30 अगस्त 2026
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एम.के. स्टालिन की सुरक्षा Z+ से घटाकर Z श्रेणी, तमिलनाडु पुलिस की नियमित समीक्षा के बाद फैसला

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एम.के. स्टालिन की सुरक्षा Z+ से घटाकर Z श्रेणी, तमिलनाडु पुलिस की नियमित समीक्षा के बाद फैसला

सारांश

तमिलनाडु पुलिस ने DMK अध्यक्ष एम.के. स्टालिन की सुरक्षा Z+ से घटाकर Z श्रेणी की — 2026 चुनाव में पार्टी की करारी हार और कोलाथुर में उनकी व्यक्तिगत पराजय के बाद। अधिकारी इसे नियमित खतरा-समीक्षा बताते हैं, पर टाइमिंग सवाल उठाती है।

मुख्य बातें

तमिलनाडु पुलिस ने 30 अगस्त 2026 को एम.के.
स्टालिन की सुरक्षा Z+ से घटाकर Z श्रेणी कर दी।
समीक्षा में मुख्य सचिव साई कुमार , गृह सचिव के.
मणिवसन और DGP महेश कुमार अग्रवाल शामिल रहे।
नई व्यवस्था में काफिले के साथ पायलट, एस्कॉर्ट, बैकअप और क्लोज-प्रोटेक्शन वाहन बरकरार रहेंगे।
2026 विधानसभा चुनाव में DMK 133 से 59 सीटों पर सिमटी; स्टालिन कोलाथुर में 8,795 मतों से हारे।
अधिकारियों ने कहा — यह राजनीतिक स्थिति से नहीं, पेशेवर खतरे के आकलन पर आधारित है।
स्टालिन ने मद्रास उच्च न्यायालय में TVK उम्मीदवार वी.एस.
बाबू के चुनाव को चुनौती दी है।

तमिलनाडु पुलिस ने 30 अगस्त 2026 को पूर्व मुख्यमंत्री और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) अध्यक्ष एम.के. स्टालिन की सुरक्षा श्रेणी को Z+ से घटाकर Z कर दिया। यह निर्णय राज्य सचिवालय के कोर सेल सिक्योरिटी विंग की नियमित समीक्षा के बाद लिया गया, जो वीआईपी और वीवीआईपी व्यक्तियों को मिलने वाले खतरों का हर छह महीने में आकलन करती है।

समीक्षा प्रक्रिया और निर्णय

इस समीक्षा में मुख्य सचिव साई कुमार, गृह सचिव के. मणिवसन और पुलिस महानिदेशक महेश कुमार अग्रवाल सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। समिति ने उपलब्ध खुफिया रिपोर्टों, खतरों की प्रकृति एवं तात्कालिकता, सार्वजनिक उपस्थिति और यात्रा के तौर-तरीकों का विस्तृत आकलन किया।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस बदलाव को सुरक्षा हटाने के बजाय तैनाती को तर्कसंगत बनाने का कदम माना जाना चाहिए। स्टालिन की सुरक्षा में तैनात कर्मियों की संख्या का सार्वजनिक खुलासा नहीं किया गया।

नई सुरक्षा व्यवस्था का स्वरूप

Z श्रेणी के तहत भी स्टालिन को पर्याप्त पुलिस सुरक्षा मिलती रहेगी। उनके काफिले के आगे, बीच और पीछे सुरक्षा टीमें तैनात रहेंगी। इस घेरे में यात्रा और सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान पायलट, एस्कॉर्ट, बैकअप और क्लोज-प्रोटेक्शन वाहन शामिल होंगे।

यह नई व्यवस्था अगली नियमित समीक्षा तक लागू रहेगी। हालाँकि, यदि कोई नई खुफिया जानकारी प्राप्त होती है तो समय से पहले भी समीक्षा की जा सकती है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब DMK को 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा। 2021 में 133 सीटें जीतकर सत्ता में आई DMK इस बार सिमटकर केवल 59 सीटों पर रह गई। अभिनेता-राजनेता सी. जोसेफ विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।

