एम.के. स्टालिन की सुरक्षा Z+ से घटाकर Z श्रेणी, तमिलनाडु पुलिस की नियमित समीक्षा के बाद फैसला
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु पुलिस ने 30 अगस्त 2026 को पूर्व मुख्यमंत्री और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) अध्यक्ष एम.के. स्टालिन की सुरक्षा श्रेणी को Z+ से घटाकर Z कर दिया। यह निर्णय राज्य सचिवालय के कोर सेल सिक्योरिटी विंग की नियमित समीक्षा के बाद लिया गया, जो वीआईपी और वीवीआईपी व्यक्तियों को मिलने वाले खतरों का हर छह महीने में आकलन करती है।
समीक्षा प्रक्रिया और निर्णय
इस समीक्षा में मुख्य सचिव साई कुमार, गृह सचिव के. मणिवसन और पुलिस महानिदेशक महेश कुमार अग्रवाल सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। समिति ने उपलब्ध खुफिया रिपोर्टों, खतरों की प्रकृति एवं तात्कालिकता, सार्वजनिक उपस्थिति और यात्रा के तौर-तरीकों का विस्तृत आकलन किया।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस बदलाव को सुरक्षा हटाने के बजाय तैनाती को तर्कसंगत बनाने का कदम माना जाना चाहिए। स्टालिन की सुरक्षा में तैनात कर्मियों की संख्या का सार्वजनिक खुलासा नहीं किया गया।
नई सुरक्षा व्यवस्था का स्वरूप
Z श्रेणी के तहत भी स्टालिन को पर्याप्त पुलिस सुरक्षा मिलती रहेगी। उनके काफिले के आगे, बीच और पीछे सुरक्षा टीमें तैनात रहेंगी। इस घेरे में यात्रा और सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान पायलट, एस्कॉर्ट, बैकअप और क्लोज-प्रोटेक्शन वाहन शामिल होंगे।
यह नई व्यवस्था अगली नियमित समीक्षा तक लागू रहेगी। हालाँकि, यदि कोई नई खुफिया जानकारी प्राप्त होती है तो समय से पहले भी समीक्षा की जा सकती है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब DMK को 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा। 2021 में 133 सीटें जीतकर सत्ता में आई DMK इस बार सिमटकर केवल 59 सीटों पर रह गई। अभिनेता-राजनेता सी. जोसेफ विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।
गौरतलब है कि स्टालिन स्वयं अपनी परंपरागत सीट कोलाथुर में हार गए — यह वह निर्वाचन क्षेत्र था जिसका उन्होंने लगातार तीन बार प्रतिनिधित्व किया था। TVK उम्मीदवार वी.एस. बाबू ने 82,997 वोट पाकर स्टालिन को 8,795 मतों के अंतर से पराजित किया, जबकि स्टालिन को 74,202 वोट मिले। इसके बाद स्टालिन ने मद्रास उच्च न्यायालय में बाबू के चुनाव को चुनौती दी है।
अधिकारियों का स्पष्टीकरण
अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि सुरक्षा समीक्षा पूरी तरह से पेशेवर खतरे के आकलन पर आधारित थी और इसका किसी की राजनीतिक स्थिति या चुनाव परिणामों से कोई संबंध नहीं है। यह राज्य में सुरक्षा प्राप्त व्यक्तियों की नियमित समीक्षा प्रक्रिया का हिस्सा मात्र है।
सत्ता और विधानसभा सीट गंवाने के बावजूद स्टालिन DMK के अध्यक्ष बने हुए हैं और तमिलनाडु के प्रमुख विपक्षी नेताओं में उनकी गिनती होती है। आने वाले महीनों में अगली समीक्षा में उनकी सुरक्षा श्रेणी पर पुनर्विचार हो सकता है।