बरनाला लाठीचार्ज और भर्ती घोटाले पर अकाली दल का राज्यपाल कटारिया से मिलने का ऐलान, सीबीआई जांच की मांग
सारांश
मुख्य बातें
शिरोमणि अकाली दल का एक वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार, 1 अगस्त को दोपहर 12 बजे चंडीगढ़ स्थित पंजाब राजभवन में राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात करेगा और दो प्रमुख मुद्दों पर ज्ञापन सौंपेगा — बरनाला लाठीचार्ज और फार्मेसी अधिकारी भर्ती पेपर लीक। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल करेंगे।
बरनाला लाठीचार्ज: मुख्य आरोप
अकाली दल का आरोप है कि बरनाला में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही महिलाओं और सफाई कर्मचारियों पर पुलिस ने बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया। पार्टी ने इस मामले में दोषी पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई और पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग राज्यपाल के समक्ष रखने का निर्णय लिया है। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है।
फार्मेसी भर्ती घोटाला और सीबीआई जांच की मांग
ज्ञापन का दूसरा बड़ा मुद्दा पंजाब फार्मेसी अधिकारी भर्ती परीक्षा में कथित पेपर लीक और घोटाला है। अकाली दल का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर धांधली हुई, जिसके चलते योग्य उम्मीदवार पिछड़ गए और अयोग्य लोगों को लाभ पहुँचाया गया। पार्टी ने पूरे मामले की सीबीआई जांच की माँग की है।
डॉ. चीमा का बयान
पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, 'ये घोटाले पंजाब में आप सरकार की भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता को बुरी तरह कमज़ोर कर चुके हैं। युवाओं के साथ धोखा हुआ है और सरकार इस पर चुप है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होगी, तब तक युवाओं को न्याय नहीं मिलेगा।
आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना
गौरतलब है कि पंजाब में पिछले कुछ महीनों से भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी और पेपर लीक के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। शिरोमणि अकाली दल पहले भी कई बार प्रदर्शन कर सीबीआई जांच की माँग कर चुका है, किंतु अब पार्टी सीधे राज्यपाल के हस्तक्षेप की माँग कर रही है — जो विपक्षी रणनीति में एक नया मोड़ है। अन्य विपक्षी दल भी इन मुद्दों पर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को घेर रहे हैं।
आगे क्या होगा
राज्यपाल से मुलाकात के दौरान सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व में पार्टी के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी उपस्थित रहेंगे। यह देखना होगा कि राज्यपाल कटारिया इन मांगों पर क्या रुख अपनाते हैं और क्या वे राज्य सरकार को कोई निर्देश जारी करते हैं।