30 जुलाई 2026
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'महिला कोई वस्तु नहीं': '370 रुपए की बिरयानी' टिप्पणी पर शाइना एनसी का कड़ा प्रहार

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'महिला कोई वस्तु नहीं': '370 रुपए की बिरयानी' टिप्पणी पर शाइना एनसी का कड़ा प्रहार

सारांश

कॉमेडियन प्रणित मोरे की '370 रुपए की बिरयानी' टिप्पणी ने महिला गरिमा की राष्ट्रीय बहस छेड़ दी। शिवसेना नेता शाइना एनसी ने इसे 'घिनौनी सोच' करार देते हुए महाराष्ट्र सरकार की कार्रवाई का समर्थन किया और कहा — महिला कोई वस्तु नहीं है।

मुख्य बातें

शिवसेना नेता शाइना एनसी ने कॉमेडियन प्रणित मोरे की '370 रुपए की बिरयानी' टिप्पणी को 'बिल्कुल निंदनीय' बताया।
शाइना एनसी ने कहा — 'महिला कोई वस्तु नहीं है कि ₹370 खर्च करके उसे हासिल कर लिया जाए।' महाराष्ट्र सरकार ने मामले में कार्रवाई की है; शाइना एनसी ने इसका समर्थन करते हुए कानून के भय को ज़रूरी बताया।
सेजल प्रकरण पर कहा — माफी का स्वागत है, लेकिन मेडिकल समुदाय की आपत्ति पूरी तरह जायज़ है।
एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे के गुटखा-विरोधी मकोका आदेश का समर्थन किया; जागरूकता अभियान की वकालत की।
टीसीएस और टाटा समूह से कार्यस्थल पर सांप्रदायिक सौहार्द सुनिश्चित करने की अपील की।

शिवसेना नेता शाइना एनसी ने 13 जून 2026 को मुंबई में कॉमेडियन प्रणित मोरे के स्टैंड-अप शो में की गई '370 रुपए की बिरयानी' वाली विवादास्पद टिप्पणी की कड़ी निंदा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी महिला को इस तरह वस्तु की तरह देखना समाज के लिए शर्मनाक है और ऐसी मानसिकता को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

मुख्य विवाद: क्या था प्रणित मोरे का बयान

कॉमेडियन प्रणित मोरे के एक शो के दौरान की गई टिप्पणी में महिलाओं को ₹370 खर्च कर 'हासिल' करने की भाषा का इस्तेमाल किया गया, जिसे व्यापक रूप से आपत्तिजनक माना गया। शाइना एनसी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'हम सभी स्टैंड-अप कॉमेडी सुनते हैं। कॉमेडियन का काम लोगों को हंसाना होता है, लेकिन उसे अपनी मर्यादा और दायरे में रहना चाहिए। प्रणित मोरे ने जो किया, वह बिल्कुल निंदनीय है। महिला कोई वस्तु नहीं है कि ₹370 खर्च करके उसे हासिल कर लिया जाए। ऐसी सोच बेहद घिनौनी है।'

महिला सशक्तिकरण और कानून की दरकार

शाइना एनसी ने आगे कहा कि यदि कोई महिला सशक्त और पेशेवर है, तो उसे वस्तु की दृष्टि से देखना और भी अधिक निंदनीय है। उन्होंने कहा, 'आपने किसी महिला को खरीदा नहीं है — यह समझना अत्यंत आवश्यक है।' उन्होंने महाराष्ट्र सरकार की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि कानून का भय बनाए रखना ज़रूरी है।

डॉ. सेजल प्रकरण: मेडिकल समुदाय की आवाज़

शाइना एनसी ने डॉ. सेजल द्वारा किसी शव के निजी अंग को लेकर की गई टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों के प्रति समाज में आदर और सम्मान का भाव होता है, इसलिए ऐसी टिप्पणी और भी आपत्तिजनक है। उन्होंने कहा, 'मैं खुश हूं कि उन्होंने माफी मांग ली है, लेकिन पूरे मेडिकल समुदाय ने जो आवाज़ उठाई, वह पूरी तरह जायज़ है — यह कोई मज़ाक का विषय नहीं है।'

