बरनाला लाठीचार्ज: डीएसपी सतवीर सिंह तत्काल निलंबित, सफाई कर्मचारियों का आंदोलन जारी
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के बरनाला में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों पर कथित लाठीचार्ज और मारपीट के मामले में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देश पर डीएसपी सतवीर सिंह को 24 जुलाई को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। यह कार्रवाई वाल्मीकि समुदाय और सफाई कर्मचारी संगठनों के बढ़ते विरोध के बीच की गई है।
मुख्य घटनाक्रम
बरनाला में अपनी माँगों को लेकर धरना दे रहे सफाई कर्मचारियों पर पुलिस और सिविल प्रशासन द्वारा कथित तौर पर बल प्रयोग किए जाने के बाद यह विवाद तूल पकड़ा। प्रदर्शनकारियों में महिला सफाई कर्मचारी भी शामिल थीं। घटना के बाद वाल्मीकि समुदाय और विभिन्न सफाई कर्मचारी संगठनों ने पंजाब के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए।
जालंधर में हुए प्रदर्शन के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता दीपक तेलू ने आरोप लगाया कि बरनाला में शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों — जिनमें महिलाएँ भी थीं — पर पुलिस और प्रशासन ने बल प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि वे स्वयं बरनाला जाकर स्थिति का जायज़ा ले आए हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया
आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व विधायक और सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'बरनाला में सफाई कर्मचारियों के साथ हुई घटना अत्यंत निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण थी। इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री के निर्देश पर संबंधित डीएसपी सतवीर सिंह को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।' सरकार की ओर से डीएसपी का निलंबन इस मामले में प्रारंभिक कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
संगठनों की माँगें
सैनिटरी सुपरवाइजर कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष बंटू सभरवाल ने घटना को शर्मनाक बताते हुए स्पष्ट किया कि केवल डीएसपी के निलंबन से मामला समाप्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि जब तक संबंधित एसएसपी, डीएसपी, एसएचओ और कार्यकारी अधिकारी (ईओ) के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
सफाई कर्मचारी संगठनों ने घटना की निष्पक्ष जाँच और सभी दोषी अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कदम उठाने की माँग की है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में हुआ है जब राज्य में सफाई कर्मचारियों के सेवा-संबंधी मुद्दे लंबे समय से अनसुलझे हैं।
आगे क्या होगा
मामले की आगे की जाँच और अन्य आरोपी अधिकारियों पर कार्रवाई को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि सभी दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो विरोध प्रदर्शन और तेज़ होंगे। पंजाब सरकार पर अब यह दबाव है कि वह केवल एक अधिकारी के निलंबन तक सीमित न रहे, बल्कि पूरे मामले की पारदर्शी जाँच सुनिश्चित करे।