8 नवंबर 2026
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पेरियार लाइब्रेरी किताब खरीद विवाद: तमिलनाडु सरकार ने आर.वी. शाजीवना को बनाया नया पुस्तकालय निदेशक

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पेरियार लाइब्रेरी किताब खरीद विवाद: तमिलनाडु सरकार ने आर.वी. शाजीवना को बनाया नया पुस्तकालय निदेशक

सारांश

कोयंबटूर की पेरियार लाइब्रेरी में किताब खरीद को लेकर बढ़ते विवाद के बीच तमिलनाडु सरकार ने आईएएस अधिकारी आर.वी. शाजीवना को सार्वजनिक पुस्तकालय विभाग का नया निदेशक नियुक्त किया है। पहले यह अतिरिक्त प्रभार जयंती के पास था, जो अब केवल टीआरबी अध्यक्ष रहेंगी।

मुख्य बातें

तमिलनाडु सरकार ने आईएएस अधिकारी आर.वी.
शाजीवना को सार्वजनिक पुस्तकालय विभाग का नया निदेशक नियुक्त किया।
कोयंबटूर की पेरियार लाइब्रेरी में किताब खरीद और चयन प्रक्रिया को लेकर विवाद जारी है।
आईएएस अधिकारी जयंती को पुस्तकालय विभाग के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया, परंतु वे शिक्षक भर्ती बोर्ड (टीआरबी) की अध्यक्ष बनी रहेंगी।
सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया कि बदलाव सीधे पेरियार लाइब्रेरी विवाद के कारण हुआ या व्यापक प्रशासनिक पुनर्गठन का हिस्सा है।
विवादित खरीद प्रक्रिया की समीक्षा और पारदर्शिता के उपायों पर अभी निर्णय बाकी है।

तमिलनाडु सरकार ने 8 नवंबर 2026 को सार्वजनिक पुस्तकालय विभाग में अहम प्रशासनिक फेरबदल करते हुए आईएएस अधिकारी आर.वी. शाजीवना को नया निदेशक नियुक्त किया। यह कदम कोयंबटूर स्थित पेरियार लाइब्रेरी में किताबों के चयन और खरीद प्रक्रिया को लेकर उठे विवाद की पृष्ठभूमि में उठाया गया है, जिसने राज्य के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है।

प्रशासनिक फेरबदल का विवरण

इससे पहले आईएएस अधिकारी जयंती सार्वजनिक पुस्तकालय विभाग के निदेशक पद का अतिरिक्त प्रभार संभाल रही थीं। राज्य सरकार ने उन्हें इस जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया है। हालांकि, जयंती शिक्षक भर्ती बोर्ड (टीआरबी) की अध्यक्ष के पद पर बनी रहेंगी।

इस फैसले के जरिए सरकार ने सार्वजनिक पुस्तकालय विभाग की जिम्मेदारी को जयंती के अन्य प्रशासनिक दायित्वों से स्पष्ट रूप से अलग कर दिया है। टीआरबी जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में उनकी निरंतरता यह संकेत देती है कि यह बदलाव अनुशासनात्मक नहीं, बल्कि प्रशासनिक पुनर्गठन का हिस्सा है।

पेरियार लाइब्रेरी विवाद की पृष्ठभूमि

कोयंबटूर की पेरियार लाइब्रेरी में किताबों की खरीद और चयन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठने के बाद सार्वजनिक पुस्तकालय विभाग की कार्यप्रणाली जाँच और आलोचना के दायरे में आ गई। आलोचकों का कहना है कि सरकारी पुस्तकालयों के लिए पुस्तक चयन में पारदर्शिता और जवाबदेही का अभाव है।

गौरतलब है कि यह विवाद व्यापक बहस का रूप ले चुका है — न केवल इस एक पुस्तकालय तक सीमित, बल्कि तमिलनाडु के समस्त सरकारी पुस्तकालयों में पुस्तक अधिग्रहण की प्रणाली पर। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में सार्वजनिक संस्थाओं में पारदर्शिता को लेकर विभिन्न स्तरों पर सवाल उठ रहे हैं।

