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क्या अमरनाथ यात्रा फिर से शुरू हो गई है? जम्मू से 7,908 श्रद्धालुओं का नया जत्था रवाना

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क्या अमरनाथ यात्रा फिर से शुरू हो गई है? जम्मू से 7,908 श्रद्धालुओं का नया जत्था रवाना

सारांश

अमरनाथ यात्रा एक बार फिर से शुरू हो गई है, जिसमें जम्मू से 7,908 श्रद्धालुओं का जत्था रवाना हुआ है। इस यात्रा में अब तक 2.52 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। जानिए यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था और महत्वपूर्ण तिथियों के बारे में।

मुख्य बातें

अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से प्रारंभ हुई है।
इस यात्रा में अब तक 2.52 लाख श्रद्धालु भाग ले चुके हैं।
7,908 श्रद्धालुओं का नया जत्था जम्मू से रवाना हुआ।
यह यात्रा 9 अगस्त को समाप्त होगी।
सुरक्षा व्यवस्था के लिए 180 अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं।

श्रीनगर, 18 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू से अमरनाथ यात्रा एक बार फिर से आरंभ हो चुकी है। हाल ही में खराब मौसम के कारण इस यात्रा को एक दिन के लिए स्थगित किया गया था। इसके बाद, शुक्रवार को जम्मू से 7,908 श्रद्धालुओं का एक नया जत्था अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना हुआ। अधिकारियों के अनुसार, 3 जुलाई से प्रारंभ हुई इस यात्रा में अब तक 2.52 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।

अधिकारियों ने बताया, "शुक्रवार को 7,908 यात्रियों का यह जत्था भगवती नगर यात्री निवास से दो सुरक्षा काफिलों में घाटी की ओर रवाना हुआ। पहला सुरक्षा काफिला 92 वाहनों के साथ 2,879 यात्रियों को लेकर सुबह 3.30 बजे बालटाल कैंप के लिए निकला, जबकि दूसरा काफिला 169 वाहनों के साथ 5,029 यात्रियों को सुबह 4.25 बजे नुनवान (पहलगाम) कैंप के लिए रवाना हुआ।

इससे पहले, 10 जुलाई को पहलगाम में छड़ी मुबारक (भगवान शिव की पवित्र गदा) का भूमि पूजन हुआ। छड़ी मुबारक को दशनामी अखाड़ा भवन से पहलगाम लाया गया। वहां गौरी शंकर मंदिर में भूमि पूजन किया गया और फिर इसे अपने स्थान पर वापस ले जाया गया।

यह यात्रा 4 अगस्त को दशनामी अखाड़ा मंदिर से गुफा मंदिर की ओर अपनी अंतिम यात्रा शुरू करेगी और 9 अगस्त को पवित्र गुफा मंदिर पहुंचेगी, जो यात्रा का आधिकारिक समापन होगा।

इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा के लिए कई स्तरों की सुरक्षा व्यवस्था की गई है। यह यात्रा 22 अप्रैल के कायराना हमले के बाद हो रही है, जिसमें पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने पहलगाम के बैसरन मैदान में 26 नागरिकों की हत्या की थी।

सुरक्षा बलों की मौजूदा संख्या बढ़ाने के लिए सीएपीएफ की 180 अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं।

अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई को शुरू हुई थी और 9 अगस्त को समाप्त होगी। यह कुल 38 दिनों की यात्रा है, जो श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के दिन समाप्त होगी।

यह यात्रा 3888 मीटर ऊँचाई पर स्थित पवित्र गुफा तक होती है, जहां भगवान शिव का प्राकृतिक हिम शिवलिंग स्थापित होता है, जो चंद्रमा की कलाओं के अनुसार घटता-बढ़ता है। भक्तों का मानना है कि बर्फ की यह संरचना भगवान शिव की पौराणिक शक्तियों का प्रतीक है।

संपादकीय दृष्टिकोण

विशेषकर उन श्रद्धालुओं के लिए जो इस पवित्र स्थल की यात्रा का सपना देखते हैं। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यात्रा का आयोजन किया गया है, और इसकी सफलता से यह साबित होता है कि श्रद्धालुओं की आस्था अटूट है।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमरनाथ यात्रा कब शुरू हुई थी?
अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई को शुरू हुई थी।
इस वर्ष यात्रा की समाप्ति कब होगी?
यह यात्रा 9 अगस्त को समाप्त होगी।
क्या यात्रा के लिए सुरक्षा व्यवस्था की गई है?
हाँ, इस वर्ष यात्रा के लिए कई स्तरों की सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
छड़ी मुबारक का भूमि पूजन कब हुआ था?
छड़ी मुबारक का भूमि पूजन 10 जुलाई को पहलगाम में हुआ था।
अमरनाथ गुफा की ऊँचाई कितनी है?
अमरनाथ गुफा 3888 मीटर ऊँचाई पर स्थित है।
राष्ट्र प्रेस
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