सऊदी अरामको की इमारत पर हमले की कोशिश, रियाद के ऊपर दो क्रूज़ मिसाइलें मार गिराईं
सारांश
मुख्य बातें
सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने 8 नवंबर 2026 को पुष्टि की कि रियाद में सऊदी अरामको की एक प्रशासनिक इमारत को निशाना बनाकर हमले की कोशिश की गई। मंत्रालय के अनुसार, इमारत को मामूली क्षति पहुँची, परंतु इस घटना में कोई भी हताहत नहीं हुआ।
मुख्य घटनाक्रम
ऊर्जा मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में बताया कि हमले के दौरान गिरे मलबे या टुकड़ों से इमारत को कुछ नुकसान पहुँचा। संबंधित अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ज़रूरी सुरक्षा उपाय लागू कर दिए।
इसी दिन सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि उसने रियाद और देश के दक्षिणी इलाकों के ऊपर दो क्रूज़ मिसाइलों को मार गिराया। साथ ही, हूती समूह द्वारा रियाद की दिशा में दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों को भी नष्ट करने की जानकारी दी गई।
यमन में हवाई हमले — हूती समर्थित मीडिया के दावे
यमन की हूती समर्थित अल-मसीरा टीवी के अनुसार, शनिवार को राजधानी सना के निकट बानी हुशैश ज़िले के अश-शरिया गाँव पर हुए हवाई हमलों में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई। चैनल ने इन हमलों के लिए सऊदी लड़ाकू विमानों को ज़िम्मेदार ठहराया, हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले में पाँच रिहायशी मकान पूरी तरह तबाह हो गए और मरने वालों में महिलाएँ व बच्चे भी शामिल बताए गए। बानी हुशैश ज़िले के स्वास्थ्य विभाग प्रमुख ने अल-मसीरा को बताया कि बचाव दल ने मलबे से 11 शव निकाले हैं और राहत व खोज अभियान जारी रहने के कारण मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।
चैनल ने यह भी दावा किया कि बचाव कार्य में जुटे लोगों को भी निशाना बनाकर दो और हवाई हमले किए गए, और गाँव की ओर जाने वाली सड़कों पर भी बमबारी की गई। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन की ओर से इन दावों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
पृष्ठभूमि — ताइज़ बाज़ार हमले का संदर्भ
यह घटनाक्रम उस हमले के एक दिन बाद सामने आया जिसमें यमन के दक्षिण-पश्चिमी ताइज़ प्रांत के एक भीड़भाड़ वाले बाज़ार पर हुए हमले में कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई थी और 8 अन्य घायल हो गए थे। उस घटना की ज़िम्मेदारी को लेकर हूती विद्रोहियों और यमन की सरकारी एजेंसियों ने परस्पर एक-दूसरे पर आरोप लगाए थे।
गौरतलब है कि यमन संघर्ष वर्षों से जारी है और सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन तथा हूती समूह के बीच मिसाइल व हवाई हमलों का यह सिलसिला बार-बार सुर्खियों में आता रहा है। अरामको पर यह ताज़ा कोशिश ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में तनाव पहले से ऊँचा बना हुआ है।
आगे की स्थिति
सऊदी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि सुरक्षा जाँच जारी है। अरामको के परिचालन पर कोई असर पड़ने की जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है। क्षेत्रीय सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की प्रतिक्रिया पर नज़र रखी जाएगी।