एग्जिट पोल पर विपक्ष का पलटवार: राजद के मृत्युंजय तिवारी बोले — जनता 'एग्जैक्ट पोल' पर करती है भरोसा

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एग्जिट पोल पर विपक्ष का पलटवार: राजद के मृत्युंजय तिवारी बोले — जनता 'एग्जैक्ट पोल' पर करती है भरोसा

सारांश

एग्जिट पोल के अनुमान सामने आते ही विपक्ष ने पलटवार किया। राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने 'एग्जैक्ट पोल' का नारा दिया, कांग्रेस ने केरल में यूडीएफ जीत और पश्चिम बंगाल में ममता की चौथी सरकार का दावा किया। असली फैसला 4 मई को मतगणना के बाद आएगा।

Key Takeaways

राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने एग्जिट पोल को नकारते हुए कहा — जनता 'एग्जैक्ट पोल' पर भरोसा करती है। तिवारी का दावा: ममता बनर्जी चौथी बार सरकार बनाएंगी और 4 मई को भाजपा को पश्चिम बंगाल छोड़ना पड़ेगा। कांग्रेस सांसद के. सुरेश ने केरल में यूडीएफ को आरामदायक बहुमत मिलने का दावा किया; पिनाराई विजयन सरकार को 10 वर्षों बाद सत्ता-विरोधी लहर का सामना बताया। कांग्रेस सांसद जयप्रकाश ने असम में परिसीमन प्रक्रिया पर सवाल उठाए, भाजपा पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया। कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने कहा — भाजपा का पूरा ध्यान बंगाल पर है, लेकिन वहाँ सरकार नहीं बना पाएगी। चुनाव परिणाम 4 मई को चुनाव आयोग (ECI) द्वारा घोषित किए जाएंगे।

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने 30 अप्रैल को एग्जिट पोल के अनुमानों को सिरे से नकारते हुए कहा, "यह एग्जिट पोल नहीं, जनता 'एग्जैक्ट पोल' पर भरोसा करती है।" विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनावों के एग्जिट पोल नतीजे सामने आने के बाद नई दिल्ली में विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रियाएँ तेज़ हो गई हैं, जिनमें पश्चिम बंगाल और केरल को लेकर खास तौर पर दावे-प्रतिदावे सामने आए हैं।

मृत्युंजय तिवारी का दावा — ममता दीदी बनाएंगी चौथी बार सरकार

राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "हमें उम्मीद है कि पश्चिम बंगाल की जनता का ममता बनर्जी के प्रति स्नेह बरकरार है। ममता दीदी चौथी बार सरकार बनाएंगी और 4 मई को भाजपा को पश्चिम बंगाल छोड़ना पड़ेगा।" तिवारी ने एग्जिट पोल को भरोसेमंद नहीं माना और कहा कि असली फैसला मतगणना के दिन सामने आएगा।

केरल में यूडीएफ की जीत का दावा — कांग्रेस सांसद के. सुरेश

कांग्रेस सांसद के. सुरेश ने राष्ट्र प्रेस से कहा कि केरल में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) को स्पष्ट बहुमत मिलने जा रहा है। उन्होंने कहा, "हम पहले ही कह चुके हैं कि यूडीएफ आरामदायक बहुमत के साथ सरकार बनाएगा। पिछले 10 वर्षों से पिनाराई विजयन की सरकार सत्ता में है, जो अब अलोकप्रिय, जनविरोधी और भ्रष्ट हो चुकी है। जनता अब बदलाव चाहती है।" गौरतलब है कि केरल में परंपरागत रूप से हर पाँच साल में सत्ता परिवर्तन होता रहा है।

परिसीमन पर कांग्रेस सांसद जयप्रकाश का भाजपा पर निशाना

कांग्रेस सांसद जयप्रकाश ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए परिसीमन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "जहां-जहां भाजपा ने धोखाधड़ी की है, वहाँ इसका असर दिखेगा।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने महिला आरक्षण विधेयक का नहीं, बल्कि परिसीमन विधेयक का विरोध किया था, क्योंकि उनके अनुसार असम में भौगोलिक सीमाओं को तोड़कर भाजपा-विरोधी वोटों को एक निर्वाचन क्षेत्र में केंद्रित किया गया।

