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क्या इजरायल ने यूएन महासचिव के बयान को गलत ठहराया है? आईडीएफ ने नागरिकों को निशाना बनाने से किया इनकार

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क्या इजरायल ने यूएन महासचिव के बयान को गलत ठहराया है? आईडीएफ ने नागरिकों को निशाना बनाने से किया इनकार

सारांश

क्या इजरायल ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव के बयान का खंडन किया है? जानिए इस विवाद में इजरायल का पक्ष और गाजा में मानवीय स्थिति पर उनकी प्रतिक्रिया।

मुख्य बातें

इजरायल का कहना है कि आईडीएफ नागरिकों को नहीं निशाना बनाता।
यूएन महासचिव ने गाजा में मानवीय स्थिति को गंभीर बताया।
हामास की गतिविधियाँ राहत कार्यों में बाधा डाल रही हैं।
इजरायल ने संयुक्त राष्ट्र पर आरोप लगाया कि वह हामास का साथ दे रहा है।
गाजा में मानवीय सहायता की स्थिति चिंताजनक है।

तेल अवीव, 28 जून (राष्ट्र प्रेस)। इजरायल के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के बयानों की तीखी आलोचना की है। गुटेरेस ने गाजा में भेजी जा रही मानवीय मदद को लेकर इजरायल को जिम्मेदार ठहराया था और वहां युद्धविराम की अपील की थी।

मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि इजराइल रक्षा बल (आईडीएफ) नागरिकों पर हमला नहीं करता है।

गुटेरेस ने कहा था कि गाजा में हालात बेहद भयानक हैं, लोग सिर्फ अपने और अपने परिवार के लिए खाना जुटाने की कोशिश में मारे जा रहे हैं, और किसी के लिए खाना तलाशना मौत की सजा नहीं होना चाहिए।

यूएन महासचिव ने गाजा मानवीय सहायता संगठन (जीएचएफ) पर कथित हमलों की भी चर्चा की और कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून का बार-बार उल्लंघन हो रहा है, और ऐसा होने पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

इजरायल के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा कि संयुक्त राष्ट्र की विफलताओं और हामास की करतूत के लिए इजरायल को दोषी ठहराना एक जानबूझकर की गई रणनीति है। जीएचएफ अब तक फिलिस्तीनी नागरिकों को सीधे 46 मिलियन से अधिक भोजन उपलब्ध करा चुका है, हमास को नहीं। फिर भी संयुक्त राष्ट्र इस प्रयास का विरोध करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।

इजरायल ने कहा कि यूएन इस तरह हमास का साथ दे रहा है, जबकि हमास खुद जीएचएफ के राहत कार्यों में बाधा डालता है।

मंत्रालय ने कहा, “इजरायल की सेना (आईडीएफ) कभी भी आम नागरिकों को निशाना नहीं बनाती। जो ऐसा कहता है, वह झूठ बोल रहा है। यह हमास है जो जानबूझकर जीएचएफ सहायता कर्मियों को निशाना बना रहा है और उनकी हत्या कर रहा है - एक ऐसा अपराध जिसकी संयुक्त राष्ट्र ने कभी निंदा नहीं की है और वह उन नागरिकों को भी निशाना बना रहा है जो जीएचएफ से सहायता प्राप्त करने की कोशिश कर रहे हैं।”

मंत्रालय ने यह भी पूछा, “यूएन को तय करना होगा कि वह अपनी व्यवस्था बनाए रखना चाहता है, जो हामास को फायदा देती है और युद्ध बढ़ाती है, या फिर सच में गाजा के आम लोगों तक मदद पहुंचाना चाहता है?”

इसके अलावा, इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कहा कि सेना को साफ आदेश हैं कि निर्दोष लोगों को नुकसान न पहुंचे। उन्होंने हारेत्ज अखबार में प्रकाशित एक रिपोर्ट को गलत बताया जिसमें कहा गया था कि आईडीएफ के सैनिकों को बिना हथियार वाले गाजा नागरिकों पर जानबूझकर गोली चलाने का आदेश दिया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें यह समझना चाहिए कि यह विवाद सिर्फ एक निश्चित दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि सभी पक्षों के तर्कों को ध्यान में रखते हुए देखा जाना चाहिए। इजरायल अपनी सुरक्षा और मानवता के प्रति अपनी जिम्मेदारी का दावा करता है, जबकि गाजा की स्थिति संवेदनशील और जटिल है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या इजरायल ने नागरिकों को निशाना बनाने से इनकार किया है?
हाँ, इजरायल ने कहा है कि आईडीएफ कभी भी आम नागरिकों को निशाना नहीं बनाता।
यूएन महासचिव ने क्या कहा था?
यूएन महासचिव ने गाजा में मानवीय स्थिति को गंभीर बताते हुए इजरायल को जिम्मेदार ठहराया था।
गाजा में मानवीय सहायता का हाल क्या है?
गाजा में मानवीय सहायता कार्य में बाधाएं आ रही हैं, और जीएचएफ ने अब तक 46 मिलियन भोजन उपलब्ध कराया है।
क्या इजरायल ने हामास पर आरोप लगाया है?
हाँ, इजरायल ने कहा है कि हामास जीएचएफ के राहत कार्यों में बाधा डालता है।
इजरायल के अधिकारियों ने क्या कहा?
इजरायल के प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री ने कहा है कि सेना को निर्दोष लोगों को नुकसान न पहुँचाने के आदेश हैं।
राष्ट्र प्रेस
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