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एनसीडब्ल्यू सख्त: गुरुग्राम स्टैंड-अप कॉमेडी शो में महिला अपमान पर प्रणीत मोरे और हिमांशु जांगड़ा को नोटिस

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एनसीडब्ल्यू सख्त: गुरुग्राम स्टैंड-अप कॉमेडी शो में महिला अपमान पर प्रणीत मोरे और हिमांशु जांगड़ा को नोटिस

सारांश

गुरुग्राम के एक स्टैंड-अप कॉमेडी शो में महिला के प्रति कथित आपत्तिजनक व्यवहार पर एनसीडब्ल्यू ने कड़ा रुख अपनाया। अध्यक्ष विजया रहाटकर ने हरियाणा डीजीपी को सात दिन में एटीआर माँगी और प्रणीत मोरे व हिमांशु जांगड़ा को 22 जून को पेश होने का नोटिस दिया।

मुख्य बातें

राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने गुरुग्राम के स्टैंड-अप कॉमेडी शो में महिला अपमान के मामले पर स्वतः संज्ञान लिया।
एनसीडब्ल्यू अध्यक्ष विजया रहाटकर ने हरियाणा डीजीपी को तत्काल कार्रवाई और सात दिनों में एटीआर सौंपने के निर्देश दिए।
प्रणीत मोरे और हिमांशु जांगड़ा को 22 जून को शाम 4 बजे एनसीडब्ल्यू के समक्ष पेश होने का नोटिस जारी।
आयोग ने पूछा कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत एफआईआर दर्ज हुई या नहीं, और आयोजकों व वेन्यू की भूमिका की जाँच हो।
भविष्य में सार्वजनिक मंचों व डिजिटल प्लेटफॉर्म पर महिला-विरोधी सामग्री रोकने के लिए ठोस उपाय बताने के निर्देश।

राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने 11 जून 2025 को हरियाणा के गुरुग्राम में आयोजित एक स्टैंड-अप कॉमेडी शो में महिला की गरिमा से जुड़े कथित आपत्तिजनक व्यवहार पर स्वतः संज्ञान लेते हुए कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने वायरल वीडियो और मीडिया रिपोर्टों के आधार पर हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को तत्काल एवं समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

मामले की पृष्ठभूमि

कथित तौर पर शो के दौरान एक महिला के प्रति बिना सहमति से जुड़े आपत्तिजनक व्यवहार को मंच पर मनोरंजन के रूप में प्रस्तुत किया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुआ, जिसके बाद व्यापक सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने आई। यह ऐसे समय में आया है जब सार्वजनिक मंचों पर महिलाओं की गरिमा और सहमति को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज़ हो रही है।

एनसीडब्ल्यू ने स्पष्ट किया कि किसी भी ऐसे व्यवहार को सामान्य बनाना या उसका महिमामंडन करना — जो महिलाओं की सहमति, गरिमा और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को प्रभावित करता हो — समाज पर गंभीर रूप से गलत प्रभाव डालता है।

एनसीडब्ल्यू की कार्रवाई और निर्देश

एनसीडब्ल्यू अध्यक्ष विजया रहाटकर ने हरियाणा के डीजीपी को पत्र लिखकर इस मामले में तुरंत, सख्त और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। आयोग ने सात दिनों के भीतर विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) तलब की है।

एटीआर में यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि क्या इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और अन्य संबंधित कानूनों के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। इसके अलावा आयोग ने यह भी जानना चाहा है कि आयोजकों, कलाकारों और वेन्यू प्रबंधन की इस घटना में क्या भूमिका रही तथा वायरल वीडियो की जाँच किस स्तर पर पहुँची है।

प्रणीत मोरे और हिमांशु जांगड़ा को नोटिस

आयोग ने इस मामले में प्रणीत मोरे और हिमांशु जांगड़ा को औपचारिक नोटिस जारी किया है। दोनों को 22 जून को शाम 4 बजे एनसीडब्ल्यू के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए तलब किया गया है।