राजेश ठाकुर बोले — भाजपा का पूरा ध्यान बंगाल पर, लेकिन जीत नहीं होगी

कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने भी एग्जिट पोल को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "ऐसा कोई चुनाव नहीं होता, जहाँ भाजपा खुद को हारता हुआ बताए। वे केरल या अन्य राज्यों की बात नहीं कर रहे, जहाँ उनकी स्थिति कमज़ोर है। उनका पूरा ध्यान पश्चिम बंगाल पर है, लेकिन हमें नहीं लगता कि वे वहाँ सरकार बना पाएंगे। जनता अपना फैसला दे चुकी है, जो 4 मई को साफ हो जाएगा।"

4 मई को होगा अंतिम फैसला

यह ऐसे समय में आया है जब एग्जिट पोल के नतीजों पर सत्तारूढ़ और विपक्षी दोनों खेमे अपने-अपने दावे पेश कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता एग्जिट पोल के अनुमानों को सटीक बता रहे हैं, जबकि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इन्हें भ्रामक करार दे रहे हैं। चुनाव आयोग (ECI) द्वारा 4 मई को घोषित होने वाले नतीजे ही तय करेंगे कि एग्जिट पोल कितने सटीक साबित हुए।

Point of View

जैसा 2004 और 2015 के दिल्ली चुनाव में हुआ था। लेकिन इस बार विपक्ष के दावे केवल भावनात्मक नहीं हैं; केरल में परंपरागत सत्ता-परिवर्तन का इतिहास और बंगाल में ममता की ज़मीनी पकड़ उनके तर्क को कुछ हद तक वज़न देती है। असली सवाल यह है कि क्या परिसीमन विवाद जैसे संरचनात्मक मुद्दे मतदाताओं के मन में उतने ही गहरे हैं जितना विपक्ष दावा कर रहा है — या यह केवल हार की पूर्व-तैयारी है। 4 मई के नतीजे न सिर्फ सरकारें तय करेंगे, बल्कि यह भी बताएंगे कि एग्जिट पोल का विज्ञान भारत में कितना विश्वसनीय है।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

मृत्युंजय तिवारी ने 'एग्जैक्ट पोल' से क्या मतलब निकाला?
राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि जनता एग्जिट पोल के अनुमानों पर नहीं, बल्कि वास्तविक मतगणना — यानी 'एग्जैक्ट पोल' — पर भरोसा करती है। उनका कहना था कि एग्जिट पोल के नतीजे भ्रामक हो सकते हैं और असली तस्वीर 4 मई को सामने आएगी।
पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजे कब आएंगे?
पश्चिम बंगाल सहित इन राज्यों के चुनाव नतीजे 4 मई को चुनाव आयोग (ECI) द्वारा घोषित किए जाएंगे। विपक्षी नेताओं ने दावा किया है कि ममता बनर्जी चौथी बार सरकार बनाएंगी।
केरल में यूडीएफ की जीत का दावा किसने किया?
कांग्रेस सांसद के. सुरेश ने दावा किया कि केरल में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) को आरामदायक बहुमत मिलेगा। उन्होंने पिनाराई विजयन की 10 साल पुरानी सरकार को अलोकप्रिय और भ्रष्ट बताते हुए जनता में बदलाव की इच्छा का हवाला दिया।
कांग्रेस ने परिसीमन पर क्या आरोप लगाए?
कांग्रेस सांसद जयप्रकाश ने आरोप लगाया कि असम में परिसीमन के दौरान भौगोलिक सीमाओं को तोड़कर भाजपा-विरोधी वोटों को एक निर्वाचन क्षेत्र में केंद्रित किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी ने महिला आरक्षण विधेयक का नहीं, बल्कि इसी परिसीमन प्रक्रिया का विरोध किया था।
एग्जिट पोल पर भाजपा और विपक्ष के बीच विवाद क्यों है?
भाजपा नेता एग्जिट पोल के अनुमानों को सटीक बता रहे हैं, जबकि कांग्रेस और विपक्षी दल इन्हें भ्रामक करार दे रहे हैं। भारत में एग्जिट पोल का इतिहास मिला-जुला रहा है — 2004 और 2015 जैसे कई चुनावों में ये गलत साबित हुए हैं, जिससे विपक्ष के दावों को आधार मिलता है।
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