24 जुलाई 2026
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बरनाला लाठीचार्ज के विरोध में पंजाब के 25 हज़ार सफाई कर्मचारी हड़ताल पर, शहरों में कचरा संकट गहराया

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बरनाला लाठीचार्ज के विरोध में पंजाब के 25 हज़ार सफाई कर्मचारी हड़ताल पर, शहरों में कचरा संकट गहराया

सारांश

बरनाला में पुलिस लाठीचार्ज की चिंगारी ने पंजाब की सफाई व्यवस्था को झकझोर दिया है। 25 हज़ार कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से 166 नगरीय निकायों में काम ठप है। माँगें न मानी गईं तो मानसून में शहरों का कचरा संकट स्वास्थ्य आपातकाल बन सकता है।

मुख्य बातें

24 जुलाई को बरनाला लाठीचार्ज के विरोध में पंजाब के लगभग 25 हज़ार सफाई कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए।
हड़ताल में 166 नगर काउंसिलों, नगर पंचायतों और नगर निगमों के कर्मचारी शामिल हैं।
संगठन की माँग — बरनाला घटना के जिम्मेदार एसएचओ, डीएसपी और एसएसपी को तत्काल निलंबित किया जाए।
दोषी पुलिसकर्मियों पर SC/ST अधिनियम , इरादा कत्ल और महिला उत्पीड़न के तहत मामला दर्ज करने की माँग।
शहरों में कचरा उठाना बंद होने से जगह-जगह गंदगी के ढेर, स्वास्थ्य संकट की आशंका।
पंजाब सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं।

बरनाला में पुलिस के लाठीचार्ज के विरोध में पंजाब नगर पालिका कर्मचारी संगठन ने 24 जुलाई को अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान कर दिया। संगठन के अनुसार पंजाब की 166 नगर काउंसिलों, नगर पंचायतों और नगर निगमों के लगभग 25 हज़ार सफाई कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल हो चुके हैं, जिससे राज्यभर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है।

मुख्य घटनाक्रम

संगठन के पंजाब अध्यक्ष गोपाल थापर ने पुलिस प्रशासन की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि जब तक कर्मचारियों की माँगें पूरी नहीं होतीं, हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में पहले कभी सफाई कर्मचारियों पर लाठीचार्ज नहीं हुआ था, और यह घटना अभूतपूर्व है।

हड़ताल शुरू होते ही शहरों में कचरा उठाने का काम बंद हो गया है। जगह-जगह गंदगी के ढेर लगने की खबरें आ रही हैं, जिससे आम नागरिकों की परेशानियाँ बढ़ना तय माना जा रहा है।

कर्मचारियों की माँगें

संगठन ने पंजाब सरकार के सामने कई ठोस माँगें रखी हैं। गोपाल थापर के अनुसार, बरनाला घटना के लिए जिम्मेदार एसएचओ, डीएसपी और एसएसपी को तत्काल निलंबित किया जाए। इसके अलावा दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाए। संगठन ने यह भी माँग की है कि संबंधित पुलिसकर्मियों पर इरादा कत्ल और महिलाओं से छेड़छाड़ के गंभीर आरोपों के तहत प्राथमिकी दर्ज हो।

सरकार की प्रतिक्रिया

संगठन के अध्यक्ष गोपाल थापर ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार इस पूरे घटनाक्रम पर चुप है। उन्होंने कहा, अरविंद केजरीवाल दिल्ली में मगरमच्छ के आँसू बहा रहे हैं और पंजाब में अत्याचार हो रहा है।' थापर ने यह भी आरोप लगाया कि पंजाब सरकार केजरीवाल के निर्देशों पर काम कर रही है। पंजाब सरकार की ओर से इस मामले में अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

आम जनता पर असर

पंजाब के शहरी इलाकों में सफाई कर्मचारियों की अनुपस्थिति से कचरा संकट तेज़ी से गहरा रहा है। 166 नगरीय निकायों में कामकाज ठप होने से स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ सकते हैं, खासकर मानसून के मौसम में जब संक्रामक बीमारियों का जोखिम पहले से अधिक होता है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में स्वच्छता अभियानों को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं।

क्या होगा आगे

गोपाल थापर ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की, तो संघर्ष को और तेज़ किया जाएगा। संगठन के अनुसार हड़ताल अनिश्चितकालीन है और माँगें पूरी होने तक जारी रहेगी। पंजाब सरकार पर अब दोहरा दबाव है — एक तरफ कर्मचारियों की न्यायिक माँगें, दूसरी तरफ शहरों में बढ़ता कचरा संकट।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो अधिकांशतः दलित समुदाय से आते हैं। आम आदमी पार्टी की सरकार, जिसने सत्ता में आते वक्त दलित अधिकारों और सरकारी कर्मचारियों के सम्मान का वादा किया था, अब उसी वर्ग के विरोध का सामना कर रही है — यह विरोधाभास राजनीतिक रूप से महंगा साबित हो सकता है। मानसून के मौसम में 166 नगरीय निकायों में सफाई ठप होने का मतलब है कि यह संकट जल्द ही प्रशासनिक से सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट में बदल सकता है। सरकार की चुप्पी अभी तक की सबसे बड़ी चूक है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजाब के सफाई कर्मचारी हड़ताल पर क्यों गए हैं?
बरनाला में पुलिस द्वारा सफाई कर्मचारियों पर किए गए लाठीचार्ज के विरोध में पंजाब नगर पालिका कर्मचारी संगठन ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है। संगठन का कहना है कि यह हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक उनकी माँगें पूरी नहीं होतीं।
हड़ताल में कितने कर्मचारी शामिल हैं और किन इलाकों पर असर पड़ेगा?
संगठन के अनुसार पंजाब की 166 नगर काउंसिलों, नगर पंचायतों और नगर निगमों के लगभग 25 हज़ार सफाई कर्मचारी हड़ताल में शामिल हो चुके हैं। राज्य के अधिकांश शहरी इलाकों में कचरा उठाने का काम पूरी तरह बंद हो गया है।
सफाई कर्मचारी संगठन की मुख्य माँगें क्या हैं?
संगठन ने माँग की है कि बरनाला घटना के लिए जिम्मेदार एसएचओ, डीएसपी और एसएसपी को तत्काल निलंबित किया जाए। इसके साथ ही दोषी पुलिस अधिकारियों पर SC/ST अधिनियम, इरादा कत्ल और महिला उत्पीड़न के तहत मामला दर्ज करने की माँग भी रखी गई है।
इस हड़ताल से आम जनता पर क्या असर पड़ेगा?
हड़ताल के कारण पंजाब के शहरों में कचरा उठाने का काम बंद है, जिससे जगह-जगह गंदगी के ढेर लग रहे हैं। मानसून के मौसम में यह स्थिति संक्रामक बीमारियों के खतरे को बढ़ा सकती है और आम नागरिकों की परेशानियाँ तेज़ी से बढ़ सकती हैं।
पंजाब सरकार ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं?
संगठन के अध्यक्ष गोपाल थापर के अनुसार पंजाब सरकार इस पूरे घटनाक्रम पर अब तक चुप है। सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान या कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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