टाटा-हावड़ा स्टील एक्सप्रेस पर ओएचई तार टूटा, स्वर्णरेखा पुल पर रुकी ट्रेन — बड़ा हादसा टला
सारांश
मुख्य बातें
टाटा-हावड़ा स्टील एक्सप्रेस के यात्री 19 जुलाई 2026 की सुबह उस समय सहम गए जब झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में स्वर्णरेखा नदी पर बने घाटर रेलवे पुल के ऊपर ओवरहेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) तार अचानक टूटकर ट्रेन की छत पर आ गिरा। रेलवे सूत्रों के अनुसार, घटना सुबह करीब सात बजे गालूडीह थाना क्षेत्र के चंद्ररेखा गाँव के समीप हुई। तत्काल बिजली आपूर्ति बाधित होने से ट्रेन बीच पुल पर ही रुक गई, किंतु किसी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है।
घटनाक्रम: कैसे टूटा तार
प्रत्यक्षदर्शी यात्रियों ने बताया कि ट्रेन के पुल पर पहुँचते ही तेज़ चरमराहट की आवाज़ सुनाई दी, इसके तुरंत बाद चिंगारियाँ निकलने लगीं। कुछ ही क्षणों में हाई-टेंशन ओएचई तार कोच की छत पर आ गिरा। बिजली आपूर्ति बाधित होते ही टाटानगर–हावड़ा मार्ग पर ट्रेन को तत्काल रोक दिया गया, जिससे यात्री अस्थायी रूप से पुल पर ही फँसे रहे।
यात्रियों में अफरातफरी, वैकल्पिक साधनों की तलाश
ट्रेन लंबे समय तक पुल पर खड़ी रहने के कारण कई यात्री नीचे उतर गए। वे रेलवे ट्रैक के सहारे पैदल गालूडीह की ओर बढ़े और राष्ट्रीय राजमार्ग तक पहुँचकर आगे की यात्रा के लिए वैकल्पिक साधनों का सहारा लिया। यात्रियों के अनुसार, घटना के शुरुआती क्षणों में डिब्बों में अफरातफरी का माहौल था, हालाँकि स्थिति जल्द नियंत्रण में आ गई।
रेलवे की त्वरित प्रतिक्रिया
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी, तकनीकी टीम, ट्रैक्शन रोलिंग डिस्ट्रीब्यूशन (टीआरडी) इकाई और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवान तत्काल घटनास्थल पर पहुँचे। मरम्मत कार्य शुरू करने से पहले संबंधित सेक्शन की विद्युत आपूर्ति बंद कर दी गई। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि क्षतिग्रस्त तार की मरम्मत और लाइन को सुरक्षित बनाने का कार्य जारी है।
रेल परिचालन पर असर
टाटा-हावड़ा रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन घटना के कारण प्रभावित हुआ। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, क्षतिग्रस्त ओएचई तार की मरम्मत पूरी होने और लाइन को सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही इस मार्ग पर सामान्य रेल परिचालन बहाल किया जाएगा। यह रेलखंड झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच एक प्रमुख संपर्क मार्ग है, इसलिए इसका व्यापक असर अन्य ट्रेनों पर भी पड़ा।
गौरतलब है कि ओएचई तार से जुड़ी इस तरह की घटनाएँ रेलवे के विद्युतीकृत नेटवर्क पर समय-समय पर सामने आती रही हैं। रेलवे की तकनीकी टीम मरम्मत कार्य में जुटी है और जल्द से जल्द परिचालन सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।