राम मंदिर चंदा विवाद पर BJP सांसद मुकेश राजपूत का हमला: 'सपा रामभक्त कहलाने लायक नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद मुकेश राजपूत ने 13 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में राम मंदिर चंदा विवाद पर समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सपा किसी भी हालत में खुद को रामभक्तों की पार्टी नहीं कह सकती। साथ ही उन्होंने विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजे जाने और सपा नेता शिवपाल यादव के आजम खान को गृह मंत्री बनाने संबंधी बयान पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी।
सपा और रामभक्ति का इतिहास
सपा सांसदों द्वारा चंदा चोरी के आरोपों के विरोध में किए गए प्रदर्शन और उस दौरान एकत्रित राशि को एक प्राचीन हनुमान मंदिर में दान किए जाने के मुद्दे पर मुकेश राजपूत ने कहा कि यह महज़ राजनीतिक दिखावा है। उन्होंने याद दिलाया कि जब अखिलेश यादव के पिता मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब रामभक्तों पर गोली चलाने की घटना हुई थी। राजपूत ने कहा कि सपा शासनकाल में रामभक्तों पर लाठीचार्ज और मुकदमे दर्ज किए गए थे, और अब वही पार्टी चंदा विवाद पर राजनीति कर रही है।
उन्होंने अखिलेश यादव से सार्वजनिक रूप से इस इतिहास पर जनता को जवाब देने की माँग की। उनके अनुसार, सपा का यह प्रदर्शन हिंदू समाज को अपमानित करने का प्रयास है।
योगी सरकार की जाँच और कार्रवाई
राजपूत ने बताया कि उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार चंदा विवाद की जाँच कर रही है। प्रारंभिक जाँच में जो लोग दोषी पाए गए हैं, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जा चुकी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जाँच पूरी होने पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।
योगी सरकार की कानून-व्यवस्था नीति का बचाव करते हुए राजपूत ने कहा कि सरकार अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ कठोर रुख अपना रही है। उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि अपराध और माफिया गतिविधियों में लिप्त लोगों के घरों और प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई जारी है।
FCRA विधेयक और JPC का संदर्भ
FCRA विधेयक को JPC के पास भेजे जाने पर राजपूत ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि सरकार की मंशा कभी भी इसे जल्दबाजी में पारित कराने की नहीं थी। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती थी कि गृह मंत्री के नेतृत्व में सदन में विस्तृत चर्चा हो, लेकिन उचित वातावरण न बन पाने के कारण इसे समिति के पास भेजा गया।
उन्होंने बताया कि JPC में विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद शामिल होते हैं और वहाँ विधेयक के सभी पहलुओं पर विस्तार से विचार होगा। समिति की रिपोर्ट और सुझावों के आधार पर आगे सदन में विधेयक पर चर्चा कर उसे पारित कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
आजम खान और सपा पर व्यंग्य
शिवपाल यादव के आजम खान को गृह मंत्री बनाने के बयान पर मुकेश राजपूत ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि पहले तो सपा की सरकार बनने की संभावना ही नहीं है और पार्टी के नेता दिन में सपने देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में सपा की सरकार बनती भी है, तो आजम खान को गृह मंत्री बनाने के बजाय सीधे मुख्यमंत्री बना देना चाहिए।
राजपूत ने आरोप लगाया कि जेल में आजम खान से मिलने जाने वाले सपा नेताओं के ज़रिए यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि पार्टी अभी भी अपराधियों के साथ खड़ी है। उनके अनुसार, सपा में जितना बड़ा अपराधी होता है, वह उतना ही बड़ा नेता माना जाता है।
माफिया तंत्र और भ्रष्टाचार के आरोप
राजपूत ने सपा की पिछली सरकारों पर खाद्यान्न माफिया, बालू माफिया, मिट्टी माफिया और भू-माफिया को कथित तौर पर संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि पिछली सरकारों के दौरान मस्जिदों, वक्फ बोर्ड की संपत्तियों और मदरसों को काफी धन और संरक्षण दिया गया था, और उस धन के उपयोग की भी जाँच होनी चाहिए।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियाँ शुरू हो चुकी हैं और राम मंदिर से जुड़े मुद्दे एक बार फिर राजनीतिक केंद्र में आ गए हैं। आने वाले समय में इस विवाद के और गहराने की संभावना है।