BSF से माफी: CM सुवेंदु अधिकारी ने TMC सरकार के बर्ताव के लिए हिंगलगंज कैंप में खेद जताया
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 8 नवंबर 2026 को उत्तर 24 परगना जिले के हिंगलगंज स्थित सीमा सुरक्षा बल (BSF) कैंप में पहुँचकर पिछली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के कार्यकाल में इस केंद्रीय सशस्त्र बल के साथ हुए बर्ताव के लिए माफी माँगी। दीवाली के अवसर पर कोलकाता से हेलीकॉप्टर के ज़रिए पहुँचे अधिकारी ने BSF जवानों के साथ त्योहार भी मनाया — यह उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद BSF कैंप में पहली दिवाली थी।
मुख्यमंत्री ने क्या कहा
BSF कैंप में जवानों को संबोधित करते हुए अधिकारी ने कहा, 'मैं पिछली (तृणमूल कांग्रेस) सरकार के बर्ताव के लिए BSF से माफी माँगता हूँ।' उन्होंने आगे जोड़ा कि पूर्ववर्ती सरकार ने BSF और CRPF के लिए जिन 'बुरे शब्दों' का इस्तेमाल किया, उसके लिए पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में वे खेद व्यक्त करते हैं। उन्होंने स्वामी विवेकानंद का उद्धरण देते हुए कहा कि 'जो हो गया उसे पीछे छोड़ दें और आगे बढ़ें।'
सीमा सुरक्षा और भूमि विवाद
अधिकारी ने TMC शासनकाल में भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़बंदी के लिए भूमि न देने के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने बार-बार प्रयास किए, लेकिन पिछली सरकार ने ज़मीन उपलब्ध नहीं कराई। वर्तमान भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के सत्ता में आने के बाद सीमा सुरक्षा को लेकर राज्य और केंद्रीय बलों के बीच समन्वय में सुधार हुआ है और इस संबंध में एक विशेष समन्वय बैठक भी आयोजित की जा चुकी है।
दिवाली का जश्न और सरकार का संदेश
मुख्यमंत्री ने BSF जवानों को पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से दीवाली की शुभकामनाएँ दीं और मिठाइयाँ बाँटीं। इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक सिद्धार्थ नाथ गुप्ता भी उनके साथ मौजूद थे। कैंप के दौरे के बाद अधिकारी ने हिंगलगंज पुलिस स्टेशन के पास स्थित एक पूजा मंडप का भी भ्रमण किया।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में BJP सरकार के सत्ता में आने के बाद से TMC के शासनकाल में केंद्रीय बलों के साथ हुए व्यवहार का मुद्दा राजनीतिक रूप से संवेदनशील रहा है। आलोचकों का कहना है कि यह माफी वर्तमान सरकार की राजनीतिक प्राथमिकताओं को दर्शाती है, जबकि BJP नेतृत्व इसे सुरक्षा बलों के प्रति सम्मान और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता के रूप में पेश कर रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में सीमा प्रबंधन और केंद्र-राज्य समन्वय राष्ट्रीय सुरक्षा चर्चा का अहम हिस्सा बने हुए हैं।
आगे की राह
अधिकारी ने संकेत दिया कि राज्य सरकार आने वाले दिनों में BSF के साथ मिलकर सीमा सुरक्षा को और मज़बूत करने के लिए काम करती रहेगी। भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़बंदी के अधूरे काम को प्राथमिकता देने की भी बात कही गई है।