सांबा में बसंतर नदी पर बना तीसरा पुल: स्थानीय लोगों ने सरकार का जताया आभार

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सांबा में बसंतर नदी पर बना तीसरा पुल: स्थानीय लोगों ने सरकार का जताया आभार

सारांश

सांबा में बसंतर नदी पर बने तीसरे पुल के उद्घाटन से सड़क सुरक्षा में सुधार और यातायात की सहजता की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने इस परियोजना के पूर्ण होने पर सरकार का आभार व्यक्त किया है।

Key Takeaways

  • तीसरा पुल तैयार, अब यातायात के लिए खुला।
  • सिडको चौक क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं में कमी की उम्मीद।
  • लगभग 171.25 करोड़ रुपए खर्च हुए इस परियोजना पर।
  • स्थानीय लोगों का सरकार के प्रति आभार।
  • यातायात की व्यवस्था में सुधार की संभावना।

सांबा, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में नेशनल हाईवे-44 पर बसंतर नदी के ऊपर निर्मित तीसरा पुल अब पूरी तरह से तैयार है और इसे वाहनों के लिए खोल दिया गया है। इस पुल के निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही थी, क्योंकि इसके अभाव में सांबा के सिडको चौक क्षेत्र में अक्सर सड़क दुर्घटनाएं होती थीं और यात्रियों को भीषण ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता था।

नए पुल के उद्घाटन से इस क्षेत्र में यातायात व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस पुल के निर्माण से न केवल सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को भी बड़ी राहत मिलेगी। पहले सिडको चौक और इसके आस-पास के क्षेत्रों में घंटों तक जाम लगता था, जिससे न केवल आम लोगों, बल्कि व्यावसायिक गतिविधियों पर भी नकारात्मक असर पड़ता था। अब पुल के चालू होने से यातायात का दबाव कम होगा और वाहनों की आवाजाही सुचारू रूप से हो सकेगी।

अधिकारियों के अनुसार, नेशनल हाईवे-44 पर सुरक्षा और यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं पूरी की गई हैं। इन कार्यों पर लगभग 171.25 करोड़ रुपए की लागत आई है। इन परियोजनाओं में सिडको चौक और गोले मेला-सांगूर के बीच के 'ब्लैकस्पॉट' यानी दुर्घटना संभावित स्थानों को सुधारना, सांबा में सर्विस रोड के साथ एक एलवीयूपी (लोअर व्हीकल अंडरपास) का निर्माण और झज्जर कोटली, काजीगुंड तथा मरहमा में सड़क किनारे आधुनिक सुविधाएं विकसित करना शामिल है।

इन स्थानों को पहले हाईवे पर दुर्घटना-प्रवण क्षेत्र और अधिक ट्रैफिक टकराव वाले पॉइंट के रूप में चिन्हित किया गया था। अधिकारियों का कहना है कि इन सुधारात्मक कार्यों से सड़क की संरचना में सुधार हुआ है, वाहनों के मोड़ने की प्रक्रिया अधिक सुरक्षित हो गई है और ट्रैफिक का प्रवाह भी पहले से अधिक सुचारू हो गया है। इससे सड़क सुरक्षा में वृद्धि हुई है और यात्रियों को ट्रैफिक जाम की समस्या से काफी राहत मिलने की संभावना है।

स्थानीय लोगों ने इस परियोजना के सफलतापूर्वक पूरा होने पर खुशी जताते हुए सरकार और संबंधित एजेंसियों का आभार व्यक्त किया है। एक स्थानीय निवासी ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि तीसरे पुल के निर्माण से सांबा के निवासियों को बड़ी राहत मिली है। पिछले कई महीनों से यह इलाका सड़क दुर्घटनाओं का केंद्र बन गया था और सिडको चौक को दो बड़े 'ब्लैकस्पॉट' के रूप में चिह्नित किया गया था। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए कदम उठाया, जो सराहनीय है।

उन्होंने आगे कहा कि आज के समय में लोगों की जिंदगी को सुरक्षित बनाना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, जिला प्रशासन और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह पुल सांबा के लिए एक बड़ी सौगात है। अब तीसरा पुल पूरी तरह से कार्य करना शुरू कर चुका है और इससे सिडको चौक पर लगने वाले जाम से भी काफी राहत मिलेगी।

सांबा के निवासी विकास डोंगरा ने भी पुल के निर्माण पर खुशी जताते हुए कहा कि यहां लंबे समय से पुल बनाए जाने की मांग की जा रही थी। उन्होंने बताया कि पहले इस क्षेत्र में कई घंटे तक ट्रैफिक जाम लगा रहता था और लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी होती थी। इसके अलावा हर दूसरे या तीसरे दिन सड़क दुर्घटनाएं भी होती रहती थीं। उनका कहना है कि अब पुल के चालू होने से इन समस्याओं में कमी आएगी और लोगों को सुरक्षित और सुगम यात्रा का लाभ मिलेगा।

Point of View

बल्कि यह क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा। सरकार की इस पहल को सराहा जा रहा है, और यह दर्शाता है कि प्रशासन स्थानीय समस्याओं को समझने और समाधान निकालने में तत्पर है।
NationPress
15/03/2026

Frequently Asked Questions

यह पुल कब तैयार हुआ?
यह पुल 15 मार्च को पूरी तरह से तैयार हुआ और वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया।
इस पुल के निर्माण की आवश्यकता क्यों थी?
इस पुल के अभाव में सिडको चौक क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाएं होती थीं और यातायात जाम की समस्या थी।
पुल के निर्माण पर कुल खर्च कितना हुआ?
इस परियोजना पर लगभग 171.25 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया क्या है?
स्थानीय लोगों ने पुल के निर्माण पर खुशी जताई है और सरकार का आभार व्यक्त किया है।
इस पुल से यातायात पर क्या असर पड़ेगा?
इस पुल के चालू होने से यातायात का दबाव कम होगा और जाम की समस्या में कमी आएगी।
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