17 जुलाई 2026
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मानसून सत्र से पहले NDA का पलटवार: ललन सिंह और बघेल ने कांग्रेस के 'तोड़फोड़' आरोप किए खारिज

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मानसून सत्र से पहले NDA का पलटवार: ललन सिंह और बघेल ने कांग्रेस के 'तोड़फोड़' आरोप किए खारिज

सारांश

मानसून सत्र की दहलीज पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं। केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और एसपी सिंह बघेल ने कांग्रेस के 'तोड़फोड़' के आरोपों को तथ्यहीन बताया और कहा कि नेता मोदी की नीतियों से प्रभावित होकर स्वेच्छा से NDA में आ रहे हैं।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने 16 जुलाई को कांग्रेस के 'नेता तोड़ने' के आरोपों को 'बेबुनियाद और तथ्यहीन' करार दिया।
केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल ने कहा कि विपक्ष संसद की कार्यवाही बाधित करता है, रचनात्मक भूमिका नहीं निभाता।
बघेल ने हॉर्स ट्रेडिंग के आरोपों को नकारते हुए कहा कि सांसद प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों से प्रभावित होकर NDA में शामिल हो रहे हैं।
दोनों मंत्रियों का कहना है कि सांसद परिपक्व जनप्रतिनिधि हैं जो स्वेच्छा से राजनीतिक निर्णय लेते हैं।
संसद के मानसून सत्र 2025 से पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक तेज हो गई है।

संसद के मानसून सत्र 2025 की शुरुआत से पहले ही सियासी पारा चढ़ गया है। केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल ने 16 जुलाई को विपक्ष के उन आरोपों को सिरे से नकार दिया, जिनमें दावा किया गया था कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) क्षेत्रीय दलों के नेताओं को दबाव में तोड़ रहा है। दोनों मंत्रियों का कहना है कि सांसद स्वेच्छा से और अपनी राजनीतिक विचारधारा के आधार पर निर्णय लेते हैं।

ललन सिंह का पलटवार

केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि 'कांग्रेस पार्टी के आरोपों में कोई दम नहीं है और न ही कोई तथ्य है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि जो नेता अपनी पार्टी में असहज महसूस करते हैं, वे अपनी मर्जी से पार्टी छोड़ते हैं — इसमें किसी बाहरी दबाव या तोड़फोड़ की कोई भूमिका नहीं होती।

बघेल का विपक्ष पर हमला

केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल ने मानसून सत्र को लेकर विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष का रवैया 'हमेशा नकारात्मक' रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष रचनात्मक संसदीय भागीदारी के बजाय सदन की कार्यवाही बाधित करने में रुचि रखता है। बघेल ने कहा, 'पिछले कई सत्रों से मैं देख रहा हूँ कि वे सदन चलने नहीं देते। अगर वे सदन को सुचारु रूप से चलने दें, तो अपनी बात पूरे देश और दुनिया के सामने प्रभावी ढंग से रख सकते हैं।'

हॉर्स ट्रेडिंग के आरोपों पर सफाई

NDA पर दलबदल कराने और राजनीतिक दबाव बनाने के आरोपों को खारिज करते हुए बघेल ने कहा कि सांसद 'कोई मासूम बच्चे नहीं' बल्कि जनता द्वारा चुने गए परिपक्व जनप्रतिनिधि हैं। उनके अनुसार, नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों और विकास कार्यक्रमों से प्रभावित होकर स्वेच्छा से NDA में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि 'किसी को जबरन तोड़ा नहीं जा सकता।'

मानसून सत्र की पृष्ठभूमि

यह बयानबाजी ऐसे समय में आई है जब संसद का मानसून सत्र शुरू होने वाला है और विपक्षी दल INDIA गठबंधन के बिखराव की चर्चाएँ राजनीतिक गलियारों में गर्म हैं। गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में कई क्षेत्रीय दलों के नेताओं के NDA के प्रति झुकाव की खबरें सामने आई हैं, जिसे विपक्ष 'ऑपरेशन तोड़फोड़' का हिस्सा बताता रहा है। सत्ता पक्ष इन दावों को राजनीति से प्रेरित बताकर नकारता आया है। आने वाले दिनों में मानसून सत्र में यह मुद्दा संसद के भीतर भी गूँजने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो हाल के महीनों में क्षेत्रीय दलों से NDA की ओर आए नेताओं की संख्या इतनी एकतरफा क्यों है? विपक्ष की 'नकारात्मकता' की आलोचना भी उतनी ही पुरानी है जितना संसदीय गतिरोध — दोनों पक्ष एक-दूसरे पर बाधा का आरोप लगाते हैं, जबकि असली जवाबदेही सदन के भीतर उत्पादक बहस से तय होती है, बाहर प्रेस वार्ताओं से नहीं।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांग्रेस ने NDA पर क्या आरोप लगाए हैं?
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि NDA क्षेत्रीय दलों के नेताओं और सांसदों को दबाव में तोड़कर अपने साथ जोड़ रहा है। विपक्ष इसे 'हॉर्स ट्रेडिंग' और राजनीतिक दबाव की राजनीति बता रहा है।
ललन सिंह ने कांग्रेस के आरोपों पर क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा कि कांग्रेस के आरोपों में 'कोई दम नहीं और न ही कोई तथ्य है।' उनके अनुसार जो नेता अपनी पार्टी में असहज महसूस करते हैं, वे स्वेच्छा से पार्टी छोड़ते हैं — इसमें किसी बाहरी दबाव की भूमिका नहीं होती।
एसपी सिंह बघेल ने मानसून सत्र को लेकर विपक्ष पर क्या टिप्पणी की?
केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल ने कहा कि विपक्ष का रवैया 'हमेशा नकारात्मक' रहा है और वह रचनात्मक भूमिका निभाने के बजाय सदन की कार्यवाही बाधित करता है। उन्होंने कहा कि पिछले कई सत्रों से विपक्ष सदन को सुचारु रूप से चलने नहीं देता।
NDA में शामिल होने वाले नेताओं के बारे में बघेल का क्या कहना है?
बघेल ने कहा कि सांसद परिपक्व जनप्रतिनिधि हैं जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों और विकास कार्यक्रमों से प्रभावित होकर स्वेच्छा से NDA में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'किसी को जबरन तोड़ा नहीं जा सकता।'
संसद का मानसून सत्र 2025 कब शुरू होगा?
स्रोत में मानसून सत्र की सटीक तारीख का उल्लेख नहीं है, लेकिन यह बयानबाजी 16 जुलाई 2025 को सत्र शुरू होने से ठीक पहले हुई है। सत्र में विपक्ष-सत्ता पक्ष के बीच यह तनाव प्रमुख मुद्दा बनने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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