क्या सरकार ने नोटबंदी और जीएसटी से नुकसान किया?

सारांश
Key Takeaways
- पवन खेड़ा ने नोटबंदी और जीएसटी के प्रभाव को उजागर किया।
- अमेरिका द्वारा 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने का मुद्दा।
- सरकार की नीतियों की आलोचना।
- रविशंकर प्रसाद के बयान पर पवन खेड़ा की प्रतिक्रिया।
- जनता की आवाज़ को सुनने की आवश्यकता।
नई दिल्ली, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने अमेरिका द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने पर केंद्र सरकार पर गंभीर हमला किया। पवन खेड़ा ने कहा कि सरकार ने नोटबंदी और जीएसटी के द्वारा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने राष्ट्र प्रेस से खास बातचीत में कहा, "लोगों को उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री कुछ बोलेंगे। टैरिफ 50 प्रतिशत होने पर उन्होंने कोई भी कदम नहीं उठाया। अब वे 'मेड इन इंडिया' उत्पादों के उपयोग पर जोर दे रहे हैं।"
उन्होंने तंजनोटबंदी, जीएसटी और अन्य नीतियों से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बर्बाद कर दिया और अब वे कहते हैं कि "हिंदुस्तान में बनी वस्तुओं का उपयोग करो।" आपकी विदेश नीति और आर्थिक नीति को जनता समझ चुकी है। अब झूठ नहीं चलने वाला है।
उन्होंने भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद के इंडिया गठबंधन के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार पर दिए गए बयान पर कहा कि रविशंकर प्रसाद एक कानूनविद हैं, उन्हें जजमेंट पढ़ लेना चाहिए। जजमेंट में हर जगह माओवाद और नक्सलवाद के खिलाफ लिखा गया है। जब भाजपा ने जस्टिस रेड्डी को गोवा में लोकायुक्त बनाने के लिए अनुशंसा की, तो नक्सलवाद के मुद्दे को वे भूल जाते हैं। यह दोहरी नीति चलने वाली नहीं है।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, "तथ्य पेश कीजिए कि उस (कांग्रेस के) समय वोटों में हेराफेरी हुई थी। हमने पहले ही तथ्य पेश कर दिए थे। 7 अगस्त को राहुल गांधी ने एक ऐतिहासिक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और आपके सामने सब कुछ रख दिया। सिर्फ बयानबाजी से काम नहीं चलेगा। आप उस दौर के तथ्य भी पेश कीजिए।"