न्यूयॉर्क मेयर जोहरान ममदानी बोले — कोहिनूर ब्रिटिश लूट का प्रतीक, किंग चार्ल्स से वापसी की करते अपील

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न्यूयॉर्क मेयर जोहरान ममदानी बोले — कोहिनूर ब्रिटिश लूट का प्रतीक, किंग चार्ल्स से वापसी की करते अपील

सारांश

न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने किंग चार्ल्स III के न्यूयॉर्क दौरे के दौरान कोहिनूर हीरे की वापसी का मुद्दा उठाया — यह बयान औपनिवेशिक लूट की बहस को एक बार फिर वैश्विक मंच पर ले आया है। 106 कैरेट का यह हीरा 1849 से ब्रिटेन के कब्जे में है और भारत, पाकिस्तान व अफगानिस्तान तीनों इसकी वापसी की माँग करते हैं।

Key Takeaways

न्यूयॉर्क मेयर जोहरान ममदानी ने 30 अप्रैल 2026 को कहा कि वे किंग चार्ल्स III से कोहिनूर हीरा भारत को लौटाने का आग्रह करते। ममदानी और किंग चार्ल्स की 9/11 मेमोरियल समारोह में संक्षिप्त मुलाकात हुई, लेकिन बातचीत का विषय स्पष्ट नहीं हुआ। 106 कैरेट का कोहिनूर फिलहाल टावर ऑफ लंदन में किंग चार्ल्स की दादी के ताज पर जड़ा है। 1849 में ईस्ट इंडिया कंपनी ने 11 वर्षीय महाराज दलीप सिंह से यह हीरा जब्त किया था। भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान तीनों देशों ने कोहिनूर की वापसी की माँग की है; ममदानी ने यह नहीं बताया कि इसे किस देश को लौटाया जाए। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा — यह हीरा साम्राज्य की ट्रॉफी के रूप में ले जाई गई सांस्कृतिक धरोहरों का प्रतीक है।

न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी ने 30 अप्रैल 2026 को कहा कि यदि उन्हें किंग चार्ल्स III से अलग से बात करने का अवसर मिलता, तो वे उनसे कोहिनूर हीरा भारत को लौटाने का आग्रह अवश्य करते। ममदानी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 106 कैरेट का यह हीरा ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन द्वारा भारत से की गई लूट का जीवंत प्रतीक बन चुका है। उनका यह बयान तब आया जब किंग चार्ल्स 9/11 मेमोरियल कार्यक्रम में भाग लेने के लिए न्यूयॉर्क दौरे पर थे।

मुलाकात का संदर्भ

किंग चार्ल्स III अमेरिका के चार दिवसीय दौरे पर हैं, जो अमेरिका की आजादी की 250वीं सालगिरह की तैयारियों के बीच हो रहा है। बुधवार को 9/11 हमलों के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित एक समारोह के दौरान ममदानी और किंग चार्ल्स की संक्षिप्त मुलाकात हुई। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में दोनों को संक्षिप्त बातचीत करते देखा गया, जिसमें किंग चार्ल्स मुस्कुराते नजर आए।

हालाँकि यह स्पष्ट नहीं हो सका कि दोनों के बीच वास्तव में क्या बातचीत हुई। यह मुलाकात भीड़भाड़ वाले माहौल में अन्य विशिष्ट अतिथियों के बीच हुई और किंग चार्ल्स के हावभाव से यह नहीं लगा कि कोई गंभीर मुद्दा उठाया गया। उल्लेखनीय है कि पूर्व मेयर माइकल ब्लूमबर्ग ने किंग चार्ल्स और उनकी पत्नी क्वीन कैमिला को स्मारक स्थल तक ले जाकर फूल अर्पित कराए, न कि ममदानी ने।

ममदानी का स्पष्ट रुख

उपनिवेशवाद के प्रभावों पर व्यापक लेखन करने वाले प्रसिद्ध प्रोफेसर महमूद ममदानी के बेटे जोहरान ममदानी ने ब्रिटिश राजा के दौरे को लेकर खास उत्साह नहीं दिखाया। उन्होंने संकेत दिया कि वे अपनी बातचीत को केवल औपचारिकताओं तक सीमित रखेंगे। इस मुलाकात से पहले उन्होंने कहा था कि यदि अलग से बात करने का मौका मिला, तो वे कोहिनूर की वापसी का आग्रह करेंगे। उनके इस बयान को उपनिवेशवाद के इतिहास पर एक स्पष्ट और बेबाक रुख के रूप में देखा जा रहा है।

