'हर घर तिरंगा' पर प्रियांक खड़गे का BJP पर हमला: 'RSS हेडक्वार्टर से शुरू करो अभियान'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता और कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने 13 अगस्त 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 'हर घर तिरंगा' अभियान पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि BJP को यह अभियान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के नागपुर मुख्यालय से शुरू करना चाहिए। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर यह बयान राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।
प्रियांक खड़गे का मुख्य आरोप
खड़गे ने एक्स पर अपनी पोस्ट में दावा किया कि आजादी के बाद पाँच दशकों से अधिक समय तक RSS ने अपने नागपुर मुख्यालय पर भारत का राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया। उनके अनुसार, तिरंगा वहाँ आधिकारिक रूप से 2002 में ही फहराया गया। उन्होंने लिखा, 'हर भारतीय को देशभक्ति का पाठ पढ़ाने से पहले शायद BJP को पहले यह बताना चाहिए कि उसकी वैचारिक मूल संस्था ने तिरंगे के बजाय भगवा ध्वज को क्यों चुना और इतने लंबे समय तक उसके अपने हेडक्वार्टर से राष्ट्रीय ध्वज क्यों नदारद रहा।'
RSS के रूट मार्च पर सवाल
खड़गे ने आगे सवाल उठाया कि RSS के रूट मार्चों में स्वयंसेवक पूरी यूनिफॉर्म में तिरंगा लेकर मार्च नहीं करते। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, 'एक भी ऐसा मार्च नहीं देखा — और ये लोग हर किसी को 'देशभक्त' होने का सर्टिफिकेट बाँटते फिरते हैं।' यह बयान BJP और RSS के बीच वैचारिक रिश्ते को लेकर कांग्रेस की पुरानी आलोचना की कड़ी है।
BJP का 'हर घर तिरंगा' अभियान
दिल्ली BJP ने एक्स पर अपील की थी कि नागरिक स्वतंत्रता दिवस पर अपने घर, प्रतिष्ठान और कार्यस्थल पर तिरंगा फहराएँ और तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करें। पार्टी ने एक अन्य पोस्ट में कश्मीर की डल झील पर लहराते तिरंगे की तस्वीर साझा करते हुए इसे 'नए कश्मीर की नई पहचान' बताया। यह अभियान केंद्र सरकार की राष्ट्रभक्ति संचार रणनीति का हिस्सा है।
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि 'हर घर तिरंगा' अभियान पिछले कुछ वर्षों से स्वतंत्रता दिवस के इर्द-गिर्द BJP की प्रमुख जन-संपर्क पहल रही है। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष राष्ट्रवाद की परिभाषा और उसके राजनीतिक उपयोग पर सत्तापक्ष को घेरने की कोशिश कर रहा है। कांग्रेस के इस हमले को पार्टी की उस व्यापक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है जिसमें वह RSS की ऐतिहासिक भूमिका पर सवाल उठाकर BJP को रक्षात्मक स्थिति में लाना चाहती है।
आगे क्या
BJP की ओर से प्रियांक खड़गे के बयान पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर यह राजनीतिक विवाद और गहरा हो सकता है, क्योंकि दोनों पक्ष राष्ट्रीय प्रतीकों पर अपनी-अपनी दावेदारी पेश करने में जुटे हैं।