बाबरी पर सोनिया गांधी के बयान का रामदास आठवले ने किया पलटवार, बोले- मस्जिद से पहले मंदिर, मंदिर से पहले बौद्ध मंदिर था
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदास आठवले ने 8 नवंबर 2026 को सोनिया गांधी के बाबरी मस्जिद संबंधी बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए ऐतिहासिक संदर्भ का हवाला दिया। आठवले ने कहा कि अयोध्या में बाबरी मस्जिद से पहले मंदिर था और उस मंदिर से भी पहले वहाँ बौद्ध मंदिर विद्यमान था।
आठवले का ऐतिहासिक तर्क
रामदास आठवले ने कहा, 'देश का इतिहास ऐसा रहा है कि जब यहाँ मुगल आए थे, तब उन्होंने अनेक क्षेत्रों पर कब्जा किया था। अयोध्या के परिसर पर भी उनका शासन था। उन्होंने जहाँ-जहाँ मंदिर थे, उन्हें ध्वस्त करके इमारतें बनाईं।' उन्होंने आगे कहा कि उस काल से भी पहले जब पूरे देश पर बौद्ध धर्म का प्रभाव था और ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र सभी वर्ग बौद्ध बने थे, तब वहाँ बौद्ध मंदिर थे।
आठवले ने सिद्धार्थ गौतम बुद्ध का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने विश्व शांति और अहंकार-मुक्त मानव निर्माण का संदेश दिया था। उनके अनुसार, 'बाबरी मस्जिद के पहले वहाँ जो मंदिर था, उसके पहले वहाँ बौद्ध मंदिर भी था — यह सारा इतिहास है।'
सोनिया गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया
आठवले ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के उस बयान को निशाने पर लिया, जिसमें उन्होंने बाबरी मस्जिद को ऐतिहासिक बताया था। आठवले ने कहा कि जब यह हिंदू समाज के लिए बहुत बड़ा मुद्दा बना, तभी यह प्रश्न उठा। गौरतलब है कि बाबरी मस्जिद विवाद और उसके बाद सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर राजनीतिक बयानबाजी समय-समय पर नई बहस छेड़ती रही है।
महाराष्ट्र के सूखा पीड़ित किसानों पर आश्वासन
दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए रामदास आठवले ने महाराष्ट्र के सूखा पीड़ित किसानों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस बार भयंकर सूखे से किसानों की फसलें पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार पहले भी देशभर के लगभग 17 करोड़ किसानों के खातों में ₹18,000 करोड़ से अधिक की राशि वितरित कर चुकी है और महाराष्ट्र के किसानों को भी इसका लाभ मिला है।
आठवले ने भरोसा दिलाया कि महाराष्ट्र सरकार और केंद्र सरकार दोनों किसानों के साथ खड़ी हैं और मुआवज़ा बहुत जल्द मिलेगा।
2024 चुनाव और विपक्ष पर टिप्पणी
आठवले ने 2024 के लोकसभा चुनाव का संदर्भ देते हुए कहा कि कांग्रेस और विपक्ष हारे ज़रूर, लेकिन उनकी सीटें बढ़ीं। उन्होंने स्वीकार किया कि राहुल गांधी और उनके सहयोगियों द्वारा संविधान बदलने का मुद्दा बड़े पैमाने पर प्रचारित किए जाने का उनकी पार्टी को नुकसान हुआ था।
उन्होंने अनिवार्य मतदान का मुद्दा भी उठाया और कहा कि वे लोकसभा में दो बार यह माँग कर चुके हैं कि 'वन मैन, वन वोट, वन वैल्यू' के सिद्धांत को सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य मतदान का कानून बनना चाहिए।
राहुल गांधी और अर्थव्यवस्था पर बयान
कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आठवले ने कहा कि वे बार-बार नकारात्मक बातें इसलिए करते हैं क्योंकि देश विकास की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया में चौथे स्थान पर पहुँच चुकी है और ऐसे में देश की अर्थव्यवस्था को लेकर नकारात्मक बातें करना देश के साथ न्याय नहीं है। आगे आने वाले दिनों में बाबरी मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाज़ी और तेज़ होने की संभावना है।