10 अगस्त 2026
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अमरनाथ यात्रा से पहले NH-44 के दो क्षतिग्रस्त पुल बहाल, गडकरी को LG सिन्हा और जितेंद्र सिंह ने दिया धन्यवाद

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अमरनाथ यात्रा से पहले NH-44 के दो क्षतिग्रस्त पुल बहाल, गडकरी को LG सिन्हा और जितेंद्र सिंह ने दिया धन्यवाद

सारांश

अमरनाथ यात्रा से ठीक पहले NH-44 पर कालीबाड़ी के पास रावी नदी और सेहर खड्ड के दो बाढ़-क्षतिग्रस्त पुल बहाल हो गए हैं। LG मनोज सिन्हा और केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने नितिन गडकरी को धन्यवाद दिया। पंजाब-जम्मू-कश्मीर के बीच संपर्क फिर से स्थापित होने से लाखों तीर्थयात्रियों को राहत मिलेगी।

मुख्य बातें

NH-44 पर कालीबाड़ी के पास रावी नदी और सेहर खड्ड के दो बाढ़-क्षतिग्रस्त पुलों का पुनर्निर्माण पूरा हुआ।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 25 जून 2025 को एक्स पर इसकी जानकारी दी।
पिछले साल आई अचानक बाढ़ में ये पुल क्षतिग्रस्त हुए थे, जिससे पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बीच संपर्क टूट गया था।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने गडकरी को धन्यवाद दिया।
पुलों की बहाली से अमरनाथ यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों को बड़ी राहत मिलेगी।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 25 जून 2025 को जानकारी दी कि जम्मू-कश्मीर के NH-44 पर कालीबाड़ी के निकट रावी नदी और सेहर खड्ड पर स्थित दो पुलों की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। ये दोनों पुल पिछले साल आई अचानक बाढ़ में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिससे पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बीच संपर्क पूरी तरह टूट गया था। वार्षिक अमरनाथ यात्रा से ठीक पहले इन पुलों की बहाली को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

गडकरी ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि NH-44 पर कालीबाड़ी के पास रावी नदी और सेहर खड्ड पर बने बाढ़-क्षतिग्रस्त दोनों पुलों का पुनर्निर्माण तय समय-सीमा के भीतर पूरा कर लिया गया। उन्होंने बताया कि इन पुलों की रणनीतिक एवं यातायात महत्ता को देखते हुए पुनर्स्थापना कार्य को प्राथमिकता दी गई थी। इन पुलों के पुनः चालू होने से यात्रियों और माल ढुलाई की आवाजाही सुचारू होगी।

उपराज्यपाल और केंद्रीय मंत्री की प्रतिक्रिया

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इसे आगामी अमरनाथ यात्रा से पहले 'बहुत अच्छी खबर' बताया। उन्होंने कहा कि 'इस अहम संपर्क मार्ग को फिर से चालू करने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का बहुत-बहुत धन्यवाद। इससे श्री अमरनाथ जी के तीर्थयात्रियों को बहुत फायदा होगा और यात्रियों व सामान की आवाजाही सुचारू रूप से हो सकेगी।'

केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने भी इस कार्य की सराहना की और एक्स पर लिखा कि 'कठुआ के लिए अच्छी खबर! पवित्र अमरनाथ यात्रा से ठीक पहले कालीबाड़ी के पास रावी नदी और सेहर खड्ड पुलों की समय पर मरम्मत के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का धन्यवाद।' उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के पिछले 12 वर्षों के बुनियादी ढाँचा विकास और जम्मू-कश्मीर में कनेक्टिविटी सुधार पर लगातार फोकस का परिणाम बताया।

तीर्थयात्रियों और आम जनता पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब अमरनाथ यात्रा का आयोजन निकट है और लाखों श्रद्धालु जम्मू-कश्मीर की ओर प्रस्थान की तैयारी में हैं। NH-44 पंजाब से जम्मू-कश्मीर को जोड़ने वाला प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग है, और इन दोनों पुलों का बंद रहना यात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों के लिए गंभीर बाधा बना हुआ था। पुलों की बहाली से न केवल तीर्थयात्रियों की आवाजाही सुगम होगी, बल्कि इस क्षेत्र में माल परिवहन और व्यापारिक गतिविधियाँ भी सामान्य होंगी।

