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कांग्रेस ने महिलाओं के सशक्तीकरण का सुनहरा अवसर गंवाया, शायना एनसी का आरोप

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कांग्रेस ने महिलाओं के सशक्तीकरण का सुनहरा अवसर गंवाया, शायना एनसी का आरोप

सारांश

महिला आरक्षण बिल के पारित न होने पर शायना एनसी और रितु तावड़े ने विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने इसे महिलाओं के सशक्तीकरण का एक चूक गया मौका बताया। जानिए इस मुद्दे पर उनकी क्या राय है।

मुख्य बातें

महिला आरक्षण बिल का पारित न होना एक चूक गया अवसर है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे पर संवेदनशीलता दिखाई है।
विपक्ष का विरोध महिलाओं के सशक्तीकरण के खिलाफ है।
महिलाओं का अधिकार हासिल करने के लिए यह बदलाव आवश्यक है।
महायुति नेतृत्व ने साजिशों का सामना करने का संकल्प लिया है।

महाराष्ट्र, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन बिल का पारित न होना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन पर शिवसेना नेता शायना एनसी और मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने विपक्ष की भूमिका पर प्रश्न उठाते हुए इसे महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए एक चूक गया अवसर कहा है। इस मुद्दे पर पूरे देश में राजनीतिक चर्चाएँ जारी हैं।

शायना एनसी ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "नारी शक्ति वंदन बिल इतिहास रचने की क्षमता रखता था, जिसके लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति और संवेदनशीलता की आवश्यकता होती है, जो प्रधानमंत्री ने प्रदर्शित की है। जबकि विपक्ष ने ऐसा नहीं किया। 1950 में संसद में केवल 22 महिलाएं थीं, अब 2026 में यह संख्या बढ़कर 74 हो गई है, जो लगभग 13 से 14 प्रतिशत है। हाल के आंकड़ों के अनुसार, 4,123 सीटों में से 390 महिला विधायक हैं। यह परिवर्तन आवश्यक है क्योंकि यह हमारा अधिकार है।"

उन्होंने आगे कहा, "प्रधानमंत्री ने अपनी संवेदनशीलता का परिचय दिया। जबकि विपक्ष ने केवल महिला आरक्षण का विरोध किया और महिलाओं का अपमान किया। मैं विपक्ष से पूछना चाहती हूं कि यह एक 'विन-विन' (दोनों के लिए लाभकारी) अवसर था, जिसमें 50 प्रतिशत सीटें बढ़ाई जा रही थीं और हम पुरुषों से कुछ भी नहीं छीन रहे थे।"

नासिक की आईटी कंपनी मामले पर शायना एनसी ने कहा, "महाराष्ट्र सरकार जबरदस्ती धर्म परिवर्तन के खिलाफ है। नासिक में युवतियों को गुमराह किया जा रहा है, उनके वीडियो बनाए जा रहे हैं और बाद में उन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा है।"

उन्होंने कहा कि यह एक साजिश है। महायुति नेतृत्व इस साजिश का सामना करने के लिए प्रतिबद्ध है, और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि दोषियों को सख्त सजा मिले, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं पुनः न हों।

मेयर रितु तावड़े ने राष्ट्र प्रेस से कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पेश किया था, जो महिलाओं के सम्मान और सशक्तीकरण के लिए एक महत्वपूर्ण विधेयक था, जिसमें 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रस्ताव था। लेकिन कांग्रेस ने कथित तौर पर वोटिंग में समर्थन न मिलने के कारण इसे रोक दिया, जिससे यह विधेयक पारित नहीं हो सका। अब महिलाओं को यह स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस पार्टी महिला सशक्तीकरण के खिलाफ है।"

रितु तावड़े ने यह भी जोड़ा, "अखिल भारत अचल गच्छ जैन संघ ने एक भव्य 'पारणा' समारोह का आयोजन किया है। यह कार्यक्रम पूज्य कविंद्र सागर सूरी जी महाराज के 'वर्षीतप पारणा महोत्सव' का रजत जयंती वर्ष है। यहाँ आकर मुझे खुशी हो रही है, और मैं एक सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव कर रही हूँ।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सामाजिक न्याय का भी है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण बिल क्या है?
महिला आरक्षण बिल एक विधेयक है जो संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण प्रदान करता है।
शायना एनसी का इस मुद्दे पर क्या कहना है?
शायना एनसी ने इसे महिलाओं के सशक्तीकरण का एक महत्वपूर्ण अवसर बताया है जो विपक्ष ने गंवा दिया।
राष्ट्र प्रेस
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