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प्रणीत मोरे विवाद: CM फडणवीस बोले — स्टैंड-अप कॉमेडी में सामाजिक मर्यादा अनिवार्य, NCW ने 22 जून को तलब किया

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प्रणीत मोरे विवाद: CM फडणवीस बोले — स्टैंड-अप कॉमेडी में सामाजिक मर्यादा अनिवार्य, NCW ने 22 जून को तलब किया

सारांश

प्रणीत मोरे के विवादित शो पर CM फडणवीस ने अभिव्यक्ति और मर्यादा के बीच संतुलन की बात कही। NCW ने स्वतः संज्ञान लेते हुए 22 जून को मोरे और जांगड़ा को तलब किया। महाराष्ट्र साइबर विभाग ने भी FIR दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।

मुख्य बातें

CM देवेंद्र फडणवीस ने 12 जून को कहा कि स्टैंड-अप कॉमेडी में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ सामाजिक मर्यादा का पालन अनिवार्य है।
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने स्वतः संज्ञान लिया; अध्यक्ष विजया रहाटकर ने हरियाणा DGP को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई माँगी।
प्रणीत मोरे और हिमांशु जांगड़ा को 22 जून को NCW के समक्ष उपस्थित होने का नोटिस जारी।
NCW ने 7 दिनों के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट और FIR की स्थिति माँगी।
महाराष्ट्र साइबर विभाग ने मोरे, जांगड़ा और डॉ.
सेजल पवार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 व IT अधिनियम के तहत FIR दर्ज की।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 12 जून को स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणीत मोरे के विवादित शो पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एक मौलिक अधिकार है, लेकिन इसका उपयोग सामाजिक संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। इस बीच राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मोरे और सह-आरोपी हिमांशु जांगड़ा को 22 जून को आयोग के समक्ष उपस्थित होने का नोटिस जारी किया है।

मुख्यमंत्री फडणवीस की प्रतिक्रिया

फडणवीस ने कहा कि स्टैंड-अप कॉमेडी आज मनोरंजन का एक लोकप्रिय माध्यम बन चुकी है और उन्हें व्यक्तिगत रूप से भी ऐसे कार्यक्रम पसंद हैं। हालाँकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि जब अभिव्यक्ति की कोई शैली तय सीमाओं से आगे निकल जाती है, तो उसका असर समाज और आम लोगों पर पड़ सकता है। उनके अनुसार, कॉमेडियंस को यह समझना चाहिए कि उनके शब्द और प्रस्तुतियाँ समाज में किस तरह का संदेश देती हैं।

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि समाज, संस्कृति और लोगों की भावनाओं का सम्मान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ-साथ चलना चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब प्रणीत मोरे के शो के कुछ वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं और देशभर में तीखी बहस छिड़ी हुई है।

विवाद की पृष्ठभूमि

कॉमेडियन प्रणीत मोरे का स्टैंड-अप शो कथित तौर पर उन टिप्पणियों के कारण विवादों में घिरा, जिनमें महिलाओं, सहमति और मृत व्यक्तियों को लेकर आपत्तिजनक बातें कही गई बताई जाती हैं। शो से जुड़े वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर फैलने के बाद मामला तेज़ी से राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गया। गौरतलब है कि यह ऐसे दौर में हुआ है जब स्टैंड-अप कॉमेडी की सीमाओं और जिम्मेदारी को लेकर सार्वजनिक बहस पहले से ही जारी है।

NCW की कार्रवाई

राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने गुरुवार को इस मामले में स्वतः संज्ञान लिया। आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने हरियाणा के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर त्वरित और सख्त कार्रवाई की माँग की है। आयोग ने सात दिनों के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट माँगी है और यह भी जानना चाहा है कि भारतीय न्याय संहिता तथा अन्य संबंधित कानूनों के तहत एफआईआर दर्ज की गई है या नहीं। प्रणीत मोरे और हिमांशु जांगड़ा को 22 जून को आयोग के समक्ष उपस्थित होने का नोटिस जारी किया गया है।

महाराष्ट्र साइबर विभाग की जाँच

महाराष्ट्र साइबर विभाग ने भी इस मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, प्रणीत मोरे, हिमांशु जांगड़ा और डॉ. सेजल पवार समेत अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जाँच शुरू की गई है। मामले की जाँच भारतीय न्याय संहिता 2023 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत की जा रही है। संबंधित व्यक्तियों को पूछताछ के लिए समन भी जारी किए जा चुके हैं।

आगे क्या होगा

NCW की सुनवाई 22 जून को निर्धारित है, जबकि साइबर विभाग की जाँच समानांतर जारी है। यह मामला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, मंच की जिम्मेदारी और कानूनी सीमाओं के बीच की रेखा को लेकर एक व्यापक बहस की दिशा तय कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 'सामाजिक मर्यादा' की परिभाषा कौन तय करेगा — यह सवाल अनुत्तरित रहता है। NCW और साइबर विभाग की एक साथ कार्रवाई यह संकेत देती है कि मामले को केवल सांस्कृतिक बहस तक सीमित नहीं रखा जाएगा। उल्लेखनीय है कि भारत में स्टैंड-अप कॉमेडी पर कानूनी कार्रवाई के मामले बढ़े हैं, जबकि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमाएँ अदालतों में अभी भी परिभाषित हो रही हैं। असली चुनौती यह है कि आपत्तिजनक सामग्री और कानूनी रूप से दंडनीय भाषण के बीच की रेखा स्पष्ट हो — अन्यथा ऐसी कार्रवाइयाँ रचनात्मक अभिव्यक्ति पर व्यापक ठंडा असर डाल सकती हैं।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रणीत मोरे का स्टैंड-अप शो विवाद क्या है?
कॉमेडियन प्रणीत मोरे के शो के कुछ वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिनमें कथित तौर पर महिलाओं, सहमति और मृत व्यक्तियों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की गई बताई जाती हैं। इसके बाद NCW और महाराष्ट्र साइबर विभाग दोनों ने कार्रवाई शुरू की।
CM देवेंद्र फडणवीस ने इस विवाद पर क्या कहा?
फडणवीस ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एक मौलिक अधिकार है, लेकिन इसका उपयोग समाज, संस्कृति और लोगों की भावनाओं के प्रति संवेदनशीलता के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने कॉमेडियंस से सामाजिक मर्यादाओं का पालन करने की अपील की।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं?
NCW ने स्वतः संज्ञान लेते हुए हरियाणा के पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखा और 7 दिनों में कार्रवाई रिपोर्ट माँगी है। प्रणीत मोरे और हिमांशु जांगड़ा को 22 जून को आयोग के समक्ष उपस्थित होने का नोटिस जारी किया गया है।
महाराष्ट्र साइबर विभाग ने किन लोगों पर FIR दर्ज की है?
साइबर विभाग ने प्रणीत मोरे, हिमांशु जांगड़ा और डॉ. सेजल पवार समेत अन्य के खिलाफ FIR दर्ज की है। जाँच भारतीय न्याय संहिता 2023 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के प्रावधानों के तहत की जा रही है।
इस मामले में आगे क्या होने की संभावना है?
NCW की सुनवाई 22 जून को निर्धारित है और साइबर विभाग की जाँच समानांतर जारी है। मामले का निष्कर्ष स्टैंड-अप कॉमेडी में अभिव्यक्ति की सीमाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण कानूनी नज़ीर बन सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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