गुटखा तस्करी, संजय राउत और टीसीएस पर भी बोलीं

एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे द्वारा महाराष्ट्र में गुटखा तस्करों के खिलाफ मकोका के तहत कार्रवाई के आदेश पर शाइना एनसी ने कहा कि मुंढे का उद्देश्य सही है और जागरूकता अभियान की आवश्यकता है। शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता संजय राउत द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'अघोरी' कहे जाने पर उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों से राउत की हताशा साफ दिखती है। टीसीएस मामले पर उन्होंने कहा कि टाटा समूह को कार्यस्थल पर सांप्रदायिक सौहार्द सुनिश्चित करना चाहिए और किसी भी प्रकार की कट्टरपंथी विचारधारा को बढ़ावा नहीं मिलना चाहिए।

शाइना एनसी की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब महिलाओं की गरिमा और कॉमेडी की सीमाओं को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज़ हो रही है — और यह सवाल उठ रहा है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आड़ में महिलाओं के अपमान को कब तक सहन किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

धर्म और जातियों को लेकर 'सीमा पार' टिप्पणियों का एक पैटर्न उभरा है, जिस पर हर बार माफी और विवाद का चक्र दोहराया जाता है। शाइना एनसी की प्रतिक्रिया राजनीतिक रूप से सुविधाजनक समय पर आई है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह आक्रोश तब भी इतना ही मुखर होता जब आरोपी किसी अन्य विचारधारा से जुड़ा होता। असली बहस यह है कि कॉमेडी की स्वतंत्रता और महिला गरिमा के बीच की रेखा कौन खींचेगा — अदालत, सरकार या समाज।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रणित मोरे की '370 रुपए की बिरयानी' टिप्पणी क्या थी?
कॉमेडियन प्रणित मोरे ने अपने एक स्टैंड-अप शो के दौरान महिलाओं को ₹370 खर्च कर 'हासिल' करने की भाषा का इस्तेमाल किया, जिसे महिला गरिमा के विरुद्ध और आपत्तिजनक माना गया। इस टिप्पणी के बाद महाराष्ट्र सरकार ने कार्रवाई की और व्यापक सामाजिक विरोध हुआ।
शाइना एनसी ने इस विवाद पर क्या कहा?
शिवसेना नेता शाइना एनसी ने टिप्पणी को 'बिल्कुल निंदनीय' और 'घिनौनी सोच' करार दिया। उन्होंने कहा कि महिला कोई वस्तु नहीं है और महाराष्ट्र सरकार की कार्रवाई का समर्थन किया।
महाराष्ट्र सरकार ने इस मामले में क्या कदम उठाया?
शाइना एनसी के अनुसार, महाराष्ट्र सरकार ने इस मामले में कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि कानून का भय बनाए रखना ज़रूरी है, हालांकि कार्रवाई के विस्तृत ब्यौरे का उल्लेख नहीं किया गया।
डॉ. सेजल प्रकरण क्या है और शाइना एनसी ने उस पर क्या कहा?
डॉ. सेजल पर किसी शव के निजी अंग को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है। शाइना एनसी ने कहा कि डॉ. सेजल द्वारा माफी मांगना अच्छा है, लेकिन मेडिकल समुदाय की आपत्ति पूरी तरह जायज़ है क्योंकि यह मज़ाक का विषय नहीं है।
शाइना एनसी ने संजय राउत के 'अघोरी' वाले बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
शाइना एनसी ने शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता संजय राउत द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'अघोरी' कहे जाने को हताशा की निशानी बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आपत्तिजनक शब्दों के इस्तेमाल से राउत की राजनीतिक बेबसी साफ दिखती है।
राष्ट्र प्रेस
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