विपक्ष देश में उत्तर-दक्षिण विभाजन की साजिश कर रहा है: शांभवी चौधरी
सारांश
Key Takeaways
- महिला आरक्षण विधेयक का राजनीतिक महत्व और विपक्ष की प्रतिक्रियाएँ।
- शांभवी चौधरी का विपक्ष पर झूठ फैलाने का आरोप।
- ओपी राजभर का आंदोलन करने का ऐलान।
- हैदराबाद में टी. आर. श्रीनिवास और सुषमा मुदिगोंडा की टिप्पणियाँ।
नई दिल्ली, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। संविधान के 131वें संशोधन विधेयक को लोकसभा में अस्वीकृत किए जाने के बाद विभिन्न शहरों से नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की तीखी प्रतिक्रियाएँ आई हैं। शांभवी चौधरी ने कहा कि इतिहास बताता है कि कांग्रेस पार्टी महिलाओं को आरक्षण का अधिकार नहीं देना चाहती थी।
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की सांसद शांभवी चौधरी ने विपक्ष पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "विपक्ष पूरी तरह से झूठ बोल रहा है और एक गलत नैरेटिव बनाने का प्रयास कर रहा है। वे देश में उत्तर-दक्षिण का विभाजन उत्पन्न करने की कोशिश में हैं।"
यूपी सरकार के मंत्री ओपी राजभर ने इस मुद्दे पर व्यापक आंदोलन करने की घोषणा की। उन्होंने कहा, "हमारी पार्टी इस विधेयक के गिरने के खिलाफ पूरे प्रदेश में आंदोलन शुरू करेगी। 3 मई को 'महिला अधिकार रैली' का आयोजन होगा, जिसमें विपक्षी दलों की सच्चाई को सामने लाया जाएगा।"
ओपी राजभर ने कहा, "इन रैलियों के माध्यम से हम विपक्षी दलों को बेनकाब करेंगे। जिन महिलाओं को जानकारी नहीं है, उन्हें जागरूक किया जाएगा और समाजवादी पार्टी, कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दलों का पर्दाफाश किया जाएगा।"
इस बीच, हैदराबाद में भाजपा नेता टी. आर. श्रीनिवास ने भी विपक्ष पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा, "संसद के विशेष सत्र की शुरुआत के पहले दिन से ही इंडिया ब्लॉक और कांग्रेस इस पूरे मुद्दे को विफल करने में लगे हुए थे।"
उन्होंने विपक्षी नेताओं पर आरोप लगाया कि वे दक्षिण भारत, विशेषकर तमिलनाडु के साथ 'अन्याय' का मुद्दा उठाकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।
हैदराबाद में सामाजिक कार्यकर्ता सुषमा मुदिगोंडा ने इस निर्णय पर निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा, "मैं व्यक्तिगत रूप से निराश हूँ कि महिला आरक्षण विधेयक का सभी विपक्षी दलों ने विरोध किया। मुझे लगता है कि विपक्षी दल महिलाओं की समस्याओं को समझते ही नहीं हैं।" सुषमा मुदिगोंडा ने प्रियंका गांधी और राहुल गांधी को 'नेपो किड्स' बताया।