प्रणित मोरे पर महाराष्ट्र साइबर विभाग की FIR, हिमांशु जांगड़ा और डॉ. सेजल पवार भी आरोपी
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र साइबर विभाग ने 11 जून 2026 को स्टैंड-अप कॉमेडियन और यूट्यूबर प्रणित मोरे तथा अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित एक स्टैंड-अप कॉमेडी शो की क्लिप्स में महिलाओं की गरिमा, सहमति और मृत व्यक्तियों को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की गईं। इस मामले में हिमांशु जांगड़ा और डॉ. सेजल पवार को भी आरोपी बनाया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
साइबर विभाग के अनुसार, विवादित वीडियो क्लिप्स यूट्यूब, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर साझा की गई थीं। ये क्लिप्स एक स्टैंड-अप कॉमेडी शो से ली गई थीं, जिसे प्रणित मोरे ने होस्ट किया था। वीडियो के वायरल होने के बाद विभाग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू की।
यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम, 2000 के प्रावधानों के तहत दर्ज किया गया है। जांच एजेंसी ने सभी संबंधित व्यक्तियों को पूछताछ के लिए समन जारी किए हैं।
किस पर क्या आरोप
महाराष्ट्र साइबर की प्रारंभिक जांच के अनुसार, एक वीडियो क्लिप में हिमांशु जांगड़ा ने कथित तौर पर डेट पर खर्च किए गए पैसे के बदले शारीरिक संबंधों का अधिकार होने जैसी टिप्पणी की। इस संदर्भ में उन्होंने कथित तौर पर '₹370 की बिरयानी' और 'वसूली' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। जांच एजेंसी का मानना है कि ऐसी टिप्पणियाँ महिलाओं की गरिमा और सहमति के महत्व को कमतर दिखाने वाली हो सकती हैं।
वहीं, डॉ. सेजल पवार पर आरोप है कि उन्होंने एक अन्य वीडियो में मृत व्यक्तियों और मेडिकल शिक्षा में उपयोग किए जाने वाले शवों को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ कीं। साइबर विभाग के अनुसार, ऐसा कंटेंट सामाजिक रूप से स्वीकार्य मर्यादाओं के विरुद्ध माना जा सकता है।
मुद्रीकरण की जांच
जांचकर्ता यह भी देख रहे हैं कि क्या इन वीडियो के ज़रिए व्यूअरशिप बढ़ाकर आर्थिक लाभ कमाने का प्रयास किया गया था। साइबर विभाग का आरोप है कि शो के वीडियो रिकॉर्ड कर उन्हें सुनियोजित तरीके से सोशल मीडिया पर प्रचारित किया गया और व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुँचाया गया।
गौरतलब है कि यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब ऑनलाइन कंटेंट की जवाबदेही को लेकर देशभर में बहस तेज हो रही है और कई स्टैंड-अप कॉमेडियन पहले भी इसी तरह के विवादों में घिर चुके हैं।
साइबर विभाग का रुख
महाराष्ट्र साइबर विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित कंटेंट पर लगातार निगरानी रखी जाती है। यदि कोई कंटेंट कानून, सामाजिक शिष्टाचार या सार्वजनिक हित के विरुद्ध पाया जाता है, तो आवश्यक कार्रवाई की जाती है।
आगे क्या होगा
फिलहाल मामले की जांच जारी है। विभाग के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। सभी आरोपियों को पूछताछ के लिए समन भेजे जा चुके हैं।