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नवनीत राणा ने 'नारी शक्ति वंदन' अधिनियम को न पास करने पर लगाई विपक्ष को फटकार

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नवनीत राणा ने 'नारी शक्ति वंदन' अधिनियम को न पास करने पर लगाई विपक्ष को फटकार

सारांश

पूर्व सांसद नवनीत राणा ने लोकसभा में 'महिला आरक्षण बिल' के न पास होने पर भावुक होकर विपक्ष पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि हमारी भी जिम्मेदारी है कि हम प्रधानमंत्री को बहुमत नहीं दिला पाए।

मुख्य बातें

महिला आरक्षण बिल का न पास होना एक बड़ी चूक है।
नवनीत राणा ने विपक्ष को कटघरे में खड़ा किया।
महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता है।
प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे को संसद में उठाया।
महिलाओं को समान अवसर मिलना चाहिए।

नई दिल्ली, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में महिला आरक्षण बिल के पास न होने पर पूर्व सांसद और भाजपा नेता नवनीत राणा ने विपक्ष पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि हम सभी प्रधानमंत्री से माफी मांगते हैं कि हम उन्हें 400 से अधिक बहुमत नहीं दिला पाए। इस मौके पर नवनीत राणा भावुक हो गईं।

नवनीत राणा ने एक वीडियो संदेश में कहा कि विरोधियों की गलती से कहीं अधिक हमारी जिम्मेदारी है, जो उन्हें अपने जिलों और शहरों में सीटें नहीं दिला सके।

उन्होंने कहा, “भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण बिल पेश किया है। सबसे पहले, हम आपसे माफी मांगते हैं कि हम इस देश में आपको 400 से अधिक बहुमत नहीं दिला सके। आज हमारे लिए, खासकर महिलाओं के लिए, बहुत खुशी का दिन था। जब यह बिल 2023 में पहली बार पेश किया गया, तो हम इसके साक्षी बने। हमें उम्मीद थी कि आने वाले समय में महिलाओं की भागीदारी 13-14 प्रतिशत से बढ़कर 33 प्रतिशत हो जाएगी।”

उन्होंने आगे कहा कि विरोधियों की गलती से ज्यादा हम जैसे लोगों की जिम्मेदारी है, जो उन्हें अपने क्षेत्रों से सीटें नहीं दिला पाए। आजादी के बाद, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा दिए गए अधिकारों के बाद, आज पहली बार महिलाओं के आरक्षण पर सदन में चर्चा हो रही है। पूरे देश की महिलाओं को यह उम्मीद थी कि वे पुरुषों के समान बैठेंगी और देश की भलाई में योगदान देंगी।

नवनीत राणा ने कहा कि विपक्ष के सभी लोग, चाहे वह कांग्रेस हो, सपा हो, या तमिलनाडु के स्टालिन हों, जिन्होंने आज इसका विरोध किया, उन्हें महिलाओं की आवाज सुननी चाहिए। मैं यह कहना चाहूंगी कि इस देश की महिलाएं आपको कभी नहीं माफ करेंगी। आपकी पत्नियां और सामान्य महिलाएं, जो आपके नाम और प्लेटफॉर्म का उपयोग करके सफल हुई हैं, उनके लिए यह दिन 'काला दिन' बन गया है।

उन्होंने कहा कि यह याद रखें, इस देश की कोई भी महिला इन विरोधियों को कभी माफ नहीं करेगी। एक प्रधानमंत्री के रूप में आपने महिलाओं के आरक्षण के लिए इस विधेयक को संसद में लाने का प्रयास किया।

उन्होंने कहा कि महिलाओं की ओर से आपको दंडवत प्रणाम। मैं यह एक पार्टी कार्यकर्ता के रूप में नहीं, बल्कि इस देश की एक महिला के रूप में कह रही हूं। यह खेद हमेशा रहेगा कि विरोधियों ने अपनी राजनीतिक स्वार्थ के लिए महिलाओं का अधिकार उनसे छीना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि उन्होंने न केवल विपक्ष को कटघरे में खड़ा किया, बल्कि अपनी पार्टी की जिम्मेदारी को भी स्वीकार किया। यह स्पष्ट है कि महिला आरक्षण का मुद्दा देश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण बिल क्या है?
महिला आरक्षण बिल का उद्देश्य भारतीय संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए सीटों का आरक्षण सुनिश्चित करना है।
नवनीत राणा ने क्या कहा?
नवनीत राणा ने कहा कि हमें प्रधानमंत्री से माफी मांगनी चाहिए कि हम उन्हें बहुमत नहीं दिला पाए।
इस बिल का पास न होना क्यों महत्वपूर्ण है?
इस बिल का पास न होना महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को बाधित करता है और उन्हें समान अवसर नहीं मिलते।
विपक्ष पर नवनीत राणा ने क्या आरोप लगाया?
नवनीत राणा ने विपक्ष को महिलाओं के अधिकारों के लिए जिम्मेदार ठहराया।
महिलाओं के लिए आरक्षण का महत्व क्या है?
महिलाओं के लिए आरक्षण उनके राजनीतिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण है।
राष्ट्र प्रेस
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