तमिलनाडु: कानून मंत्री CTR निर्मल कुमार की पत्नी का तबादला, काउंसलिंग रोक के बीच शिक्षकों का विरोध
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के कानून मंत्री सीटीआर निर्मल कुमार की पत्नी का पल्लावरम के एक सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल से ट्रिपलिकेन के एक सरकारी स्कूल में तबादला किए जाने पर शिक्षकों ने कड़ा विरोध जताया है। यह विवाद इसलिए गहरा गया है क्योंकि न्यायालय के आदेश के बाद राज्य में शिक्षकों की सामान्य तबादला काउंसलिंग प्रक्रिया अभी भी स्थगित है।
मामले का पूरा घटनाक्रम
मंत्री की पत्नी पल्लावरम स्थित मारैमलई अडिगल गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल में विज्ञान शिक्षिका के पद पर कार्यरत थीं। उनका तबादला ट्रिपलिकेन के गवर्नमेंट गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल में किया गया है। शिक्षकों ने यह भी ध्यान दिलाया कि ट्रिपलिकेन का यह स्कूल ग्रीनवेज रोड पर स्थित मंत्री के सरकारी आवास के नज़दीक है, हालाँकि इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि स्थान की निकटता तबादले का आधार बनी।
काउंसलिंग प्रक्रिया क्यों है स्थगित
सरकारी प्राइमरी, हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में शिक्षकों के तबादले सामान्यतः एजुकेशन मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (EMIS) पोर्टल के ज़रिए आयोजित सामान्य काउंसलिंग प्रक्रिया से होते हैं। चालू शैक्षणिक वर्ष के लिए यह काउंसलिंग जून में होनी थी, लेकिन न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद इसे रोक दिया गया। इस स्थगन के चलते सैकड़ों शिक्षक अपने तबादले की प्रतीक्षा में हैं।
शिक्षकों की आपत्ति और आरोप
शिक्षकों ने सवाल उठाया है कि जब काउंसलिंग प्रक्रिया न्यायालय के आदेश से रुकी हुई है, तब एक व्यक्ति का तबादला किस नियम के तहत स्वीकृत किया गया। उनका कथित आरोप है कि मंत्री की पत्नी होने के कारण संबंधित शिक्षिका को विशेष प्राथमिकता दी गई। शिक्षकों ने स्कूल शिक्षा विभाग से माँग की है कि वह स्पष्ट करे कि काउंसलिंग स्थगन के दौरान किन परिस्थितियों में तबादले की अनुमति दी जा रही है और यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी पात्र शिक्षकों पर समान नियम लागू हों।
पल्लावरम स्कूल में बढ़ा कार्यभार
तबादले के बाद पल्लावरम के मारैमलई अडिगल स्कूल में विज्ञान शिक्षक का पद कथित तौर पर लगभग दो महीनों से रिक्त है। कोई वैकल्पिक नियुक्ति नहीं की गई है, जिससे शेष शिक्षकों को अतिरिक्त कक्षाएँ लेनी पड़ रही हैं। शिक्षकों के अनुसार, स्कूल में छात्र-शिक्षक अनुपात पहले से ही चिंताजनक स्तर पर है और यह रिक्ति स्थिति को और बिगाड़ रही है।
शिक्षा की गुणवत्ता पर असर की चेतावनी
शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि यह पद शीघ्र नहीं भरा गया तो पढ़ाई की गुणवत्ता पर गंभीर असर पड़ सकता है, विशेषकर विज्ञान विषय में। उन्होंने अपनी नियमित शैक्षणिक और प्रशासनिक ज़िम्मेदारियों के साथ-साथ अतिरिक्त कक्षाएँ भी आपस में बाँटनी पड़ रही हैं। शिक्षकों ने स्कूल शिक्षा विभाग से अपील की है कि बिना देरी किए रिक्त पद पर नई नियुक्ति की जाए और तबादला प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता लाई जाए। यह घटना राज्य में शिक्षक तबादला नीति की निष्पक्षता पर एक बड़े सवाल के रूप में सामने आई है।