राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी: सपा सांसद सनातन पांडे ने CM योगी से माँगी माफी, इस्तीफे की उठाई माँग
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद सनातन पांडे ने 8 नवंबर 2026 को बलिया में राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्र किए गए चंदे में कथित अनियमितताओं को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखा हमला बोला। पांडे ने माँग की कि मुख्यमंत्री सार्वजनिक रूप से माफी माँगें और अपने पद से इस्तीफा देकर जनता से नया जनादेश प्राप्त करें।
राम मंदिर चंदे पर सीधा हमला
सनातन पांडे ने कहा, 'क्या उन्होंने राम मंदिर के लिए इकट्ठा किए गए चंदे में कथित चोरी के मामले में माफी मांगी है?' उन्होंने आगे कहा कि पूरा देश — जिसमें एक विशेष समुदाय के लोग और प्रवासी भारतीय भी शामिल हैं — मुख्यमंत्री से माफी की प्रतीक्षा कर रहा है। उनके अनुसार, 'जिन लोगों ने भगवान राम के नाम का इस्तेमाल किया और राम के नाम पर आए चंदे में कथित तौर पर हेराफेरी की, उन्हें देश के सामने माफी मांगनी चाहिए।'
पांडे ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने पद से इस्तीफा देकर चुनाव के जरिए जनता का नया जनादेश लेना चाहिए। गौरतलब है कि राम मंदिर ट्रस्ट से संबंधित चंदे के आरोप विपक्ष द्वारा कई बार उठाए जाते रहे हैं, हालाँकि सरकार इन दावों को खारिज करती आई है।
प्रधानमंत्री पर भी निशाना
इस दौरान सनातन पांडे ने प्रधानमंत्री पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा, 'देश के प्रधानमंत्री को दीपावली नहीं मनानी चाहिए। वह हमारे सैनिकों को धोखा दे रहे हैं। उनके कार्यकाल के दौरान हमारी सभी सीमाओं पर सैनिक मारे गए हैं।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के कार्यकाल में भारत के किसी भी देश के साथ संबंध संतोषजनक नहीं रहे हैं।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दलों और सत्तारूढ़ दल के बीच कई मुद्दों पर राजनीतिक तनाव चरम पर है।
1990 की फायरिंग को बताया सही
सनातन पांडे ने 1990 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव (जिन्हें वे 'नेताजी' कहते हैं) के आदेश पर हुई गोलीबारी को भी उचित ठहराया। उन्होंने कहा, 'भारत के संविधान को बचाने के लिए आदरणीय नेताजी द्वारा गोली चलवाना बिल्कुल सही कदम था।' उनके अनुसार उस समय अगर यह कदम नहीं उठाया जाता, तो भारत में गृहयुद्ध छिड़ सकता था।
पांडे ने स्वीकार किया कि उनकी पार्टी से गलतियाँ हुई हैं और उन्होंने कहा, 'अपनी गलती के लिए माफी मांगने में मुझे कोई संकोच नहीं है।' साथ ही उन्होंने अपेक्षा जताई कि मुख्यमंत्री भी अपने कार्यकाल की घटनाओं के लिए माफी माँगें।
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ी हुई है और सपा लगातार सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार को कई मोर्चों पर घेरने का प्रयास कर रही है। राम मंदिर से जुड़े वित्तीय मामले विपक्ष के लिए एक संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा बने हुए हैं। सपा नेताओं के इस प्रकार के बयान राज्य में आगामी राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकते हैं।
आने वाले दिनों में देखना होगा कि सत्तारूढ़ दल इन आरोपों का किस प्रकार जवाब देता है और क्या यह मुद्दा व्यापक विधानसभा बहस का हिस्सा बनता है।