बरनाला लाठीचार्ज: NHRC ने पंजाब के मुख्य सचिव और DGP को नोटिस, 2 हफ्ते में रिपोर्ट तलब
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने पंजाब के बरनाला में 25 जुलाई को शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों पर पुलिस द्वारा किए गए कथित लाठीचार्ज की घटना पर स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) को नोटिस जारी किया है। आयोग ने दोनों अधिकारियों से दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
मुख्य घटनाक्रम
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 25 जुलाई को बरनाला में सफाई कर्मचारी अपनी सेवाओं के नियमितीकरण, वेतन वृद्धि और नौकरी की सुरक्षा की माँग को लेकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान पंजाब पुलिस ने कथित तौर पर बिना उचित कारण के अत्यधिक बल प्रयोग किया और लाठीचार्ज किया, जिसमें महिला सफाई कर्मचारी भी शामिल थीं।
NHRC की टिप्पणी और निर्देश
आयोग ने नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा कि 'शिकायतकर्ता के आरोप पहली नज़र में पीड़ितों के मानवाधिकारों का उल्लंघन हैं।' प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली NHRC की पीठ ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम-1993 की धारा 12 के तहत इस मामले का संज्ञान लिया। रजिस्ट्री को निर्देश दिया गया है कि वह मुख्य सचिव और DGP को नोटिस जारी कर शिकायत में लगाए गए आरोपों की जाँच कराए।
अधिकारियों से माँगी गई जानकारी
NHRC ने अपने नोटिस में कई बिंदुओं पर जवाब माँगा है। आयोग ने बल प्रयोग की वास्तविक पृष्ठभूमि, कारण और औचित्य स्पष्ट करने को कहा है। इसके साथ ही महिला सफाई कर्मचारियों पर लाठीचार्ज का आदेश देने वाले अधिकारी की पहचान, लाठीचार्ज में घायल कर्मचारियों की संख्या और उनकी वर्तमान चिकित्सा स्थिति की जानकारी भी माँगी गई है।
आम जनता और कर्मचारियों पर असर
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देशभर में सफाई कर्मचारियों के नियमितीकरण और कार्य-स्थितियों में सुधार की माँग लंबे समय से उठती रही है। गौरतलब है कि इस वर्ग के कर्मचारी अधिकांशतः अनुसूचित जाति से आते हैं और उनकी माँगें श्रम अधिकारों के साथ-साथ सामाजिक न्याय से भी जुड़ी हैं। NHRC का हस्तक्षेप इस मामले को राष्ट्रीय स्तर पर महत्व देता है।
क्या होगा आगे
पंजाब सरकार के मुख्य सचिव और DGP को अब दो सप्ताह के भीतर NHRC को विस्तृत रिपोर्ट सौंपनी होगी। आयोग की प्रतिक्रिया के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पंजाब सरकार घायल कर्मचारियों के उपचार और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध क्या कदम उठाती है।