मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर बस में भीषण आग, 14 यात्री सुरक्षित निकाले
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर 24 सितंबर 2026 को पनवेल सीमा क्षेत्र में एक निजी बस में अचानक आग भड़क उठी। बस में सवार 14 यात्रियों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया और उन्हें दूसरी बस में बैठाकर आगे रवाना कर दिया गया। किसी भी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है।
घटनाक्रम: कैसे लगी आग
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एक्सप्रेसवे के पुणे लेन में किलोमीटर 16 के निकट चलती बस में अज्ञात कारणों से आग लग गई। चालक और यात्रियों ने तत्परता दिखाते हुए सभी को वाहन से बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस और दमकल विभाग को तत्काल सूचित किया गया।
मौके पर पहुँची पनवेल महानगरपालिका और खोपोली नगर परिषद की दमकल टीमों ने आग पर काबू पाया। हालाँकि, दमकलकर्मियों के पहुँचने से पहले ही बस पूरी तरह जलकर राख हो चुकी थी।
महाराष्ट्र में हाल का एक और बस हादसा
यह घटना ऐसे समय में आई है जब महाराष्ट्र में बस दुर्घटनाओं की घटनाएँ लगातार चर्चा में हैं। इससे पहले 16 सितंबर को पुणे जिले के दौंड तालुका अंतर्गत चौफुला से सुपा घाट मार्ग पर एक महाराष्ट्र राज्य परिवहन (एसटी) बस खाई में गिर गई थी।
वह बस स्कूली छात्रों को ले जा रही थी। कथित तौर पर चालक की लापरवाही से बस पर से नियंत्रण खो गया और वह ढलान से खाई में जा गिरी, जिससे बस कई बार पलटी। इस हादसे में 15 से अधिक छात्र घायल हो गए थे।
16 सितंबर हादसे में कानूनी कार्रवाई
दौंड तालुका बस हादसे में यवत पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता आर्या इंद्रभान शितोले की शिकायत पर बस चालक राहुल त्रिंबक मडावी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराएँ 281, 125 (ए), 125 (बी), 324 (4) तथा मोटर वाहन अधिनियम की धाराएँ 134 और 177 के तहत अपराध दर्ज किया गया।
पुलिस के अनुसार, चालक ने यातायात नियमों की अनदेखी करते हुए लापरवाही से वाहन चलाया, जिससे यह दुर्घटना हुई।
आम जनता और यात्रियों पर असर
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे देश के सबसे व्यस्त राजमार्गों में से एक है, जिस पर रोज़ाना हज़ारों यात्री और माल-वाहक वाहन चलते हैं। बस में आग की इस घटना के बाद एक्सप्रेसवे पर यातायात अस्थायी रूप से प्रभावित हुआ। महाराष्ट्र में सार्वजनिक और निजी बसों की अग्नि सुरक्षा जाँच की माँग फिर एक बार उठने लगी है।
आगे क्या
पनवेल की इस घटना में आग लगने का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है और जाँच जारी है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं में बस के इंजन या ईंधन तंत्र में खराबी अक्सर बड़ा कारण होती है। राज्य सरकार और परिवहन विभाग से यह अपेक्षा की जा रही है कि वे यात्री बसों की नियमित तकनीकी जाँच सुनिश्चित करें।