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शेर-ए-पंजाब टी20: अभिषेक शर्मा की सोच ने बदला खेल, सहज धवन बोले — 'गेंदबाजों पर अटैक करो'

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शेर-ए-पंजाब टी20: अभिषेक शर्मा की सोच ने बदला खेल, सहज धवन बोले — 'गेंदबाजों पर अटैक करो'

सारांश

अमृतसर सूरमाज ने शेर-ए-पंजाब टी20 का खिताब जीता, लेकिन असली कहानी मैदान के बाहर थी — अभिषेक शर्मा की 'गेंदबाजों पर अटैक करो' वाली मानसिकता ने पूरे ड्रेसिंग रूम को बदल दिया। सहज धवन की जुबानी, यह जीत सिर्फ रनों की नहीं, सोच की भी थी।

मुख्य बातें

अमृतसर सूरमाज ने 16 सितंबर को मोहाली में लुधियाना लायंस को आठ विकेट से हराकर शेर-ए-पंजाब टी20 लीग का खिताब जीता।
सलामी बल्लेबाज सहज धवन ने बताया कि अभिषेक शर्मा ने ड्रेसिंग रूम में आक्रामक और खुले दिमाग से खेलने की संस्कृति विकसित की।
फाइनल से पहले बारिश के कारण पिच गीली थी; अमृतसर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया।
चेज के दौरान नमन और जशन के जल्दी आउट होने पर ड्रेसिंग रूम से 'आखिर तक टिके रहो' का संदेश आया।
धवन और नमन दोनों फरीदकोट से हैं और अंडर-14 से साथ खेल रहे हैं।

अमृतसर सूरमाज के सलामी बल्लेबाज सहज धवन ने खुलासा किया कि शेर-ए-पंजाब टी20 लीग में टीम की जीत के पीछे सिर्फ मैदानी प्रदर्शन नहीं, बल्कि अभिषेक शर्मा की आक्रामक मानसिकता का भी बड़ा योगदान रहा। 16 सितंबर को मोहाली के आई.एस. बिंद्रा स्टेडियम में खेले गए फाइनल में अमृतसर ने लुधियाना लायंस को आठ विकेट से हराकर लीग का खिताब अपने नाम किया।

अभिषेक शर्मा का ड्रेसिंग रूम पर असर

धवन ने बताया कि अभिषेक की मौजूदगी ने पूरे दल में एक अलग जोश भर दिया। उन्होंने कहा, 'जब आप अभिषेक शर्मा जैसे खिलाड़ी के साथ ड्रेसिंग रूम शेयर करते हैं, तो आप बहुत कुछ सीखते हैं। उन्होंने ऐसा माहौल बनाने में मदद की जहाँ सभी को खुद को दिखाने और खुले दिमाग से खेलने के लिए बढ़ावा दिया गया। उनका संदेश साफ था — गेंदबाजों पर अटैक करें।'

गौरतलब है कि अभिषेक शर्मा भारतीय क्रिकेट के उभरते हुए आक्रामक बल्लेबाजों में से एक माने जाते हैं, और उनकी यह सोच युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है।

फाइनल में बारिश और टॉस का अहम रोल

फाइनल मुकाबले से पहले मोहाली में बारिश के कारण पिच थोड़ी गीली थी, जिसने परिस्थितियों को पेचीदा बना दिया। धवन ने बताया, 'विकेट थोड़ा गीला था क्योंकि दिन में पहले बारिश हुई थी। टॉस जीतना हमारे लिए एक प्लस पॉइंट था, इसलिए हमारी योजना उन्हें एक कम स्कोर पर रोकना था।'

अमृतसर सूरमाज ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया और लुधियाना लायंस को एक प्रबंधनीय लक्ष्य तक सीमित रखने में सफलता पाई।

चेज में दबाव और ड्रेसिंग रूम का संदेश

लक्ष्य का पीछा करते हुए अमृतसर की शुरुआत पूरी तरह सहज नहीं रही। नमन और जशन के जल्दी आउट होने से टीम पर दबाव आ गया। धवन ने बताया कि ऐसे नाजुक मौके पर ड्रेसिंग रूम से एक स्पष्ट संदेश आया।

