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मोदी फिर लाएंगे नारी शक्ति वंदन अधिनियम, विपक्ष ने नहीं माना तो होगा आंदोलन: शाइना एनसी

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मोदी फिर लाएंगे नारी शक्ति वंदन अधिनियम, विपक्ष ने नहीं माना तो होगा आंदोलन: शाइना एनसी

सारांश

शिवसेना की नेता शाइना एनसी ने विपक्ष पर महिलाओं का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिस पर आंदोलन की संभावना है।

मुख्य बातें

नारी शक्ति वंदन अधिनियम का महत्व और संभावित आंदोलन।
यूसीसी की आवश्यकता और विपक्ष की भूमिका।
नासिक आईटी कंपनी में महिला सुरक्षा का मुद्दा।
धीरेंद्र शास्त्री के बयानों का सांस्कृतिक प्रभाव।
महिलाओं के अधिकारों के लिए राजनीतिक समर्थन की आवश्यकता।

मुंबई, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। शिवसेना की प्रमुख नेता शाइना एनसी ने विपक्ष पर महिला विरोधी होने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने महिलाओं का अपमान किया है।

मुंबई में राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान, शिवसेना की नेता शाइना एनसी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम एक महत्वपूर्ण अवसर था, जिसे हम पारित कर सकते थे। लेकिन विपक्ष ने इसे पारित नहीं होने दिया। हमें विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुछ आवश्यक संशोधनों के साथ इस विधेयक को फिर से संसद में पेश करेंगे। यदि विपक्ष इसे फिर से खारिज करता है, तो देशभर में एक बड़ा आंदोलन होगा।

शाइना एनसी ने यूसीसी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यूनिफॉर्म सिविल कोड का मतलब है कि देश के सभी नागरिकों के लिए कानूनों का एक समान सेट होना चाहिए। इसमें किसी भी प्रकार की तुष्टीकरण की राजनीति नहीं होगी। पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में अल्पसंख्यक समुदाय भी अब यह मान चुका है कि यूनिफॉर्म सिविल कोड आज के समय की आवश्यकता है। कुछ राजनीतिक दल सीएए, एनआरसी और यूसीसी का विरोध केवल तुष्टीकरण की राजनीति के लिए कर रहे हैं। देश के लिए यूसीसी की आवश्यकता है।

नासिक आईटी कंपनी मामले में शिवसेना नेता ने कहा कि नासिक में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह एक गंभीर मामला है। लड़कियों को लुभाकर उनके अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया जा रहा था। नासिक पुलिस ने सराहनीय कार्य किया है। महिला पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में अंडरकवर के रूप में तैनात थीं, जिन्होंने शिकायतों की पुष्टि की और आरोपियों को पकड़ा।

कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर शाइना एनसी ने कहा कि हम सभी का मानना है कि सनातन धर्म शांति और सद्भाव का प्रतीक है। यह एकता को बढ़ावा देता है और सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित रखता है। हम काशी विश्वनाथ मामले में अदालत के फैसले का पूरा सम्मान करते हैं। हमें उम्मीद है कि अयोध्या में भगवान राम के मामले की तरह ही काशी विश्वनाथ में भी भक्तों की श्रद्धा और भव्यता देखने को मिलेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में एक बड़ा मुद्दा बन सकता है। यह बयान न केवल विपक्ष के प्रति आक्रोश को दर्शाता है, बल्कि आने वाले आंदोलनों की चेतावनी भी है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नारी शक्ति वंदन अधिनियम क्या है?
यह अधिनियम महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रस्तावित किया गया था।
यूसीसी का क्या महत्व है?
यूसीसी का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समान कानूनों का सेट प्रदान करना है।
नासिक आईटी कंपनी मामले में क्या हुआ?
इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो लड़कियों को ब्लैकमेल कर रहे थे।
शाइना एनसी ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाया?
उन्होंने विपक्ष को महिला विरोधी और तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया।
धीरेंद्र शास्त्री का बयान क्या था?
उन्होंने सनातन धर्म को शांति और सद्भाव का प्रतीक बताया है।
राष्ट्र प्रेस
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