कोहिनूर का इतिहास

कोहिनूर हीरा मूल रूप से आंध्र प्रदेश के गुंटूर इलाके की कोल्लूर माइंस में मिला था। 1849 में दूसरे एंग्लो-सिख युद्ध के बाद ईस्ट इंडिया कंपनी ने इसे तत्कालीन 11 वर्षीय महाराज दलीप सिंह से जब्त कर लिया। इसे बिना तराशे ब्रिटेन ले जाया गया, जहाँ इसमें 66 हिस्से काटे गए, जिससे यह अत्यंत चमकीला हो गया। फिलहाल यह टावर ऑफ लंदन में किंग चार्ल्स की दादी के ताज पर जड़ा हुआ है।

ब्रिटेन का दावा है कि यह हीरा कानूनी तौर पर प्राप्त हुआ क्योंकि महाराज दलीप सिंह ने स्वयं इसे सौंपा था — हालाँकि आलोचकों का कहना है कि एक 11 साल के बच्चे की सहमति को कानूनी रूप से वैध नहीं माना जा सकता। भारत की आजादी के बाद से ही देश इस हीरे की वापसी की माँग करता आ रहा है।

भारत और अन्य देशों का दावा

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भारत के दावे को संक्षेप में यह कहते हुए रखा:

Point of View

यह स्पष्ट नहीं किया — जबकि भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान तीनों दावेदार हैं। यह चूक बताती है कि यह बयान नीतिगत प्रस्ताव कम और प्रतीकात्मक राजनीति अधिक है। फिर भी, एक अमेरिकी महानगर के मेयर का इस मुद्दे पर इतना स्पष्ट रुख अपनाना — ब्रिटिश राजा की उपस्थिति में — औपनिवेशिक जवाबदेही की माँग को पश्चिमी राजनीतिक विमर्श के केंद्र में लाने का संकेत देता है।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

न्यूयॉर्क मेयर जोहरान ममदानी ने कोहिनूर को लेकर क्या कहा?
ममदानी ने कहा कि यदि उन्हें किंग चार्ल्स III से अलग से बात करने का मौका मिलता, तो वे उनसे कोहिनूर हीरा भारत को लौटाने का आग्रह करते। उन्होंने कोहिनूर को ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन द्वारा भारत से की गई लूट का प्रतीक बताया।
कोहिनूर हीरा अभी कहाँ है और यह ब्रिटेन के पास कैसे पहुँचा?
कोहिनूर फिलहाल टावर ऑफ लंदन में किंग चार्ल्स की दादी के ताज पर जड़ा है। 1849 में दूसरे एंग्लो-सिख युद्ध के बाद ईस्ट इंडिया कंपनी ने इसे 11 वर्षीय महाराज दलीप सिंह से जब्त कर ब्रिटेन ले जाया था।
कोहिनूर की वापसी की माँग कौन-कौन से देश कर रहे हैं?
भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान तीनों देश कोहिनूर की वापसी की माँग करते आए हैं। हालाँकि ममदानी ने अपने बयान में यह स्पष्ट नहीं किया कि इसे किस देश को लौटाया जाना चाहिए।
ममदानी और किंग चार्ल्स III की मुलाकात कब और कहाँ हुई?
यह मुलाकात बुधवार को न्यूयॉर्क में 9/11 हमलों के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित समारोह के दौरान हुई। यह संक्षिप्त और भीड़भाड़ वाले माहौल में हुई, और दोनों के बीच हुई बातचीत का विषय सार्वजनिक नहीं हुआ।
कोहिनूर हीरे का इतिहास क्या है?
कोहिनूर मूल रूप से आंध्र प्रदेश के गुंटूर इलाके की कोल्लूर माइंस में मिला था। इसे बिना तराशे ब्रिटेन ले जाया गया जहाँ इसमें 66 हिस्से काटे गए। यह 106 कैरेट का हीरा दुनिया के सबसे बड़े हीरों में से एक है।
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