अमरनाथ यात्रा 2025: अमित शाह ने की उच्चस्तरीय बैठक, बहुस्तरीय सुरक्षा ग्रिड और QR कोड पहचान पत्र का निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 12 जून 2025 को नई दिल्ली में अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। बैठक में 3 जुलाई से शुरू होने वाली यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए ठोस निर्देश जारी किए गए। यह यात्रा 9 अगस्त यानी रक्षाबंधन के दिन समाप्त होगी।
बहुस्तरीय सुरक्षा ग्रिड की तैयारी
बैठक में तय किया गया कि यात्रा मार्ग पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF), जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के समन्वय से एक अभेद्य बहुस्तरीय सुरक्षा ग्रिड तैयार किया जाएगा। सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए ड्रोन, सीसीटीवी कैमरे, आधुनिक सर्विलांस सिस्टम तथा अन्य अत्याधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग होगा। पारंपरिक सुरक्षा तंत्र को भी इसके साथ और मज़बूत किया जाएगा।
गृह मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि CAPF और जम्मू-कश्मीर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी विभिन्न शिविर स्थलों पर स्वयं उपस्थित रहकर सुरक्षा और व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी करें।
QR कोड पहचान पत्र और पशु पंजीकरण
बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय यह लिया गया कि यात्रा से जुड़े स्थानीय लोगों और यात्रा में उपयोग होने वाले पशुओं का अनिवार्य पंजीकरण किया जाएगा। सभी को QR कोड युक्त पहचान पत्र जारी किए जाएंगे, जिससे पहचान सत्यापन आसान और त्वरित होगा। पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए विशेष शिविर भी लगाए जाएंगे। यह कदम सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मौसम के अनुसार यात्रियों की आवाजाही
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह भी तय किया गया कि मौसम की स्थिति और पूर्वानुमान के आधार पर ही यात्रियों के जत्थों को आगे बढ़ने की अनुमति दी जाएगी। यह व्यवस्था विशेष रूप से ऊँचाई वाले दुर्गम क्षेत्रों में अनहोनी से बचाव के लिए की गई है।
श्रद्धालुओं की सुविधाएँ और पंजीकरण
बैठक में यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि यात्रियों के पंजीकरण, आवास, स्वास्थ्य सेवाओं और आपदा प्रबंधन जैसी सभी आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था हो। इस वर्ष की यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य है, जिसे श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड और अधिकृत बैंकों के माध्यम से कराया जा सकता है।
जम्मू-कश्मीर के पर्यटन स्थलों पर भी कड़ी नज़र
अमित शाह ने अमरनाथ यात्रा मार्ग के अतिरिक्त जम्मू-कश्मीर के अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी सुरक्षा व्यवस्था मज़बूत रखने के निर्देश दिए। गौरतलब है कि हाल के वर्षों में घाटी में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे व्यापक सुरक्षा नियोजन और भी ज़रूरी हो गया है। यात्रा की सफलता केवल धार्मिक महत्व तक सीमित नहीं, बल्कि यह क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और सामान्य स्थिति की पहचान भी है।