गाजा में मानवीय संकट: हमास का आरोप — इजरायल जानबूझकर रोक रहा राहत सामग्री, सर्दी में बढ़ी विस्थापितों की पीड़ा
सारांश
मुख्य बातें
हमास ने 8 नवंबर 2026 को जारी एक बयान में आरोप लगाया कि इजरायली शासन जानबूझकर गाजा पट्टी में राहत सामग्री की आपूर्ति रोककर मानवीय संकट को और गहरा कर रहा है। बयान में कहा गया कि सर्दियों का मौसम शुरू होने के बावजूद विस्थापित फिलिस्तीनियों तक आवश्यक सहायता नहीं पहुँच पा रही है।
मुख्य आरोप और बयान
फिलिस्तीनी इस्लामिक रेजिस्टेंस मूवमेंट (हमास) ने रविवार को जारी अपने बयान में कहा कि राहत सामग्री को गाजा में प्रवेश करने से जानबूझकर रोका जा रहा है। संगठन ने 'बोर्ड ऑफ पीस' और उसके उच्च प्रतिनिधि निकोलाई म्लादेनोव को इस स्थिति के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया।
हमास का आरोप है कि म्लादेनोव की ओर से प्रभावी हस्तक्षेप न किए जाने के कारण गाजा में विस्थापित आबादी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। संगठन ने मध्यस्थ देशों और पक्षों से अपील की कि वे यह सुनिश्चित करें कि इजरायल अंतरराष्ट्रीय मानवीय सहायता से जुड़े नियमों का पालन करे।
मौसम की मार और विस्थापितों की स्थिति
फिलिस्तीनी सूचना केंद्र ने शनिवार को बताया कि शुक्रवार से जारी भारी बारिश और तूफानी मौसम के कारण गाजा के अलग-अलग इलाकों में विस्थापित लोगों के कई टेंट जलभराव की चपेट में आ गए हैं। बड़ी संख्या में फिलिस्तीनी अपने घरों से विस्थापित हैं, क्योंकि उनके मकान नष्ट हो चुके हैं।
ये लोग टेंटों, अस्थायी शिविरों और क्षतिग्रस्त इमारतों में रहने को मजबूर हैं। बारिश और बढ़ती ठंड के बीच उनके पास पर्याप्त सुरक्षा और बुनियादी सुविधाएँ नहीं हैं, जिससे उनकी समस्याएँ और गंभीर होती जा रही हैं।
व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब गाजा में लंबे समय से जारी संघर्ष के कारण लाखों लोगों का सामान्य जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है। गौरतलब है कि मानवीय सहायता की आपूर्ति बाधित होने का यह मुद्दा पहली बार नहीं उठा — अंतरराष्ट्रीय राहत संगठन लंबे समय से गाजा में मानवीय पहुँच पर पाबंदियों को लेकर चिंता जताते रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि राहत सामग्री की नाकाबंदी अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के उल्लंघन के बराबर है।
मध्यस्थ देशों से अपील
हमास ने मध्यस्थ देशों और अंतरराष्ट्रीय पक्षों से आग्रह किया कि वे दबाव बनाएँ ताकि गाजा पट्टी में राहत सामग्री की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। संगठन ने स्पष्ट किया कि सर्दी के मौसम में देरी और नाकाबंदी जीवन के लिए सीधा खतरा बन रही है।
आने वाले हफ्तों में गाजा की स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का दबाव और बढ़ने की संभावना है, क्योंकि तापमान में और गिरावट आने का अनुमान है।