10 अगस्त 2026
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सना मलिक के कुरान-कानून बयान पर शायना एनसी का तीखा जवाब: 'यह पाकिस्तान नहीं, नया भारत है'

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सना मलिक के कुरान-कानून बयान पर शायना एनसी का तीखा जवाब: 'यह पाकिस्तान नहीं, नया भारत है'

सारांश

NCP विधायक सना मलिक के कुरान-आधारित कानून और बहुविवाह समर्थन वाले बयान पर शिवसेना नेता शायना एनसी ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने सीधे सवाल पूछा — 'अगर आपके पति चार शादियाँ करें, तो क्या मंजूर होगा?' यह टकराव UCC बहस को महाराष्ट्र की राजनीति में नई धार दे रहा है।

मुख्य बातें

NCP विधायक सना मलिक ने ट्रिपल तलाक, बहुविवाह का समर्थन करते हुए भारत में कुरान-आधारित कानून लागू करने की मांग की।
शिवसेना नेता शायना एनसी ने 25 जून को पलटवार करते हुए कहा — 'यह पाकिस्तान नहीं, नया भारत है, यहाँ तालिबानी मानसिकता की कोई जगह नहीं।' शायना एनसी ने समान नागरिक संहिता (UCC) का समर्थन करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य सभी धर्मों को समान न्याय देना है।
उन्होंने NCERT की कक्षा 9 की पाठ्यपुस्तक में 1975-77 आपातकाल पर अध्याय शामिल किए जाने का स्वागत किया।
ट्रिपल तलाक को 2019 में कानूनी रूप से अपराध घोषित किया जा चुका है।

शिवसेना नेता और प्रवक्ता शायना एनसी ने 25 जून 2026 को राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) की विधायक सना मलिक के उस विवादास्पद बयान पर कड़ा पलटवार किया, जिसमें मलिक ने ट्रिपल तलाक, बहुविवाह का समर्थन करते हुए भारत में कुरान-आधारित कानून लागू करने की मांग की थी। शायना एनसी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत में 'तालिबानी मानसिकता' के लिए कोई स्थान नहीं है।

शायना एनसी का सीधा सवाल

शायना एनसी ने कहा, 'सना मलिक, यह पाकिस्तान नहीं है, यह नया भारत है। यहां तालिबानी मानसिकता के लिए कोई जगह नहीं है। आपने महिलाओं के खिलाफ जो रुख अपनाया है, उसमें जेंडर इक्वालिटी कहां है? मैं पूछना चाहती हूं, अगर आपके पति चार महिलाओं से शादी करते हैं, तो क्या आपको यह मंजूर होगा?'

यह बयान ऐसे समय में आया है जब समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर राष्ट्रीय बहस एक बार फिर तेज हो रही है। शायना एनसी ने यूनिफॉर्म सिविल कोड का समर्थन करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य सभी को न्याय देना है, किसी का तुष्टिकरण नहीं।

UCC और ट्रिपल तलाक पर शायना का रुख

शायना एनसी ने कहा, 'जब हम समान नागरिक संहिता की बात करते हैं, तो हमारा एकमात्र लक्ष्य होता है — सभी को न्याय और किसी का तुष्टिकरण नहीं। चाहे हिंदू हों, मुस्लिम हों, सिख हों या ईसाई, सभी को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।' उन्होंने यह भी कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रिपल तलाक को समाप्त कर दिया है, तो मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और शरिया की दुहाई देना उचित नहीं है।

गौरतलब है कि ट्रिपल तलाक को 2019 में कानूनी रूप से अपराध घोषित किया गया था, जिसे सरकार ने मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया था। इस पृष्ठभूमि में सना मलिक का बयान विपक्षी खेमे में भी असहजता पैदा करने वाला माना जा रहा है।

NCERT पाठ्यपुस्तक और आपातकाल का अध्याय

इसी बातचीत में शायना एनसी ने एनसीईआरटी द्वारा कक्षा 9 की पाठ्यपुस्तक में 1975-77 के आपातकाल पर एक अध्याय शामिल किए जाने का स्वागत किया। उन्होंने कहा, 'आपातकाल भारत के इतिहास का एक काला अध्याय था। अभिव्यक्ति की आज़ादी, मौलिक अधिकारों, प्रेस सेंसरशिप, लोगों को जेल भेजने और नसबंदी अभियान जैसी चीज़ों के बारे में आज की युवा पीढ़ी को जानना बहुत ज़रूरी है।'

उन्होंने जेपी आंदोलन का भी उल्लेख करते हुए कहा कि हो सकता है आज की युवा पीढ़ी को इसके बारे में पता भी न हो। उनके अनुसार, भारत को एक विकसित लोकतंत्र बनाने के लिए जिन लोगों ने बलिदान और संघर्ष किया, उनकी गाथा नई पीढ़ी तक पहुंचनी चाहिए।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

सना मलिक राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) की विधायक हैं। उनका यह बयान महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस छेड़ गया है, जहाँ महायुति गठबंधन में शामिल शिवसेना (शिंदे गुट) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पहले से ही UCC को प्रमुख एजेंडा बना चुकी हैं। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के बयान सामाजिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा देते हैं।

आगे क्या

शायना एनसी के इस पलटवार के बाद सना मलिक की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। महाराष्ट्र की राजनीति में यह विवाद आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है, खासकर तब जब UCC पर केंद्र सरकार की नीति स्पष्ट होने की प्रतीक्षा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या चुप्पी साधकर दोनों पक्षों को साधने की कोशिश करेगी — जो महायुति गठबंधन के भीतर एक गहरे वैचारिक तनाव को दर्शाएगा।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सना मलिक ने क्या विवादास्पद बयान दिया था?
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) की विधायक सना मलिक ने ट्रिपल तलाक और बहुविवाह का समर्थन करते हुए भारत में कुरान-आधारित कानून लागू करने की मांग की थी। इस बयान ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया उत्पन्न की।
शायना एनसी ने सना मलिक को क्या जवाब दिया?
शिवसेना नेता शायना एनसी ने कहा कि भारत में तालिबानी मानसिकता के लिए कोई जगह नहीं है और यह पाकिस्तान नहीं, नया भारत है। उन्होंने सना मलिक से सीधे सवाल किया कि अगर उनके पति चार शादियाँ करें तो क्या वे इसे स्वीकार करेंगी।
समान नागरिक संहिता (UCC) पर शायना एनसी का क्या रुख है?
शायना एनसी ने UCC का समर्थन करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य सभी धर्मों — हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई — को समान न्याय देना है, न कि किसी का तुष्टिकरण करना। उन्होंने ट्रिपल तलाक के खात्मे को महिला सम्मान की दिशा में सकारात्मक कदम बताया।
NCERT की पाठ्यपुस्तक में आपातकाल का अध्याय क्यों शामिल किया गया?
NCERT ने कक्षा 9 की पाठ्यपुस्तक में 1975-77 के आपातकाल पर एक अध्याय शामिल किया है ताकि युवा पीढ़ी उस दौर की प्रेस सेंसरशिप, मौलिक अधिकारों के हनन और नसबंदी अभियान जैसी घटनाओं से परिचित हो सके। शायना एनसी ने इस कदम का स्वागत किया।
ट्रिपल तलाक भारत में कब अवैध हुआ?
भारत में ट्रिपल तलाक को 2019 में कानूनी रूप से अपराध घोषित किया गया, जब संसद ने मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम पारित किया। इस कानून के तहत तत्काल तीन तलाक देने पर तीन वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है।
राष्ट्र प्रेस
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