दीपोत्सव 2026: अयोध्या में संस्कृति और आस्था का अद्भुत संगम, 151 वर्ष पुरानी रामलीला को मिला भव्य मंच
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या में 8 नवंबर 2026 को आयोजित दीपोत्सव-2026 ने रामनगरी को आस्था, कला और सांस्कृतिक वैभव के अद्वितीय संगम में तब्दील कर दिया। राम की पैड़ी से लेकर रामकथा पार्क तक हर आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं, कलाकारों और स्वयंसेवकों की भागीदारी ने इस उत्सव को असाधारण बना दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और मौजूदगी में आयोजित इस महोत्सव ने अयोध्या की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और सुदृढ़ किया।
आस्था और उल्लास का अनूठा दृश्य
राम की पैड़ी पर उमड़ी जनसमुद्र, आसमान में बिखरी रंग-बिरंगी रोशनी और आधुनिक तकनीक से सजी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। लोग परिवार के साथ महोत्सव का आनंद लेते और मोबाइल कैमरों में यादगार पलों को सहेजते नजर आए। अंबेडकर नगर से दीपोत्सव देखने आए विवेक ने कहा कि अयोध्या में इस आयोजन का स्वरूप हर साल और अधिक आकर्षक होता जा रहा है तथा रामनगरी की सजावट और धार्मिक वातावरण को करीब से देखना उनके लिए विशेष अनुभव रहा।
कलाकारों के लिए विशेष मंच
विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से कलाकारों ने भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों और भारतीय परंपराओं को जीवंत किया। केरल की कलाकार ईश्वरतरुण ने कहा कि योगी सरकार की ओर से दीपोत्सव को लगातार भव्य स्वरूप दिए जाने से लोककला, संस्कृति और पारंपरिक विधाओं को नई पहचान मिल रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से कलाकारों का उत्साह बढ़ता है और उन्हें बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का दुर्लभ अवसर मिलता है।
आयोजन में सम्मिलित हुए शोभित ने बताया कि इस बार की भव्यता और व्यवस्थाओं ने उन्हें एक अविस्मरणीय अनुभव दिया। स्वयंसेवक खुशी सिंह ने कहा कि अयोध्या के इस ऐतिहासिक और धार्मिक आयोजन का हिस्सा बनना उनके लिए गर्व की बात है।
151 वर्ष पुरानी रामलीला परंपरा को भव्य मंच
दीपोत्सव-2026 में पहली बार श्रीराम-जानकी मंदिर, साहिबगंज की 151 वर्ष पुरानी रामलीला परंपरा को भव्य मंच प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में रामकथा पार्क में इस स्वदेशी रामलीला का मंचन किया गया। इसमें लकी गुप्ता ने भगवान श्रीराम, गौरव गुप्ता ने लक्ष्मण, सूरज साहू ने परशुराम और ऋषि गौड़ ने विश्वामित्र की भूमिका निभाई।
भगवान श्रीराम का किरदार निभाने वाले लकी गुप्ता ने कहा कि रामकथा पार्क में मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुति देना उनके जीवन का गौरवपूर्ण अनुभव है और योगी सरकार ने स्थानीय कलाकारों को बड़ा मंच और सम्मान दिया है। लक्ष्मण की भूमिका में गौरव गुप्ता ने कहा कि रामनगरी में लक्ष्मण का किरदार निभाना उनके लिए सौभाग्य की बात है और सरकार अयोध्या की संस्कृति व परंपराओं को नई पहचान दे रही है।
स्वयंसेवकों की अहम भूमिका
इतने विशाल आयोजन को सुचारू रूप से संपन्न कराने में स्वयंसेवकों की भूमिका उल्लेखनीय रही। व्यवस्था संभालने से लेकर श्रद्धालुओं को सहयोग देने तक, उन्होंने पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ कार्य किया। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर दीपोत्सव का यह व्यापक स्वरूप आम नागरिकों को भी अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन रहा है।
आगे की राह
दीपोत्सव-2026 ने यह स्पष्ट कर दिया कि अयोध्या अब केवल एक धार्मिक नगरी नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र बनती जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आयोजन स्थानीय कलाकारों और लोककला परंपराओं को नई जीवनी-शक्ति देने के साथ-साथ क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी गति प्रदान करते हैं।