पृष्ठभूमि: बाढ़ से हुई थी क्षति

गौरतलब है कि पिछले साल कालीबाड़ी (जिला कठुआ) क्षेत्र में अचानक आई भीषण बाढ़ ने रावी नदी और सेहर खड्ड पर बने दोनों पुलों को बुरी तरह नुकसान पहुँचाया था। इससे पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बीच सड़क संपर्क बाधित हो गया था, जो इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और यात्रा के लिए एक बड़ा झटका था। केंद्र सरकार ने इन पुलों के पुनर्निर्माण को प्राथमिकता के आधार पर लिया और निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा किया।

आगे क्या

पुलों की बहाली के साथ अब NH-44 पर यातायात पूरी तरह सामान्य होने की उम्मीद है। अमरनाथ यात्रा के दौरान इस मार्ग पर यात्री संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होती है, और इन पुलों का समय पर तैयार होना प्रशासन के लिए एक राहत है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आगामी मानसून सीजन में इन पुलों की मज़बूती किस हद तक बनी रहती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि बाढ़-संवेदनशील इस क्षेत्र में पुलों को भविष्य की आपदाओं से बचाने के लिए दीर्घकालिक बुनियादी ढाँचा नीति क्या है। हर साल मानसून के दौरान जम्मू-कश्मीर में दर्जनों सड़क संपर्क बाधित होते हैं — केवल मरम्मत नहीं, बल्कि बाढ़-प्रतिरोधी निर्माण मानकों की ज़रूरत है। यह भी गौरतलब है कि इस घोषणा का समय अमरनाथ यात्रा से ठीक पहले आना राजनीतिक दृष्टि से सुविचारित लगता है। जवाबदेही की माँग यह है कि इन पुलों की दीर्घकालिक मज़बूती और भविष्य की बाढ़ के विरुद्ध तैयारी का स्वतंत्र मूल्यांकन सार्वजनिक किया जाए।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

NH-44 पर कालीबाड़ी के पास कौन से पुल बहाल किए गए हैं?
जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में कालीबाड़ी के पास NH-44 पर रावी नदी और सेहर खड्ड पर बने दो पुल बहाल किए गए हैं। ये दोनों पुल पिछले साल आई अचानक बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो गए थे।
इन पुलों की बहाली अमरनाथ यात्रा के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
NH-44 पंजाब से जम्मू-कश्मीर को जोड़ने वाला प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग है, जिससे अमरनाथ यात्रा के दौरान लाखों तीर्थयात्री गुजरते हैं। इन पुलों के बंद रहने से यात्रियों और माल ढुलाई में गंभीर बाधा आती थी, जो अब दूर हो गई है।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस पर क्या कहा?
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इसे आगामी अमरनाथ यात्रा से पहले 'बहुत अच्छी खबर' बताया। उन्होंने नितिन गडकरी का आभार जताते हुए कहा कि इससे तीर्थयात्रियों और आम लोगों को काफी सुविधा मिलेगी।
केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने इस बहाली को किससे जोड़ा?
जितेंद्र सिंह ने इस उपलब्धि को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के पिछले 12 वर्षों के बुनियादी ढाँचा विकास और जम्मू-कश्मीर में कनेक्टिविटी सुधार पर लगातार फोकस का परिणाम बताया।
इन पुलों को नुकसान कब और कैसे हुआ था?
पिछले साल कालीबाड़ी क्षेत्र में अचानक आई भीषण बाढ़ के दौरान रावी नदी और सेहर खड्ड पर बने दोनों पुल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। इससे पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बीच सड़क संपर्क पूरी तरह बाधित हो गया था।
राष्ट्र प्रेस
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