जयपुर CA अभिषेक जैन पर FIR: ₹23,956 करोड़ के विदेशी लेनदेन में 3,168 फर्जी सर्टिफिकेट का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
इनकम टैक्स विभाग ने जयपुर के चार्टर्ड अकाउंटेंट अभिषेक जैन के खिलाफ 25 अगस्त 2026 को एफआईआर दर्ज कराई है। आरोप है कि जैन ने आवश्यक दस्तावेज़ों की उचित जाँच किए बिना 3,168 फॉर्म 15सीबी सर्टिफिकेट जारी किए, जिनके आधार पर कथित तौर पर ₹23,956 करोड़ विदेश भेजे गए। यह मामला वित्तीय वर्षों 2021-22, 2022-23 और 2023-24 से जुड़ा है।
मामला कैसे सामने आया
18 अगस्त को इनकम टैक्स विभाग की जाँच शाखा ने जयपुर के पत्रकार कॉलोनी स्थित सीए अभिषेक जैन के कार्यालय का सर्वे किया। सर्वे के दौरान जब्त दस्तावेज़ों में विदेशी लेनदेन से संबंधित फॉर्म 15सीबी सर्टिफिकेट का विस्तृत ब्यौरा मिला, जिसने विभाग की आशंकाओं को बल दिया।
सर्वे के बाद इनकम टैक्स विभाग के डिप्टी डायरेक्टर मिंटू लाल मीणा ने पत्रकार कॉलोनी थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने जैन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
आरोपों का ब्यौरा
शिकायत के अनुसार, कथित तौर पर लगभग 40 फर्मों, कंपनियों और ट्रस्टों के माध्यम से यह विदेशी राशि भेजी गई, जिन्हें विभाग ने संदिग्ध या फर्जी बताया है। इनमें से कुछ संस्थाओं ने इनकम टैक्स रिटर्न तक दाखिल नहीं किया था, और उनकी कोई उल्लेखनीय व्यावसायिक गतिविधि या आय भी नहीं थी।
एफआईआर में विशेष रूप से उल्लेख है कि एक व्यक्ति के नाम पर कथित तौर पर ₹8,788 करोड़ और दूसरे व्यक्ति के नाम पर ₹9,775 करोड़ के लेनदेन हुए। विभाग ने एग्रीमेंट, बैंक खाता दस्तावेज़, टैक्स रेजिडेंसी सर्टिफिकेट और फॉर्म 10एफ के सत्यापन में गंभीर खामियाँ बताई हैं।
फॉर्म 15सीबी क्या होता है
फॉर्म 15सीबी एक चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा जारी किया जाने वाला आधिकारिक प्रमाण पत्र है, जो भारत से विदेश में धन भेजने की प्रक्रिया में टैक्स और टीडीएस की स्थिति को सत्यापित करता है। इसे जारी करने से पहले सीए की यह जिम्मेदारी होती है कि वह लेनदेन से जुड़े सभी वित्तीय दस्तावेज़ों की पूरी जाँच करे। आरोप है कि इस अनिवार्य प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
कानूनी धाराएँ और आगे की जाँच
एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 234, 229 और 35 लगाई गई हैं। पुलिस अब बैंक खातों, विदेशी लेनदेन के रिकॉर्ड, फॉर्म 15सीबी सर्टिफिकेट और संबंधित कंपनियों के दस्तावेज़ों की विस्तृत जाँच करेगी।
जाँच एजेंसियाँ यह भी पता लगाएँगी कि लेनदेन शुरू करने वाले व्यक्तियों और किसी बिचौलिए की इसमें क्या भूमिका थी। यह स्पष्ट करना ज़रूरी है कि ये सभी आरोप अभी शिकायत में दर्ज हैं और जाँच तथा न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इनकी पुष्टि हो सकेगी। सीए अभिषेक जैन को एफआईआर में मुख्य आरोपी बनाया गया है और जाँच जारी है।