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तमिलनाडु: स्कूल पाठ्यक्रम समिति के अध्यक्ष डॉ. सुल्तान अहमद इस्माइल पदमुक्त, नई समिति गठित होगी

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तमिलनाडु: स्कूल पाठ्यक्रम समिति के अध्यक्ष डॉ. सुल्तान अहमद इस्माइल पदमुक्त, नई समिति गठित होगी

सारांश

तमिलनाडु में स्कूल पाठ्यक्रम समिति के अध्यक्ष डॉ. सुल्तान अहमद इस्माइल को पदमुक्त किया गया। पिछली डीएमके सरकार में नियुक्त इस्माइल की टीम ने कक्षा १-३ की नई पाठ्यपुस्तकें तैयार की थीं। अब सरकार नई समिति बनाने की तैयारी में है, जिससे राज्य की शिक्षा नीति की दिशा बदल सकती है।

मुख्य बातें

सुल्तान अहमद इस्माइल को तमिलनाडु राज्य पाठ्यक्रम समिति के अध्यक्ष पद से हटाया गया।
पिछली डीएमके सरकार ने उन्हें स्कूली पाठ्यक्रम संशोधन समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया था।
समिति ने कक्षा १, २ और ३ के लिए टर्म-१ की नई पाठ्यपुस्तकें तैयार की थीं।
स्कूली शिक्षा मंत्री ए.
राजमोहन ने हाल ही में कक्षा १ से ३ की नई किताबें जारी की थीं।
सरकार जल्द ही नई पाठ्यक्रम समिति गठित करने की तैयारी में बताई जा रही है।

तमिलनाडु सरकार ने प्रसिद्ध मृदा जीवविज्ञानी और पारिस्थितिकीविद् डॉ. सुल्तान अहमद इस्माइल को राज्य स्कूल पाठ्यक्रम समिति के अध्यक्ष पद से पदमुक्त कर दिया है। स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशों के बाद यह फैसला लिया गया, और संकेत हैं कि सरकार पाठ्यक्रम में आगामी बदलावों की निगरानी के लिए एक नई समिति गठित करने की तैयारी में है।

क्या है पूरा घटनाक्रम

डॉ. इस्माइल को पिछली डीएमके सरकार ने स्कूली पाठ्यक्रम संशोधन के लिए गठित समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया था। उन्होंने बताया कि उन्हें आधिकारिक तौर पर सूचित किया गया है कि अब उनकी सेवाओं की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि सरकार नई समिति का गठन करने जा रही है।

गौरतलब है कि यह घटनाक्रम डॉ. इस्माइल और पूर्व स्कूली शिक्षा मंत्री अनबिल महेश पोय्यामोझी की डीएमके अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन से हुई मुलाकात के कुछ ही सप्ताह बाद सामने आया है। इस मुलाकात में समिति की देखरेख में तैयार की गई नई पाठ्यपुस्तकें स्टालिन को भेंट की गई थीं।

डॉ. इस्माइल का बयान

सोशल मीडिया पर अपनी पदमुक्ति की जानकारी देते हुए डॉ. इस्माइल ने पिछली सरकार और परियोजना से जुड़े अधिकारियों का आभार जताया। उन्होंने कहा, “मैं पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन, पूर्व स्कूली शिक्षा मंत्री अनबिल महेश पोय्यामोझी और इस परियोजना से जुड़े सभी वरिष्ठ अधिकारियों का दिल से धन्यवाद करता हूं। उनके सहयोग से पहली, दूसरी और तीसरी कक्षा के लिए टर्म-१ की उत्कृष्ट पाठ्यपुस्तकें तैयार की जा सकीं।”

उन्होंने आगे जोड़ा, “मुझे तमिलनाडु सरकार की ओर से एक आधिकारिक फोन कॉल आया, जिसमें बताया गया कि नई समिति का गठन किया जा रहा है, इसलिए मुझे इस जिम्मेदारी से मुक्त किया जा रहा है। मैं नई टीम को शुभकामनाएं देता हूं और उम्मीद करता हूं कि वह उसी प्रगतिशील सोच को आगे बढ़ाएगी, जिसकी शुरुआत हमने की थी।”

