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केंद्र सरकार H2 FY27 में ₹7.86 लाख करोड़ उधार लेगी, ₹15,000 करोड़ के ग्रीन बॉन्ड भी शामिल

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केंद्र सरकार H2 FY27 में ₹7.86 लाख करोड़ उधार लेगी, ₹15,000 करोड़ के ग्रीन बॉन्ड भी शामिल

सारांश

केंद्र सरकार FY27 की दूसरी छमाही में ₹7.86 लाख करोड़ उधार लेगी — बजट अनुमान ₹17.2 लाख करोड़ से कम। RBI के रिकॉर्ड ₹2.87 लाख करोड़ के अधिशेष और बेहतर राजकोषीय घाटे के आँकड़ों के बीच यह घोषणा वित्तीय समेकन की दिशा में सकारात्मक संकेत देती है।

मुख्य बातें

केंद्र सरकार FY27 की दूसरी छमाही में ₹7.86 लाख करोड़ की उधारी करेगी, जिसमें ₹15,000 करोड़ के सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड शामिल हैं।
यह राशि 23 साप्ताहिक नीलामियों के माध्यम से जुटाई जाएगी; पूरे वर्ष की कुल उधारी लगभग ₹15.9 लाख करोड़ रहने का अनुमान — बजट लक्ष्य ₹17.2 लाख करोड़ से कम।
अप्रैल-जुलाई 2026 में राजकोषीय घाटा ₹4.55 लाख करोड़ रहा, जो वार्षिक लक्ष्य का 26.8% — पिछले वर्ष की इसी अवधि के 29.9% से बेहतर।
RBI ने सरकार को ₹2.87 लाख करोड़ का रिकॉर्ड अधिशेष हस्तांतरित किया, जो पिछले वर्ष के ₹2.69 लाख करोड़ से अधिक है।
सरकार का FY27 राजकोषीय घाटा लक्ष्य जीडीपी का 4.3% ; FY26 में 4.4% का लक्ष्य हासिल किया गया था।

वित्त मंत्रालय ने 25 सितंबर 2026 को घोषणा की कि केंद्र सरकार चालू वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही (अक्टूबर 2026 से मार्च 2027) में ₹7.86 लाख करोड़ की उधारी करेगी, जिसमें ₹15,000 करोड़ के सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड भी सम्मिलित हैं। यह राशि 23 साप्ताहिक नीलामियों के ज़रिए जुटाई जाएगी, और इसके साथ पूरे वित्त वर्ष में दिनांकित प्रतिभूतियों के माध्यम से कुल उधारी लगभग ₹15.9 लाख करोड़ तक पहुँचने का अनुमान है।

उधारी कार्यक्रम की संरचना

वित्त मंत्रालय द्वारा जारी विस्तृत बयान के अनुसार, दूसरी छमाही की ₹7.86 लाख करोड़ की उधारी बाज़ार में साप्ताहिक आधार पर वितरित की जाएगी, जिससे बाज़ार पर एकमुश्त दबाव नहीं पड़ेगा। इसमें सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड का समावेश सरकार की हरित वित्त के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

गौरतलब है कि केंद्रीय बजट 2026-27 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पूरे वित्त वर्ष के लिए ₹17.2 लाख करोड़ की उधारी का प्रस्ताव रखा था। अपेक्षित ₹15.9 लाख करोड़ की कुल उधारी उस लक्ष्य से कम है, जो राजकोषीय अनुशासन का संकेत देती है।

राजकोषीय घाटे की स्थिति

इस उधारी का मूल उद्देश्य राजकोषीय घाटे को वित्तपोषित करना है, जिसे वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जीडीपी के 4.3 प्रतिशत पर लक्षित किया गया है। सरकारी आँकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जुलाई 2026 के दौरान राजकोषीय घाटा ₹4.55 लाख करोड़ रहा, जो वार्षिक लक्ष्य का 26.8 प्रतिशत है।

यह पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि से बेहतर है, जब राजकोषीय घाटा ₹4.7 लाख करोड़ था और वार्षिक अनुमान का 29.9 प्रतिशत था। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर राजकोषीय दबाव बढ़ा है और कई देशों में सरकारी उधारी के आँकड़े बजट अनुमानों से ऊपर जा रहे हैं।

प्राप्तियाँ और व्यय का ब्योरा

सरकारी आँकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जुलाई 2026 के दौरान कुल प्राप्तियाँ ₹13.07 लाख करोड़ रहीं, जो चालू वित्त वर्ष के बजटीय अनुमान का 35.8 प्रतिशत है। इसी अवधि में कुल व्यय ₹17.62 लाख करोड़ रहा, जो बजटीय अनुमान का 32.9 प्रतिशत है।

