बाबरी बयान पर इमाम साजिद रशीदी का सोनिया गांधी पर हमला: '16 साल में कार्रवाई क्यों नहीं हुई?'
सारांश
मुख्य बातें
ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के प्रमुख इमाम साजिद रशीदी ने 8 नवंबर 2026 को कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के बाबरी मस्जिद संबंधी बयान पर कड़ा प्रहार किया। रशीदी ने सोनिया गांधी की भावनाओं को 'घड़ियाली और मगरमच्छ के आंसू' बताते हुए सवाल उठाया कि जब कांग्रेस 16 साल तक केंद्र में सत्तारूढ़ रही, तब न बाबरी मस्जिद का पुनर्निर्माण हुआ और न ही कथित साजिशकर्ताओं पर कोई कार्रवाई की गई।
रशीदी का सीधा सवाल: 16 साल में क्या किया?
इमाम रशीदी ने विस्तार से कहा, '1992 से 1996 तक और फिर 2004 से 2014 तक कांग्रेस की सरकार थी। अगर सोनिया गांधी को वाकई दर्द था, तो उन 16 वर्षों में बाबरी मस्जिद का निर्माण करवाया जा सकता था। कोर्ट ने भी कहा है कि जो लोग इस साजिश में शामिल थे, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए — लेकिन कांग्रेस ने ऐसा नहीं किया।'
उन्होंने आगे कहा कि उस दौर में विश्व हिंदू परिषद पर प्रतिबंध लगाने और आरएसएस पर बैन की भी ताकत सरकार के पास थी, परंतु यह कदम नहीं उठाया गया।
मुस्लिम समुदाय पर हुई हिंसा का हवाला
रशीदी ने कहा कि जब मेरठ, मलियाना, हाशिमपुरा और भागलपुर में सांप्रदायिक हिंसा हुई, उस वक्त सोनिया गांधी के 'आंसू नहीं निकले।' उन्होंने TADA और POTA जैसे कानूनों के तहत मुस्लिम युवाओं की कथित हिरासत का भी उल्लेख किया। रशीदी ने दावा किया कि कांग्रेस ने देशभर में 50,000 साम्प्रदायिक दंगों को अंजाम दिया, जिनकी कीमत मुस्लिम समुदाय को चुकानी पड़ी।
यह ऐसे समय में आया है जब 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की आहट के बीच राजनीतिक दलों के मुस्लिम मतदाताओं को लेकर बयान तेज हो रहे हैं।
कांग्रेस को भविष्य का आह्वान
इमाम रशीदी ने कहा कि अभी भी एक अवसर है — कांग्रेस यदि सार्वजनिक रूप से वादा करे कि सत्ता में आने पर बाबरी मस्जिद का पुनर्निर्माण करेगी, साजिशकर्ताओं को दंडित करेगी और आरएसएस पर बैन लगाएगी — तो मुसलमान माफ करने को तैयार हैं। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि मुस्लिम मतदाताओं ने अपना फैसला कर लिया है।
हिंदू मतदाताओं से अपील
रशीदी ने पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के हवाले से कहा कि 'जो अपने बाप का नहीं हुआ, वो किसी का नहीं हो सकता।' उन्होंने हिंदू मतदाताओं से पूछा कि जो पार्टी मुलायम सिंह के साथ वफादार नहीं रही, वह उनके साथ कैसे खड़ी होगी।
टीएमसी नेता के बयान पर प्रतिक्रिया
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक नेता के 'अग्निपरीक्षा' वाले बयान पर रशीदी ने कहा कि यदि किसी मुसलमान ने ऐसा कहा होता, तो तुरंत एफआईआर दर्ज होती। उन्होंने इस दोहरे मापदंड की आलोचना की और कहा कि ऐसे बयानों से 'भावनाएं भड़कती हैं और इन पर कार्रवाई होनी चाहिए।' आगे देखना होगा कि सोनिया गांधी के बयान पर कांग्रेस की ओर से क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है और क्या यह विवाद 2027 चुनावों से पहले और गहराता है।