पुणे में पनवेल-नांदेड एक्सप्रेस का पेंटोग्राफ ओएचई में फंसा, रातभर मरम्मत के बाद सुबह 7.35 बजे रेल सेवा बहाल
सारांश
मुख्य बातें
पुणे के हडपसर–लोणी रेल खंड पर 13 अगस्त 2026 की रात मवेशी की टक्कर के बाद पनवेल–नांदेड एक्सप्रेस (17613) का पेंटोग्राफ ओवरहेड इलेक्ट्रिक (OHE) तार में फंस गया, जिससे बिजली की लाइनें टूट गईं और रेल यातायात कई घंटों तक बाधित रहा। रातभर चले मरम्मत अभियान के बाद गुरुवार सुबह 7.35 बजे ओएचई में बिजली आपूर्ति बहाल कर रेल परिचालन सामान्य किया गया।
घटनाक्रम: कैसे हुई दुर्घटना
बुधवार रात करीब रात 8.16 बजे हडपसर से लोणी के बीच एक मवेशी के ट्रैक पर आ जाने से पनवेल–नांदेड एक्सप्रेस (17613) को आपात रोक लगानी पड़ी। टक्कर के प्रभाव से ट्रेन का पेंटोग्राफ ओएचई वायर में उलझ गया और बिजली की तारें टूट गईं, जिससे पूरे सेक्शन की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई।
रेलवे की त्वरित प्रतिक्रिया
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन ने बहाली कार्य तेज़ी से शुरू किया। पुणे, लोणी, दौंड और तलेगांव से चार टावर वैगन घटनास्थल भेजे गए। रात 9.30 बजे इंजीनियरिंग कंट्रोल ने ट्रैक को फिट घोषित किया। रात 9.45 बजे एक्सप्रेस ट्रेन को निकालने के लिए डीजल शंटिंग लोको जोड़ा गया और रात 10.25 बजे ट्रेन को लोणी तक पहुँचाकर सेक्शन खाली कराया गया।
प्रभावित और डायवर्ट की गई ट्रेनें
इस व्यवधान का असर कई ट्रेनों पर पड़ा। पनवेल–नांदेड एक्सप्रेस (17613), बीकानेर–यशवंतपुर एक्सप्रेस (16588), एमईएमयू (71413), महानगरी एक्सप्रेस (22177) और पुणे–सुपौल एक्सप्रेस (11401) की आवाजाही बाधित रही। वहीं, एकता नगर–एमजीआर चेन्नई सेंट्रल सुपरफास्ट एक्सप्रेस (20920), राजकोट–सिकंदराबाद सुपरफास्ट एक्सप्रेस (22717), लोकमान्य तिलक टर्मिनस–एमजीआर चेन्नई सेंट्रल एक्सप्रेस (12163) और कन्याकुमारी एक्सप्रेस (16381) को वैकल्पिक मार्ग से रवाना किया गया।
रातभर चला मरम्मत अभियान
13 अगस्त की रात 12.35 बजे ट्रैफिक और पावर ब्लॉक की अनुमति मिलने के बाद चारों टावर वैगनों की मदद से ओएचई वायर की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर शुरू हुआ। रेलवे कर्मचारियों ने बिना रुके काम किया और गुरुवार सुबह 7.35 बजे ओएचई में बिजली आपूर्ति बहाल होने के साथ ही रेल सेवा पूरी तरह सामान्य कर दी गई।
आगे की चुनौती
यह घटना ट्रैक पर मवेशियों के आने से होने वाले व्यवधानों की पुरानी समस्या को फिर उजागर करती है। रेल अधिकारियों के अनुसार, इस मार्ग पर सुरक्षा उपायों की समीक्षा की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।