। अब आरोपी से गहन पूछताछ चल रही है ताकि इन फर्जी धमकियों के पीछे का सच उजागर किया जा सके।

पिछले कुछ सप्ताहों से देश के कई प्रमुख संस्थानों, अदालतों और सरकारी कार्यालयों को लगातार धमकी भरे संदेश प्राप्त हो रहे थे, जिससे सुरक्षा एजेंसियों में हलचल मची हुई थी। इन संदेशों में बम धमाकों जैसी गंभीर धमकियां दी जाती थीं। दिल्ली हाई कोर्ट, दिल्ली विधानसभा और कई शैक्षणिक संस्थानों को भी इन धमकियों का शिकार होना पड़ा। ऐसे मैसेज मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी जाती थी, जांच की जाती थी और लोगों में भय का माहौल बन जाता था।

हालांकि, बाद में जांच में ये सभी धमकियां फर्जी साबित हुईं। लेकिन तब तक पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को बहुत से संसाधन और समय खर्च करना पड़ता था। यही कारण है कि इस मामले को गंभीरता से लिया गया और आरोपी की तलाश शुरू की गई।

पुलिस के अनुसार, तकनीकी निगरानी और डिजिटल ट्रैकिंग के माध्यम से आरोपी श्रीनिवास लुइस तक पहुंचा गया। काफी समय से उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी, जिसके बाद उसे अंततः गिरफ्तार किया गया। अब पुलिस आरोपी से पूछताछ करने और आगे की कार्रवाई में जुटी है।

अधिकारियों का कहना है कि पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने इतनी बड़ी संख्या में फर्जी धमकी भरे संदेश क्यों भेजे। क्या इसके पीछे कोई व्यक्तिगत कारण था या फिर कोई और मकसद था, इसकी जांच जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भी दर्शाता है कि फर्जी धमकियों से सुरक्षा एजेंसियों पर कितना दबाव पड़ता है। आरोपी की गिरफ्तारी से यह स्पष्ट होता है कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां तकनीकी उपायों का उपयोग कर रही हैं।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस मामले में आरोपी कौन है?
आरोपी का नाम श्रीनिवास लुइस है, जो 47 वर्ष का है और कर्नाटक के मैसूर से गिरफ्तार किया गया है।
फर्जी धमकी संदेशों का उद्देश्य क्या था?
अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि आरोपी ने फर्जी धमकी संदेश क्यों भेजे, लेकिन पुलिस इसकी जांच कर रही है।
क्या ये धमकियाँ असली थीं?
जांच के बाद सभी धमकियाँ फर्जी निकलीं।
पुलिस ने आरोपी को कैसे पकड़ा?
पुलिस ने तकनीकी निगरानी और डिजिटल ट्रैकिंग के माध्यम से आरोपी तक पहुंच बनाई।
क्या इस मामले से जुड़े अन्य लोग हैं?
अभी पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या आरोपी के साथ कोई और लोग शामिल थे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 5 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 1 साल पहले