नए निदेशक की जिम्मेदारियाँ

नवनियुक्त निदेशक आर.वी. शाजीवना के सामने अब तमिलनाडु के सार्वजनिक पुस्तकालयों का समग्र प्रशासन संभालने की जिम्मेदारी होगी। इसमें विभागीय नीतियों का क्रियान्वयन, पुस्तकालयों से जुड़े कार्यक्रमों की निगरानी और विवादास्पद खरीद प्रक्रिया की संभावित समीक्षा शामिल है।

हालांकि सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह नियुक्ति सीधे तौर पर पेरियार लाइब्रेरी विवाद के कारण हुई है या व्यापक प्रशासनिक फेरबदल का हिस्सा है।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

प्रशासनिक विश्लेषकों के अनुसार, किसी विवाद के बीच विभागीय नेतृत्व में बदलाव अक्सर जवाबदेही सुनिश्चित करने का प्रतीकात्मक कदम होता है। लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि नए निदेशक पुस्तक खरीद प्रक्रिया में संरचनात्मक सुधार लाते हैं या नहीं।

आगे की राह

अब सरकार की अगली कार्रवाई पर नज़र रहेगी — खासकर यह कि पेरियार लाइब्रेरी में विवादित खरीद प्रक्रिया की स्वतंत्र समीक्षा होगी या नहीं। भविष्य में सरकारी पुस्तकालयों के लिए पुस्तक चयन में पारदर्शिता और प्रशासनिक निगरानी सुनिश्चित करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

प्रक्रिया नहीं। पेरियार लाइब्रेरी प्रकरण में असली सवाल यह है कि किताबों का चयन किसने किया, किस आधार पर और क्या मानक तय थे। नए निदेशक की नियुक्ति इन सवालों का जवाब नहीं देती। जब तक खरीद प्रक्रिया की स्वतंत्र जाँच और सार्वजनिक पुस्तकालयों के लिए पारदर्शी चयन नीति नहीं बनती, यह प्रशासनिक हेरफेर महज़ एक पद-परिवर्तन बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
8 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु सार्वजनिक पुस्तकालय विभाग का नया निदेशक कौन है?
तमिलनाडु सरकार ने आईएएस अधिकारी आर.वी. शाजीवना को सार्वजनिक पुस्तकालय विभाग का नया निदेशक नियुक्त किया है। यह नियुक्ति 8 नवंबर 2026 को कोयंबटूर की पेरियार लाइब्रेरी में किताब खरीद विवाद के बीच हुई।
पेरियार लाइब्रेरी किताब खरीद विवाद क्या है?
कोयंबटूर स्थित पेरियार लाइब्रेरी के लिए किताबों के चयन और खरीद प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं। आलोचकों का कहना है कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही का अभाव है, जिसने राज्य के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में व्यापक बहस छेड़ दी है।
जयंती को पुस्तकालय विभाग से क्यों हटाया गया?
आईएएस अधिकारी जयंती सार्वजनिक पुस्तकालय विभाग का अतिरिक्त प्रभार संभाल रही थीं। सरकार ने उन्हें इस जिम्मेदारी से मुक्त कर विभाग को उनके अन्य प्रशासनिक दायित्वों से अलग किया है। वे शिक्षक भर्ती बोर्ड (टीआरबी) की अध्यक्ष बनी रहेंगी।
क्या यह बदलाव सीधे पेरियार लाइब्रेरी विवाद की वजह से हुआ?
सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह फैसला सीधे पेरियार लाइब्रेरी विवाद के कारण लिया गया या व्यापक प्रशासनिक फेरबदल का हिस्सा है। विवादित खरीद प्रक्रिया की समीक्षा को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
नए पुस्तकालय निदेशक की क्या जिम्मेदारियाँ होंगी?
आर.वी. शाजीवना तमिलनाडु के सार्वजनिक पुस्तकालयों का समग्र प्रशासन, विभागीय नीतियों का क्रियान्वयन और पुस्तकालय कार्यक्रमों की निगरानी करेंगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि वे पेरियार लाइब्रेरी विवाद में पुस्तक खरीद प्रक्रिया की समीक्षा के लिए क्या कदम उठाती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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