राजस्व प्राप्तियाँ ₹12.68 लाख करोड़ दर्ज हुईं, जिनमें ₹8.45 लाख करोड़ कर राजस्व और ₹4.23 लाख करोड़ गैर-कर राजस्व शामिल रहा। गैर-कर राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि मुख्यतः भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) से प्राप्त रिकॉर्ड अधिशेष हस्तांतरण के कारण हुई।

RBI के रिकॉर्ड डिविडेंड की भूमिका

RBI ने चालू वित्त वर्ष में केंद्र सरकार को ₹2.87 लाख करोड़ का अधिशेष हस्तांतरित किया, जबकि पिछले वर्ष यह राशि ₹2.69 लाख करोड़ थी। इस रिकॉर्ड हस्तांतरण ने सरकार की गैर-कर प्राप्तियों को मज़बूती दी है और राजकोषीय घाटे को नियंत्रण में रखने में सहायक रहा है।

वित्त वर्ष 2025-26 में सरकार ने 4.4 प्रतिशत के राजकोषीय घाटे का लक्ष्य हासिल किया था। चालू वित्त वर्ष में इसे 4.3 प्रतिशत तक सीमित रखने का संकल्प लिया गया है, जो वित्तीय समेकन की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। आने वाले महीनों में नीलामी कार्यक्रम और बाज़ार की प्रतिक्रिया पर निवेशकों और बाँड बाज़ार की नज़र बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो संरचनात्मक राजस्व वृद्धि नहीं, बल्कि एकमुश्त लाभ है और हर वर्ष दोहराया नहीं जा सकता। असली परीक्षा यह है कि क्या कर राजस्व वृद्धि और व्यय प्रबंधन इस गति को बनाए रख सकते हैं, जब ऐसा असाधारण केंद्रीय बैंक हस्तांतरण उपलब्ध न हो।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केंद्र सरकार FY27 की दूसरी छमाही में कितनी उधारी करेगी?
केंद्र सरकार अक्टूबर 2026 से मार्च 2027 के बीच ₹7.86 लाख करोड़ की उधारी करेगी। यह राशि 23 साप्ताहिक नीलामियों के ज़रिए जुटाई जाएगी और इसमें ₹15,000 करोड़ के सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड भी शामिल हैं।
सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड क्या होते हैं और इनका उद्देश्य क्या है?
सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड सरकार द्वारा जारी वह ऋण प्रतिभूतियाँ हैं जिनसे जुटाई गई राशि विशेष रूप से पर्यावरण-अनुकूल परियोजनाओं — जैसे नवीकरणीय ऊर्जा, हरित परिवहन और जलवायु अनुकूलन — में लगाई जाती है। FY27 की दूसरी छमाही में ₹15,000 करोड़ के ग्रीन बॉन्ड जारी किए जाएँगे।
FY27 में भारत का राजकोषीय घाटा लक्ष्य क्या है और अब तक की स्थिति कैसी है?
FY27 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य जीडीपी के 4.3 प्रतिशत पर रखा गया है। अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच राजकोषीय घाटा ₹4.55 लाख करोड़ रहा, जो वार्षिक लक्ष्य का 26.8 प्रतिशत है — पिछले वर्ष की समान अवधि के 29.9 प्रतिशत से बेहतर।
RBI के अधिशेष हस्तांतरण का सरकार की वित्तीय स्थिति पर क्या असर पड़ा?
RBI ने चालू वित्त वर्ष में केंद्र सरकार को ₹2.87 लाख करोड़ का रिकॉर्ड अधिशेष हस्तांतरित किया, जो पिछले वर्ष के ₹2.69 लाख करोड़ से अधिक है। इससे गैर-कर राजस्व को मज़बूती मिली और राजकोषीय घाटे को नियंत्रित रखने में सहायता हुई।
पूरे FY27 में दिनांकित प्रतिभूतियों के ज़रिए कुल उधारी कितनी रहने का अनुमान है?
वित्त मंत्रालय के अनुसार, दूसरी छमाही की उधारी जोड़ने के बाद पूरे FY27 में दिनांकित प्रतिभूतियों के माध्यम से कुल उधारी लगभग ₹15.9 लाख करोड़ रहने का अनुमान है। यह केंद्रीय बजट में प्रस्तावित ₹17.2 लाख करोड़ से कम है।
राष्ट्र प्रेस
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