सरकार की चुप्पी

वरिष्ठ अधिकारियों ने नई समिति के गठन की खबरों की न तो पुष्टि की और न ही खंडन किया। उन्होंने यह बताने से भी इनकार कर दिया कि क्या मौजूदा समिति के सदस्य नए अध्यक्ष के नेतृत्व में अपना काम जारी रखेंगे।

पाठ्यक्रम सुधार की पृष्ठभूमि

पिछली सरकार द्वारा शुरू किए गए बड़े शैक्षिक सुधारों के तहत पाठ्यक्रम समिति ने स्कूली पाठ्यपुस्तकों और शिक्षण सामग्री में बदलाव करने में अहम भूमिका निभाई थी। समिति द्वारा तैयार पाठ्यपुस्तकें स्कूलों में लागू की जा चुकी हैं, और हाल ही में स्कूली शिक्षा मंत्री ए. राजमोहन ने कक्षा १ से ३ तक के छात्रों के लिए नई किताबें जारी की थीं।

आगे क्या

नई पाठ्यक्रम समिति के गठन पर शिक्षा जगत की नजर रहेगी, क्योंकि इसका सीधा असर राज्य की भविष्य की शैक्षिक सामग्री और शिक्षा नीतियों की दिशा पर पड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसका सीधा असर लाखों छात्रों पर पड़ेगा। सरकार की चुप्पी — पुष्टि न करना, खंडन न करना — संकेत देती है कि बदलाव गहरे हो सकते हैं। शिक्षा नीति में निरंतरता का अभाव अक्सर सबसे बड़ी कीमत बच्चों से वसूलता है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डॉ. सुल्तान अहमद इस्माइल कौन हैं और उन्हें क्यों हटाया गया?
डॉ. सुल्तान अहमद इस्माइल प्रसिद्ध मृदा जीवविज्ञानी और पारिस्थितिकीविद् हैं, जिन्हें पिछली डीएमके सरकार ने तमिलनाडु राज्य पाठ्यक्रम समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया था। स्कूल शिक्षा विभाग ने उन्हें आधिकारिक तौर पर सूचित किया है कि नई समिति के गठन के चलते उनकी सेवाओं की आवश्यकता नहीं है।
क्या तमिलनाडु में नई पाठ्यक्रम समिति का गठन तय है?
डॉ. इस्माइल के अनुसार सरकार ने उन्हें आधिकारिक फोन कॉल पर नई समिति के गठन की सूचना दी है। हालांकि वरिष्ठ अधिकारियों ने इन खबरों की न पुष्टि की है और न ही खंडन।
क्या मौजूदा पाठ्यपुस्तकें स्कूलों में लागू रहेंगी?
समिति द्वारा तैयार की गई पाठ्यपुस्तकें पहले ही स्कूलों में लागू की जा चुकी हैं और स्कूली शिक्षा मंत्री ए. राजमोहन ने हाल ही में कक्षा १ से ३ तक की नई किताबें जारी की थीं। नई समिति के तहत इन किताबों का भविष्य अभी स्पष्ट नहीं है।
इस फैसले का छात्रों और शिक्षा नीति पर क्या असर पड़ेगा?
नई समिति का गठन भविष्य की पाठ्यपुस्तकों, शिक्षण सामग्री और राज्य की शिक्षा नीति की दिशा तय कर सकता है। इससे लाखों स्कूली छात्रों की पढ़ाई का स्वरूप प्रभावित होगा, यही वजह है कि शिक्षाविदों की नजर इसके गठन पर है।
डॉ. इस्माइल ने पदमुक्ति पर क्या प्रतिक्रिया दी?
डॉ. इस्माइल ने सोशल मीडिया पर पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन, पूर्व शिक्षा मंत्री अनबिल महेश पोय्यामोझी और सभी वरिष्ठ अधिकारियों का आभार जताया। उन्होंने नई टीम को शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि वह उसी प्रगतिशील सोच को आगे बढ़ाएगी जिसकी शुरुआत उनकी समिति ने की थी।
राष्ट्र प्रेस
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