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बरनाला लाठीचार्ज: कांग्रेस ने एनसीएससी से मांगा हस्तक्षेप, भगवंत मान को ठहराया जिम्मेदार

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बरनाला लाठीचार्ज: कांग्रेस ने एनसीएससी से मांगा हस्तक्षेप, भगवंत मान को ठहराया जिम्मेदार

सारांश

बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर कथित लाठीचार्ज के बाद कांग्रेस ने एनसीएससी का दरवाजा खटखटाया और मुख्यमंत्री भगवंत मान को सीधे जिम्मेदार ठहराया। पंजाब कांग्रेस अब हाईकोर्ट जाने की तैयारी में है — यह मामला अनुसूचित जाति के संवैधानिक अधिकारों और AAP सरकार की जवाबदेही दोनों को केंद्र में ला रहा है।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसदों ने 28 जुलाई को एनसीएससी चेयरमैन किशोर मकवाना को ज्ञापन सौंपा।
बरनाला में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान अनुसूचित जाति के सफाई कर्मचारियों पर कथित लाठीचार्ज में कई कर्मचारी घायल हुए।
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने मुख्यमंत्री व गृह मंत्री भगवंत मान को सीधे जिम्मेदार ठहराया।
कांग्रेस ने एनसीएससी से जांच, सरकारी रिपोर्ट तलब करने और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की चार सूत्री मांग रखी।
पंजाब कांग्रेस दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्च न्यायालय जाने की तैयारी में है।

कांग्रेस सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने 28 जुलाई को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) को ज्ञापन सौंपकर पंजाब के बरनाला में अनुसूचित जाति के सफाई कर्मचारियों पर हुए कथित लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने अत्यधिक बल प्रयोग किया, जिससे कई कर्मचारी घायल हो गए।

मुख्य घटनाक्रम

एनसीएससी के चेयरमैन किशोर मकवाना को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि सफाई कर्मचारी अपने जायज अधिकारों के लिए शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन जिला प्रशासन और पुलिस ने उनकी शिकायतें सुनने के बजाय लाठीचार्ज का सहारा लिया। कांग्रेस का कहना है कि इस कार्रवाई से अनुसूचित जाति समुदाय के संवैधानिक अधिकारों, सम्मान और सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठते हैं।

सरकार पर सीधा हमला

पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया, क्योंकि गृह विभाग — जिसके अंतर्गत पुलिस आती है — उन्हीं के अधीन है। वड़िंग ने बरगाड़ी गोलीकांड का हवाला देते हुए कहा कि जिस तरह शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर बादल को उस घटना के लिए जवाबदेह माना गया, उसी तरह भगवंत मान को भी इस लाठीचार्ज की जिम्मेदारी लेनी होगी।

एनसीएससी से चार सूत्री मांग

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने आयोग से चार प्रमुख कदम उठाने का आग्रह किया — अपने संवैधानिक अधिकार क्षेत्र के तहत मामले की जांच करना, पंजाब सरकार और बरनाला जिला प्रशासन से आधिकारिक रिपोर्ट तलब करना, स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करना और प्रभावित कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस उपाय सुझाना। ज्ञापन में दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कानून के अनुसार जवाबदेही तय करने की भी मांग की गई।

आगे क्या होगा

वड़िंग ने घोषणा की कि पंजाब कांग्रेस इस मामले को उच्च न्यायालय में ले जाएगी और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ सफाई कर्मचारियों को न्याय दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई जारी रखेगी। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पहले से ही विपक्षी दबाव में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो AAP सरकार के 'दलित-समर्थक' छवि के दावों को सीधी चुनौती देता है। कांग्रेस का एनसीएससी दरवाजा खटखटाना रणनीतिक तो है, लेकिन असली परीक्षा यह है कि आयोग अपने संवैधानिक अधिकार का कितनी तत्परता से उपयोग करता है — पिछले कई मामलों में आयोग की सिफारिशें कागजों तक सीमित रही हैं। वड़िंग का बरगाड़ी से तुलना करना राजनीतिक तौर पर प्रभावी है, लेकिन न्यायिक मार्ग ही वह रास्ता होगा जो वास्तविक जवाबदेही तय कर सकता है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बरनाला लाठीचार्ज मामला क्या है?
पंजाब के बरनाला में अनुसूचित जाति के सफाई कर्मचारी अपने जायज अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, जिस दौरान पुलिस ने कथित तौर पर लाठीचार्ज किया और कई कर्मचारी घायल हो गए। कांग्रेस ने इसे अनुसूचित जाति समुदाय के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताया है।
कांग्रेस ने एनसीएससी से क्या मांग की है?
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग से मामले की स्वतंत्र जांच, पंजाब सरकार और बरनाला जिला प्रशासन से रिपोर्ट तलब करने, दोषियों पर कानूनी कार्रवाई और प्रभावित कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के उपाय सुझाने की मांग की है।
भगवंत मान को इस मामले में जिम्मेदार क्यों ठहराया जा रहा है?
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग का तर्क है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान गृह विभाग के प्रभारी भी हैं, जिसके अंतर्गत पुलिस आती है, इसलिए पुलिस की कार्रवाई की जिम्मेदारी सीधे उन पर आती है।
पंजाब कांग्रेस आगे क्या कदम उठाएगी?
वड़िंग ने घोषणा की है कि पंजाब कांग्रेस उच्च न्यायालय में याचिका दायर करेगी और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई तथा सफाई कर्मचारियों को न्याय दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई जारी रखेगी।
एनसीएससी इस मामले में क्या कर सकता है?
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को संविधान के अनुच्छेद 338 के तहत अनुसूचित जाति के अधिकारों की रक्षा के मामलों की जांच करने और सरकार से रिपोर्ट तलब करने का अधिकार है। आयोग राज्य सरकार को जवाबदेह ठहरा सकता है और उचित कार्रवाई की सिफारिश कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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