11 अगस्त 2026
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राष्ट्रीय महिला आयोग का एक्शन: प्रणीत मोरे, हिमांशु जांगड़ा और मधुर विरली को NCW का समन

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राष्ट्रीय महिला आयोग का एक्शन: प्रणीत मोरे, हिमांशु जांगड़ा और मधुर विरली को NCW का समन

सारांश

स्टैंड-अप कॉमेडी में महिलाओं की गरिमा पर उठा विवाद अब संस्थागत दायरे में पहुँच गया है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने तीन अलग-अलग मामलों में प्रणीत मोरे, हिमांशु जांगड़ा और मधुर विरली को समन जारी कर यह संकेत दिया है कि ऑनलाइन कंटेंट की जवाबदेही अब सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहेगी।

मुख्य बातें

राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने 22 जून 2026 को कॉमेडियन प्रणीत मोरे , हिमांशु जांगड़ा और मधुर विरली को समन जारी किया।
तीनों को नई दिल्ली स्थित NCW कार्यालय में शाम 4 बजे व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया गया।
प्रणीत मोरे ने वायरल वीडियो के बाद सार्वजनिक रूप से माफी माँगी थी।
हिमांशु जांगड़ा को विवाद के बाद स्टारविक डिज़ाइन कंपनी ने नौकरी से बर्खास्त किया।
मधुर विरली के पुराने स्टैंड-अप वीडियो में बलात्कार जैसे संवेदनशील विषय पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी वायरल हुई।

राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने महिलाओं से जुड़े कथित आपत्तिजनक कंटेंट और टिप्पणियों के मामले में कॉमेडियन प्रणीत मोरे, हिमांशु जांगड़ा और मधुर विरली को 22 जून 2026 को समन जारी किया। तीनों को नई दिल्ली स्थित आयोग के कार्यालय में शाम 4 बजे व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया गया। स्टैंड-अप कॉमेडी और सोशल मीडिया कंटेंट को लेकर यह विवाद लगातार नया आयाम लेता जा रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

आयोग ने स्पष्ट किया कि तीनों अलग-अलग मामलों में कथित रूप से महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाले कंटेंट से जुड़े हैं। ये विवाद स्टैंड-अप शो के वायरल वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर उठे थे। NCW ने तीनों को व्यक्तिगत रूप से सुनवाई में शामिल होने का निर्देश देते हुए यह स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में आयोग की जवाबदेही सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता बनी हुई है।

प्रणीत मोरे का मामला

कॉमेडियन प्रणीत मोरे पर आरोप है कि उन्होंने अपने लाइव शो के दौरान एक आपत्तिजनक स्थिति को उचित तरीके से नियंत्रित नहीं किया। वायरल वीडियो सामने आने के बाद मोरे ने सार्वजनिक रूप से माफी माँगी थी और स्वीकार किया था कि उस समय उन्हें बेहतर निर्णय लेना चाहिए था, लेकिन वे माहौल के प्रभाव में बेहतर फैसला नहीं ले सके।

हिमांशु जांगड़ा का विवाद

हिमांशु जांगड़ा प्रणीत मोरे के उसी लाइव शो में एक दर्शक के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने अपने डेटिंग अनुभव का ज़िक्र करते हुए कहा था कि उन्होंने एक महिला के लिए करीब ₹370 चिकन बिरयानी पर खर्च किए थे। इसके बाद उनकी आगे की गई टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर भारी आलोचना शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर स्टारविक डिज़ाइन कंपनी ने उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया।

मधुर विरली पर गंभीर आरोप

तीसरे समन प्राप्तकर्ता मधुर विरली के एक पुराने स्टैंड-अप वीडियो के वायरल होने के बाद सबसे गंभीर प्रतिक्रिया देखने को मिली। कथित तौर पर उस वीडियो में विरली बलात्कार जैसे संवेदनशील विषय पर अत्यंत आपत्तिजनक टिप्पणी करते दिखे। उन्होंने अपराध के आँकड़ों का हवाला देते हुए कथित तौर पर ऐसी भाषा का प्रयोग किया जिसे व्यापक रूप से पीड़ितों के प्रति असंवेदनशील माना गया। इन टिप्पणियों को लेकर सोशल मीडिया पर कड़ी प्रतिक्रिया हुई और मामला NCW तक पहुँचा।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब स्टैंड-अप कॉमेडी में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और महिलाओं की गरिमा के बीच की रेखा को लेकर राष्ट्रीय बहस तेज़ हो रही है। NCW की सुनवाई के बाद आयोग अपनी सिफारिशें या आगे की कार्रवाई तय करेगा। गौरतलब है कि आयोग के पास ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारियों को रिपोर्ट भेजने और कानूनी कार्रवाई की सिफारिश करने का अधिकार है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठता है कि क्या समन जारी करना पर्याप्त है या इसके आगे ठोस कानूनी और नीतिगत ढाँचे की ज़रूरत है। तीनों मामले अलग-अलग गंभीरता के हैं — मधुर विरली की कथित टिप्पणी और हिमांशु जांगड़ा का मामला एक ही पलड़े पर रखना न्यायसंगत नहीं लगता। आलोचकों का कहना है कि बिना स्पष्ट दिशानिर्देशों के ऐसी कार्रवाइयाँ अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और जवाबदेही के बीच की रेखा को धुँधला कर सकती हैं। असली ज़रूरत एक पारदर्शी डिजिटल कंटेंट आचार संहिता की है, जो संवेदनशील विषयों पर स्पष्ट सीमाएँ तय करे।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रीय महिला आयोग ने इन तीनों को समन क्यों जारी किया?
NCW ने प्रणीत मोरे, हिमांशु जांगड़ा और मधुर विरली को महिलाओं से जुड़े कथित आपत्तिजनक कंटेंट और टिप्पणियों के अलग-अलग मामलों में 22 जून 2026 को समन जारी किया। तीनों के वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पर उठी व्यापक आलोचना के बाद आयोग ने यह कदम उठाया।
हिमांशु जांगड़ा का विवाद क्या था?
हिमांशु जांगड़ा प्रणीत मोरे के एक लाइव शो में दर्शक के रूप में मौजूद थे, जहाँ उन्होंने डेटिंग अनुभव साझा करते हुए एक महिला पर ₹370 चिकन बिरयानी खर्च करने का ज़िक्र किया। इसके बाद की गई उनकी टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर भारी आलोचना हुई और स्टारविक डिज़ाइन कंपनी ने उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया।
मधुर विरली पर क्या आरोप हैं?
मधुर विरली के एक पुराने स्टैंड-अप वीडियो में बलात्कार जैसे संवेदनशील विषय पर कथित तौर पर अत्यंत आपत्तिजनक और असंवेदनशील टिप्पणी की गई। इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर व्यापक आक्रोश देखा गया और मामला NCW तक पहुँचा।
प्रणीत मोरे ने विवाद पर क्या कहा?
प्रणीत मोरे ने वायरल वीडियो सामने आने के बाद सार्वजनिक रूप से माफी माँगी थी। उन्होंने स्वीकार किया कि उस समय उन्हें बेहतर निर्णय लेना चाहिए था, लेकिन वे माहौल के प्रभाव में सही फैसला नहीं ले सके।
NCW की सुनवाई के बाद आगे क्या होगा?
22 जून 2026 को नई दिल्ली में होने वाली सुनवाई के बाद आयोग अपनी सिफारिशें तय करेगा। NCW के पास ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारियों को रिपोर्ट भेजने और आगे की कानूनी कार्रवाई की सिफारिश करने का अधिकार है।
राष्ट्र प्रेस
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