खान सर का NEET-UG पेपर लीक पर बड़ा बयान: 'सुरक्षा प्रिंटिंग से शुरू हो, परिवहन से नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
जाने-माने शिक्षक खान सर ने 1 जून 2026 को पटना में NEET-UG पेपर लीक विवाद पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रश्न पत्रों की सुरक्षा की असली लड़ाई उनके परिवहन में नहीं, बल्कि उनके निर्माण और मुद्रण के चरण में लड़ी जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेपर लीक की घटनाएँ न केवल लाखों छात्रों का भविष्य दाँव पर लगाती हैं, बल्कि शिक्षकों को भी महीनों की मेहनत दोबारा करने पर मजबूर करती हैं।
परिवहन नहीं, निर्माण स्थल है असली कमज़ोर कड़ी
उन रिपोर्टों पर अपनी राय रखते हुए जिनमें कहा गया था कि 21 जून को होने वाली NEET-UG पुनर्परीक्षा के प्रश्न पत्र भारतीय वायु सेना की मदद से पहुँचाए जाएँगे, खान सर ने तर्क दिया कि यह उपाय समस्या की जड़ को नहीं छूता।
उन्होंने कहा, 'समस्या इस बात में नहीं है कि पेपर कैसे पहुँचाया जाता है। चाहे उसे ट्रेन, हेलीकॉप्टर, रॉकेट या मिसाइल से ले जाया जाए, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, अगर पेपर लीक होने की शुरुआत ही उसके बनने की जगह से हो रही हो। जहाँ पेपर बनाया जाता है, उसे संभाला जाता है और प्रिंट किया जाता है, वहाँ सबसे कड़े सुरक्षा उपाय लागू किए जाने चाहिए। असली चुनौती तो वहीं से शुरू होती है।'
छात्रों और शिक्षकों पर मानसिक असर
खान सर ने पेपर लीक के व्यापक मानवीय असर पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, 'जब पेपर लीक होता है, तो छात्रों को तो नुकसान होता ही है, लेकिन शिक्षकों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। उन्हें वही सिलेबस फिर से पढ़ाना पड़ता है और छात्रों को नई परीक्षा के लिए तैयार करने में ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इसमें शामिल सभी लोगों के लिए यह मानसिक रूप से बहुत थकाने वाला अनुभव होता है।'
यह ऐसे समय में आया है जब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 3 मई 2026 को हुई मूल NEET-UG परीक्षा को रद्द कर दिया था, क्योंकि जाँच में यह बात सामने आई थी कि परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्न पत्र के कुछ हिस्से कथित तौर पर लीक हो गए थे।
बिहार पुलिस भर्ती: पारदर्शिता की मिसाल
इसी संदर्भ में खान सर ने बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा के नतीजों का उदाहरण देते हुए कहा कि एक निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया से मिली सफलता का आनंद ही अलग होता है। उन्होंने कहा, 'यह जानकर बहुत अच्छा लग रहा है कि इन उम्मीदवारों ने अपनी सफलता पूरी ईमानदारी से हासिल की है और अब वे देश की सेवा करेंगे। अगर पेपर लीक हो गया होता, तो शायद कई काबिल उम्मीदवार इस मौके से वंचित रह जाते।'
सीबीआई जाँच और कानूनी कार्रवाई की माँग
गौरतलब है कि इस मामले की जाँच कर रही केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें पेपर का अनुवाद करने वाले, विषय विशेषज्ञ और ऐसे बिचौलिए शामिल हैं, जिन पर देश भर में 20 लाख से अधिक उम्मीदवारों द्वारा दी गई परीक्षा से पहले ही उसकी सामग्री लीक करवाने का आरोप है।
खान सर ने अपने छात्रों से भी पूछा कि ऐसे अपराधियों को क्या सज़ा मिलनी चाहिए। छात्रों ने एकमत से कड़ी सज़ा की माँग की। खान सर ने इस पर सहमति जताते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पवित्रता बनाए रखने के लिए सख्त कानूनी कार्रवाई अपरिहार्य है।
आगे क्या होगा
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने घोषणा की है कि 21 जून 2026 को होने वाली पुनर्परीक्षा के प्रश्न पत्र भारतीय वायु सेना की मदद से पहुँचाए जाएँगे। पुनर्परीक्षा के एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी होने की उम्मीद है। CBI की जाँच जारी है और विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक प्रश्न पत्र निर्माण और मुद्रण केंद्रों पर निगरानी नहीं बढ़ती, तब तक ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति से इनकार नहीं किया जा सकता।