16 जुलाई 2026
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नीट पेपर लीक पर केजरीवाल का हमला: 'वायुसेना विमान दिखावा, जड़ तक नहीं पहुँच रही सरकार'

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नीट पेपर लीक पर केजरीवाल का हमला: 'वायुसेना विमान दिखावा, जड़ तक नहीं पहुँच रही सरकार'

सारांश

केजरीवाल ने नीट पेपर लीक पर केंद्र सरकार को सीधे कठघरे में खड़ा किया — वायुसेना विमान से प्रश्नपत्र ले जाने की योजना को 'दिखावा' करार दिया और माँग की कि सरकार लीक की असली जड़ तलाशे, न कि ऊपरी पट्टी बाँधे।

मुख्य बातें

अरविंद केजरीवाल ने 30 मई को केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह नीट पेपर लीक की जड़ तक पहुँचने के बजाय दिखावटी कदम उठा रही है।
सरकार की वायुसेना विमान और बुलेटप्रूफ वाहनों से प्रश्नपत्र परिवहन की घोषणा को उन्होंने 'समस्या का समाधान नहीं, महज दिखावा' बताया।
छात्र वेदांत के मामले का हवाला दिया, जिसमें आरोप है कि उसकी फिजिक्स उत्तरपुस्तिका बदल दी गई और सोशल मीडिया पर बात रखने पर उसे ट्रोलिंग झेलनी पड़ी।
केजरीवाल — IIT से इंजीनियर — ने कहा कि देश की पूरी शिक्षा व्यवस्था शिक्षा माफिया के चंगुल में है।
छात्रों, अभिभावकों और समाज से एकजुट होकर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की माँग उठाने की अपील की।

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 30 मई को केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि सरकार नीट परीक्षा में पेपर लीक की जड़ तक पहुँचने के बजाय महज दिखावटी उपाय अपना रही है। उन्होंने यह भी कहा कि देश को एक ऐसे शिक्षित प्रधानमंत्री की ज़रूरत है जो शिक्षा व्यवस्था की असली समस्याओं को पहचान सके और उनका ठोस समाधान निकाल सके।

वायुसेना विमान और बुलेटप्रूफ वाहन — असली समाधान या दिखावा?

केजरीवाल ने केंद्र सरकार की उस घोषणा पर सीधा सवाल उठाया जिसमें नीट परीक्षा के प्रश्नपत्रों को वायुसेना के विमानों और बुलेटप्रूफ वाहनों के ज़रिये परिवहन करने की बात कही गई है। उन्होंने पूछा कि क्या एयरफोर्स के विमान इस्तेमाल करने भर से पेपर लीक रुक जाएगा? उनके अनुसार, दुनिया के तमाम देशों में बड़ी-बड़ी परीक्षाएँ आयोजित होती हैं, लेकिन कहीं भी प्रश्नपत्रों को इस तरह की सुरक्षा व्यवस्था में ले जाने की नौबत नहीं आती।

सरकार की नीयत पर सवाल

केजरीवाल ने कहा कि यदि सरकार की मंशा वास्तव में सही होती, तो वह यह पता लगाने की कोशिश करती कि प्रश्नपत्र कहाँ से लीक हो रहे हैं और उन खामियों को दूर करती। उनका आरोप है कि सरकार असली समस्या को छिपाने में लगी है और शिक्षा व्यवस्था को सुधारने का कोई गंभीर इरादा नहीं दिखाती। यह ऐसे समय में आया है जब नीट विवाद पहले से ही लाखों छात्रों के भविष्य को लेकर देशभर में बहस का केंद्र बना हुआ है।

छात्र वेदांत का मामला और शिक्षा माफिया

AAP नेता ने हाल ही में चर्चा में आए छात्र वेदांत के मामले का विशेष उल्लेख किया। उनके अनुसार, वेदांत ने आरोप लगाया है कि उसकी भौतिक विज्ञान (फिजिक्स) की उत्तरपुस्तिका किसी अन्य छात्र की कॉपी से बदल दी गई, जिसके कारण उसे अपेक्षा से कम अंक मिले। जब छात्र ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखी, तो उसे ट्रोलिंग और तरह-तरह के आरोपों का सामना करना पड़ा। केजरीवाल ने कहा कि इस तरह की घटनाएँ छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा नकारात्मक असर डालती हैं और अकेले किसी एक छात्र के लिए शिक्षा माफिया से लड़ना संभव नहीं है।