उन्होंने कहा, 'जब हम बल्लेबाजी करने गए, तो मेरा प्लान खुले दिमाग से खेलने का था। मैंने शुरुआत में कुछ बाउंड्री लगाईं, लेकिन फिर नमन और जशन आउट हो गए। ड्रेसिंग रूम से मैसेज था कि आखिर तक टिके रहो। उन्होंने हमें अपना समय लेने के लिए कहा। हमें बस मैच पूरा करना था, और शुक्र है कि हमने ऐसा किया और जीत हासिल की।'

नमन के साथ खास दोस्ती की कहानी

धवन ने साथी खिलाड़ी नमन के साथ अपने पुराने रिश्ते का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया, 'नमन मेरा भाई है। हमने अंडर-14 एज ग्रुप में साथ में क्रिकेट खेलना शुरू किया था। हम दोनों फरीदकोट से हैं। हमारी बॉन्डिंग बहुत अच्छी है। मैच के दौरान भी, अगर मैं कुछ गलत कर रहा होता तो वह मुझे बताता था। हम लंबे समय से साथ खेल रहे हैं, इसलिए यह रिश्ता हमारी बॉन्डिंग को खास बनाता है।'

यह जीत अमृतसर सूरमाज के लिए ऐतिहासिक रही और टीम की एकजुटता तथा सकारात्मक मानसिकता का प्रमाण बनी। आने वाले सत्रों में यह युवा टीम पंजाब क्रिकेट के लिए एक मजबूत आधार तैयार कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह दर्शाता है कि राज्य लीगें अब सिर्फ प्रतिभा खोजने का मंच नहीं, बल्कि मानसिकता निर्माण का अखाड़ा भी बन रही हैं। सहज धवन जैसे युवाओं का यह बयान कि 'अभिषेक ने गेंदबाजों पर अटैक करने की सोच दी', मुख्यधारा की कवरेज में अक्सर अनदेखा रह जाता है — जबकि यही मानसिक बदलाव असली खेल विकास की नींव है।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शेर-ए-पंजाब टी20 लीग 2026 का खिताब किसने जीता?
अमृतसर सूरमाज ने 16 सितंबर को मोहाली के आई.एस. बिंद्रा स्टेडियम में लुधियाना लायंस को आठ विकेट से हराकर शेर-ए-पंजाब टी20 लीग का खिताब जीता।
अभिषेक शर्मा ने अमृतसर सूरमाज की टीम को कैसे प्रभावित किया?
सलामी बल्लेबाज सहज धवन के अनुसार, अभिषेक शर्मा ने ड्रेसिंग रूम में ऐसा माहौल बनाया जहाँ खिलाड़ियों को खुले दिमाग से खेलने और गेंदबाजों पर आक्रमण करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। उनका यह प्रभाव मैदानी प्रदर्शन से कहीं आगे था।
फाइनल में अमृतसर सूरमाज के चेज के दौरान क्या हुआ?
लक्ष्य का पीछा करते हुए नमन और जशन के जल्दी आउट होने से टीम पर दबाव आया। ड्रेसिंग रूम से संदेश था कि आखिर तक टिके रहो और अपना समय लो, जिसके बाद धवन ने टीम को जीत तक पहुँचाया।
सहज धवन और नमन का क्या रिश्ता है?
सहज धवन और नमन दोनों फरीदकोट से हैं और अंडर-14 एज ग्रुप से साथ क्रिकेट खेल रहे हैं। धवन ने उन्हें अपना 'भाई' बताया और कहा कि मैच के दौरान भी नमन उन्हें सुधार के लिए सलाह देते थे।
फाइनल में मौसम और पिच की स्थिति कैसी थी?
फाइनल से पहले मोहाली में बारिश हुई थी, जिससे पिच थोड़ी गीली हो गई थी। अमृतसर सूरमाज ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया और लुधियाना को कम स्कोर पर रोकने की रणनीति अपनाई।
राष्ट्र प्रेस
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