भविष्य की रोकथाम पर निर्देश

एनसीडब्ल्यू ने राज्य पुलिस को यह भी बताने के निर्देश दिए हैं कि भविष्य में सार्वजनिक कार्यक्रमों और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर महिलाओं के विरुद्ध किसी भी प्रकार के अपमानजनक, हिंसक या आपत्तिजनक सामग्री को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। आयोग ने दोहराया कि सहमति के मुद्दे पर किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है और महिलाओं के विरुद्ध किसी भी जबरदस्ती या अपमान को मनोरंजन के रूप में प्रस्तुत करना कानून और संविधान के विरुद्ध है।

आगे की राह

एनसीडब्ल्यू ने स्पष्ट किया है कि वह इस मामले पर निरंतर नज़र बनाए रखेगा और संबंधित अधिकारियों से शीघ्र तथा उचित कार्रवाई की अपेक्षा करता है। गौरतलब है कि यह पहला मामला नहीं है जब आयोग ने मनोरंजन उद्योग में महिलाओं की गरिमा से जुड़े मुद्दों पर स्वतः संज्ञान लिया हो — यह प्रवृत्ति दर्शाती है कि सार्वजनिक मंचों पर जवाबदेही की माँग बढ़ रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि नोटिस के बाद की कार्रवाई कितनी ठोस होगी — अतीत में ऐसे मामलों में संज्ञान लेने के बाद परिणाम प्रायः अस्पष्ट रहे हैं। मनोरंजन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमा तय करने की यह कोशिश एक व्यापक बहस को जन्म देती है, जिसमें 'सहमति' की परिभाषा और सार्वजनिक मंच पर उसकी जवाबदेही केंद्र में है। बीएनएस के तहत एफआईआर की माँग बताती है कि आयोग इसे केवल नैतिक मुद्दा नहीं, बल्कि कानूनी उल्लंघन मान रहा है — यह दृष्टिकोण भविष्य के मामलों के लिए मिसाल बन सकता है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनसीडब्ल्यू ने गुरुग्राम कॉमेडी शो पर नोटिस क्यों जारी किया?
एनसीडब्ल्यू ने गुरुग्राम में हुए एक स्टैंड-अप कॉमेडी शो में महिला के प्रति कथित आपत्तिजनक और बिना सहमति से जुड़े व्यवहार को मंच पर प्रस्तुत किए जाने के वायरल वीडियो और मीडिया रिपोर्टों पर स्वतः संज्ञान लेते हुए यह कदम उठाया। आयोग का मानना है कि ऐसे व्यवहार को मनोरंजन के रूप में सामान्य बनाना महिलाओं की गरिमा और संविधान प्रदत्त अधिकारों के विरुद्ध है।
प्रणीत मोरे और हिमांशु जांगड़ा को कब पेश होना है?
दोनों को 22 जून को शाम 4 बजे एनसीडब्ल्यू के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए तलब किया गया है। यह नोटिस आयोग ने औपचारिक रूप से जारी किया है।
एनसीडब्ल्यू ने हरियाणा डीजीपी से क्या माँगा है?
आयोग ने सात दिनों के भीतर विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) माँगी है, जिसमें यह जानकारी शामिल हो कि बीएनएस के तहत एफआईआर दर्ज हुई या नहीं, आयोजकों-कलाकारों-वेन्यू की भूमिका की जाँच कहाँ तक पहुँची और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं।
क्या इस मामले में एफआईआर दर्ज हुई है?
अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि एफआईआर दर्ज हुई है या नहीं। एनसीडब्ल्यू ने हरियाणा डीजीपी से यही जानकारी एटीआर में देने को कहा है। आयोग ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और अन्य संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।
एनसीडब्ल्यू का इस मामले में आगे क्या रुख रहेगा?
आयोग ने स्पष्ट किया है कि वह इस मामले पर निरंतर नज़र बनाए रखेगा। सात दिनों में एटीआर न मिलने या कार्रवाई अपर्याप्त पाए जाने पर आयोग आगे के कदम उठा सकता है। 22 जून को नोटिसधारकों की उपस्थिति के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।
राष्ट्र प्रेस
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