एकजुटता की अपील और आगे की राह

केजरीवाल — जो स्वयं IIT से इंजीनियर हैं — ने छात्रों, अभिभावकों और समाज के सभी वर्गों से एकजुट होकर आवाज़ उठाने की अपील की। उनका कहना है कि जब तक देश के हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिलती, तब तक भारत वास्तविक विकास नहीं कर सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि यह मुद्दा केवल छात्रों के वर्तमान का नहीं, बल्कि पूरे देश के भविष्य का सवाल है। परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जनता का विश्वास बहाल करना, उनके अनुसार, इस वक्त की सबसे बड़ी ज़रूरत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि नीट जैसी परीक्षाओं में बार-बार लीक क्यों होती है — और इसका जवाब न तो वायुसेना के विमानों में है, न विपक्ष के बयानों में। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में एक दर्जन से अधिक राज्यों में पेपर लीक के मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें केंद्र और राज्य — दोनों स्तरों पर प्रशासनिक विफलता उजागर हुई है। वेदांत जैसे व्यक्तिगत मामलों को राष्ट्रीय विमर्श में लाना ज़रूरी है, लेकिन इसके साथ ही यह भी पूछा जाना चाहिए कि AAP शासित राज्यों में परीक्षा पारदर्शिता का रिकॉर्ड क्या रहा है। जब तक कोई भी दल जवाबदेही से ऊपर रहेगा, 'शिक्षा माफिया' की बात नारा बनकर रह जाएगी, नीति नहीं।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केजरीवाल ने नीट पेपर लीक पर सरकार की किस घोषणा की आलोचना की?
केजरीवाल ने केंद्र सरकार की उस घोषणा की आलोचना की जिसमें नीट परीक्षा के प्रश्नपत्रों को वायुसेना के विमानों और बुलेटप्रूफ वाहनों से परिवहन करने की बात कही गई। उन्होंने इसे समस्या का असली समाधान नहीं, बल्कि महज दिखावा बताया।
छात्र वेदांत का मामला क्या है जिसका केजरीवाल ने उल्लेख किया?
वेदांत ने आरोप लगाया है कि नीट परीक्षा में उसकी भौतिक विज्ञान (फिजिक्स) की उत्तरपुस्तिका किसी अन्य छात्र की कॉपी से बदल दी गई, जिससे उसे अपेक्षा से कम अंक मिले। जब उसने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखी तो उसे ट्रोलिंग और आरोपों का सामना करना पड़ा।
केजरीवाल के अनुसार नीट पेपर लीक की असली समस्या क्या है?
केजरीवाल का कहना है कि सरकार यह पता लगाने की कोशिश नहीं कर रही कि प्रश्नपत्र कहाँ से लीक होते हैं। उनके अनुसार देश की पूरी शिक्षा व्यवस्था शिक्षा माफिया के चंगुल में है और जब तक इस पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, छात्रों का भविष्य खतरे में रहेगा।
केजरीवाल ने छात्रों और अभिभावकों से क्या अपील की?
उन्होंने छात्रों, अभिभावकों और समाज के सभी वर्गों से एकजुट होकर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुधार की माँग उठाने की अपील की। उनका कहना है कि सामूहिक दबाव के बिना सरकार ठोस कदम नहीं उठाएगी।
क्या केजरीवाल का शिक्षा से कोई व्यक्तिगत जुड़ाव है?
हाँ, अरविंद केजरीवाल स्वयं IIT से इंजीनियर हैं। उन्होंने इसी आधार पर कहा कि वे शिक्षा के महत्व को गहराई से समझते हैं और देश को एक ऐसे शिक्षित प्रधानमंत्री की ज़रूरत है जो शिक्षा व्यवस्था की समस्याओं का वास्तविक समाधान निकाल सके।
राष्ट्र प्रेस
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