गौरतलब है कि स्टालिन स्वयं अपनी परंपरागत सीट कोलाथुर में हार गए — यह वह निर्वाचन क्षेत्र था जिसका उन्होंने लगातार तीन बार प्रतिनिधित्व किया था। TVK उम्मीदवार वी.एस. बाबू ने 82,997 वोट पाकर स्टालिन को 8,795 मतों के अंतर से पराजित किया, जबकि स्टालिन को 74,202 वोट मिले। इसके बाद स्टालिन ने मद्रास उच्च न्यायालय में बाबू के चुनाव को चुनौती दी है।

अधिकारियों का स्पष्टीकरण

अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि सुरक्षा समीक्षा पूरी तरह से पेशेवर खतरे के आकलन पर आधारित थी और इसका किसी की राजनीतिक स्थिति या चुनाव परिणामों से कोई संबंध नहीं है। यह राज्य में सुरक्षा प्राप्त व्यक्तियों की नियमित समीक्षा प्रक्रिया का हिस्सा मात्र है।

सत्ता और विधानसभा सीट गंवाने के बावजूद स्टालिन DMK के अध्यक्ष बने हुए हैं और तमिलनाडु के प्रमुख विपक्षी नेताओं में उनकी गिनती होती है। आने वाले महीनों में अगली समीक्षा में उनकी सुरक्षा श्रेणी पर पुनर्विचार हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे राजनीतिक संदेह के लिए जगह बनती है। अधिकारियों का 'तर्कसंगत तैनाती' वाला तर्क तकनीकी रूप से सही हो सकता है, लेकिन जब सत्ता खोने के बाद विपक्षी नेता की सुरक्षा घटाई जाए तो पारदर्शिता की माँग और बढ़ जाती है। तमिलनाडु में हर छह माह की समीक्षा प्रक्रिया संस्थागत है, फिर भी खुफिया आकलन के मानदंड सार्वजनिक नहीं होते — यही वह खामी है जो राजनीतिक आरोपों को पनपने देती है। DMK यदि इसे राजनीतिक प्रतिशोध के रूप में प्रचारित करती है, तो सरकार को अपने मानदंड खुलकर सामने रखने होंगे।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एम.के. स्टालिन की सुरक्षा क्यों घटाई गई?
तमिलनाडु पुलिस की कोर सेल सिक्योरिटी विंग की नियमित छह-माही समीक्षा के बाद खुफिया रिपोर्टों और खतरे के आकलन के आधार पर यह निर्णय लिया गया। अधिकारियों के अनुसार यह सुरक्षा हटाना नहीं, बल्कि तैनाती को तर्कसंगत बनाना है।
Z+ और Z सुरक्षा श्रेणी में क्या अंतर है?
Z+ श्रेणी में अधिक सुरक्षाकर्मी और उच्च-स्तरीय सुरक्षा घेरा होता है, जबकि Z श्रेणी में काफिले के साथ पायलट, एस्कॉर्ट, बैकअप और क्लोज-प्रोटेक्शन वाहन तो बने रहते हैं, लेकिन कुल तैनाती अपेक्षाकृत कम होती है। स्टालिन को Z श्रेणी में भी पर्याप्त सुरक्षा मिलती रहेगी।
2026 तमिलनाडु चुनाव में DMK का क्या हश्र हुआ?
DMK 2021 में 133 सीटें जीतकर सत्ता में आई थी, लेकिन 2026 चुनाव में सिमटकर 59 सीटों पर रह गई। सी. जोसेफ विजय की TVK 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी। स्टालिन खुद अपनी परंपरागत सीट कोलाथुर में 8,795 मतों से हार गए।
क्या स्टालिन ने कोलाथुर चुनाव परिणाम को चुनौती दी है?
हाँ, स्टालिन ने TVK उम्मीदवार वी.एस. बाबू के चुनाव को मद्रास उच्च न्यायालय में चुनौती दी है। बाबू को 82,997 और स्टालिन को 74,202 वोट मिले थे।
तमिलनाडु में वीआईपी सुरक्षा समीक्षा कैसे होती है?
राज्य में वीआईपी और वीवीआईपी व्यक्तियों की सुरक्षा की हर छह महीने में समीक्षा होती है। इसमें खुफिया रिपोर्ट, खतरों की प्रकृति, सार्वजनिक उपस्थिति और यात्रा के तरीकों का आकलन किया जाता है। समिति की सिफारिश पर सुरक्षा बढ़ाई, घटाई या बरकरार रखी जा सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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