19 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

टाटा-हावड़ा स्टील एक्सप्रेस पर ओएचई तार टूटा, स्वर्णरेखा पुल पर रुकी ट्रेन — बड़ा हादसा टला

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
टाटा-हावड़ा स्टील एक्सप्रेस पर ओएचई तार टूटा, स्वर्णरेखा पुल पर रुकी ट्रेन — बड़ा हादसा टला

सारांश

19 जुलाई की सुबह झारखंड के घाटर रेलवे पुल पर ओएचई तार टूटकर टाटा-हावड़ा स्टील एक्सप्रेस की छत पर गिरा — चिंगारियाँ उठीं, यात्री सहमे, ट्रेन बीच पुल पर रुकी। बड़ा हादसा टला, लेकिन टाटा-हावड़ा रेलखंड पर परिचालन ठप।

मुख्य बातें

19 जुलाई 2026 को सुबह करीब सात बजे घाटर रेलवे पुल पर टाटा-हावड़ा स्टील एक्सप्रेस के ऊपर ओएचई तार टूट गया।
हाई-टेंशन तार ट्रेन की छत पर गिरा , जिससे ट्रेन स्वर्णरेखा नदी के पुल पर बीच रास्ते रुक गई।
किसी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं; प्रत्यक्षदर्शियों ने चिंगारियाँ और चरमराहट की आवाज़ का ज़िक्र किया।
कई यात्री पैदल गालूडीह की ओर निकले और राष्ट्रीय राजमार्ग से वैकल्पिक साधन लिए।
टीआरडी इकाई , आरपीएफ और तकनीकी टीम मौके पर; मरम्मत पूरी होने तक टाटा-हावड़ा रेलखंड पर परिचालन प्रभावित।

टाटा-हावड़ा स्टील एक्सप्रेस के यात्री 19 जुलाई 2026 की सुबह उस समय सहम गए जब झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में स्वर्णरेखा नदी पर बने घाटर रेलवे पुल के ऊपर ओवरहेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) तार अचानक टूटकर ट्रेन की छत पर आ गिरा। रेलवे सूत्रों के अनुसार, घटना सुबह करीब सात बजे गालूडीह थाना क्षेत्र के चंद्ररेखा गाँव के समीप हुई। तत्काल बिजली आपूर्ति बाधित होने से ट्रेन बीच पुल पर ही रुक गई, किंतु किसी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है।

घटनाक्रम: कैसे टूटा तार

प्रत्यक्षदर्शी यात्रियों ने बताया कि ट्रेन के पुल पर पहुँचते ही तेज़ चरमराहट की आवाज़ सुनाई दी, इसके तुरंत बाद चिंगारियाँ निकलने लगीं। कुछ ही क्षणों में हाई-टेंशन ओएचई तार कोच की छत पर आ गिरा। बिजली आपूर्ति बाधित होते ही टाटानगर–हावड़ा मार्ग पर ट्रेन को तत्काल रोक दिया गया, जिससे यात्री अस्थायी रूप से पुल पर ही फँसे रहे।

यात्रियों में अफरातफरी, वैकल्पिक साधनों की तलाश

ट्रेन लंबे समय तक पुल पर खड़ी रहने के कारण कई यात्री नीचे उतर गए। वे रेलवे ट्रैक के सहारे पैदल गालूडीह की ओर बढ़े और राष्ट्रीय राजमार्ग तक पहुँचकर आगे की यात्रा के लिए वैकल्पिक साधनों का सहारा लिया। यात्रियों के अनुसार, घटना के शुरुआती क्षणों में डिब्बों में अफरातफरी का माहौल था, हालाँकि स्थिति जल्द नियंत्रण में आ गई।

रेलवे की त्वरित प्रतिक्रिया

घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी, तकनीकी टीम, ट्रैक्शन रोलिंग डिस्ट्रीब्यूशन (टीआरडी) इकाई और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवान तत्काल घटनास्थल पर पहुँचे। मरम्मत कार्य शुरू करने से पहले संबंधित सेक्शन की विद्युत आपूर्ति बंद कर दी गई। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि क्षतिग्रस्त तार की मरम्मत और लाइन को सुरक्षित बनाने का कार्य जारी है।

रेल परिचालन पर असर

टाटा-हावड़ा रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन घटना के कारण प्रभावित हुआ। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, क्षतिग्रस्त ओएचई तार की मरम्मत पूरी होने और लाइन को सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही इस मार्ग पर सामान्य रेल परिचालन बहाल किया जाएगा। यह रेलखंड झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच एक प्रमुख संपर्क मार्ग है, इसलिए इसका व्यापक असर अन्य ट्रेनों पर भी पड़ा।

गौरतलब है कि ओएचई तार से जुड़ी इस तरह की घटनाएँ रेलवे के विद्युतीकृत नेटवर्क पर समय-समय पर सामने आती रही हैं। रेलवे की तकनीकी टीम मरम्मत कार्य में जुटी है और जल्द से जल्द परिचालन सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और क्या इसका पालन हुआ — जिसकी जाँच रेलवे को पारदर्शी तरीके से करनी चाहिए।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टाटा-हावड़ा स्टील एक्सप्रेस पर ओएचई तार टूटने की घटना कब और कहाँ हुई?
यह घटना 19 जुलाई 2026 को सुबह करीब सात बजे झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में गालूडीह थाना क्षेत्र के चंद्ररेखा गाँव के पास घाटर रेलवे पुल पर हुई। टाटानगर से हावड़ा जा रही स्टील एक्सप्रेस के गुज़रने के दौरान ओएचई तार टूटकर ट्रेन की छत पर गिर गया।
क्या इस घटना में कोई यात्री हताहत हुआ?
रेलवे सूत्रों के अनुसार, इस घटना में किसी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालाँकि, यात्रियों ने बताया कि तार गिरने के बाद चिंगारियाँ निकलीं और डिब्बों में अफरातफरी का माहौल रहा।
टाटा-हावड़ा रेलखंड पर परिचालन कब सामान्य होगा?
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, क्षतिग्रस्त ओएचई तार की मरम्मत और लाइन को सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही परिचालन बहाल होगा। मरम्मत कार्य जारी है और सटीक समय की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
घटना के बाद यात्रियों ने क्या किया?
ट्रेन लंबे समय तक पुल पर रुकी रहने के कारण कई यात्री नीचे उतरकर रेलवे ट्रैक के सहारे पैदल गालूडीह की ओर बढ़े। वहाँ से राष्ट्रीय राजमार्ग पहुँचकर उन्होंने वैकल्पिक साधनों से आगे की यात्रा की।
रेलवे ने इस घटना पर क्या कार्रवाई की?
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी, टीआरडी इकाई, तकनीकी टीम और आरपीएफ के जवान मौके पर पहुँचे। मरम्मत से पहले संबंधित सेक्शन की विद्युत आपूर्ति बंद कर दी गई और मरम्मत कार्य शुरू किया गया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले